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Pakistan: पीएम शरीफ ने सेना के खिलाफ दुष्प्रचार की निंदा की; सफदर का दावा- नवाज को मनाने लंदन गए थे अधिकारी
Wed, 24 Jul 2024 11:56 PM IST
दीपक कुमार शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Wed, 24 Jul 2024 11:56 PM IST
सार
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संघीय मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने सेना के खिलाफ दुष्प्रचार की निंदा करते हुए चेतावनी दी कि दुष्प्रचार अभियान को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। कहा कि ऐसे दुर्भावनापूर्ण अभियानों के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत है।
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी की ओर से सेना के खिलाफ किए जा रहे कथित दुष्प्रचार की निंदा की। शरीफ ने सख्त लहजे में कहा कि इस तरह की चीजों को बिलकुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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इससे दो दिन पहले सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ ने कहा था कि एक बड़ा राजनीतिक माफिया नए आतंकवाद-रोधी अभियान 'अज्म-ए-इस्तेहकाम' को नाकाम करने के लिए उठ खड़ा हुआ है। माफिया का पहला कदम झूठे तथा फर्जी तर्कों के जरिए अभियान को विवादास्पद बनाना है।
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सशस्त्र बलों ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दिया बलिदान: शरीफ
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संघीय मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने सेना के खिलाफ दुष्प्रचार की निंदा करते हुए चेतावनी दी कि दुष्प्रचार अभियान को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। कहा कि ऐसे दुर्भावनापूर्ण अभियानों के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत है। 'हमारे सशस्त्र बलों ने देश में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में काफी बलिदान दिया है।'
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जर्मनी-लंदन में पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास पर हमलों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया
बैठक के दौरान पीएम शरीफ ने पिछले साल नौ मई को हुए दंगों के लिए जिम्मेदार समूहों की भी निंदा की। उन पर देश में अशांति फैलाने के लिए नई रणनीति अपनाने का आरोप लगाया। साथ ही जर्मनी और लंदन में पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास पर हाल में अफगान नागरिकों द्वारा किए गए हमलों का भी जिक्र किया और उन्हें अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
बैठक से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट ने पीटीआई पर प्रतिबंध लगाने, पूर्व राष्ट्रपति आरिफ अल्वी, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और नेशनल असेंबली के पूर्व उपाध्यक्ष कासिम सूरी के खिलाफ देशद्रोह का मामला चलाने के फैसले को टाल दिया है।
नवाज को पाकिस्तान लौटने के लिए मनाने के मकसद से लंदन गए थे सेना के अधिकारी: सफदर
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के प्रमुख नवाज शरीफ के दामाद कैप्टन (सेवानिवृत्त) मोहम्मद सफदर ने बुधवार को दावा किया कि सेना ने 2022 में शरीफ को स्वदेश वापस लाने के लिए मनाने के मकसद से अपने अधिकारियों को लंदन भेजा था ताकि देश को इमरान खान की सरकार में विनाश से बचाया जा सके।
सेना के अधिकारियों ने नवाज के पैर पकड़कर किया अनुरोध
सफदर ने सत्तारूढ़ पीएमएल-एन के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, 'सेना के अधिकारी (2022 में) लंदन गए थे और उन्होंने नवाज शरीफ के पैर पकड़कर उनसे पाकिस्तान लौटने तथा देश को (पूर्व प्रधानमंत्री) इमरान खान के विनाश से बचाने का अनुरोध किया था।' जब नवाज चौथी बार प्रधानमंत्री बनने के लिए लौटे तो ताकतवर हलकों (सेना) ने इसका विरोध किया। कहा, 'शरीफ को प्रधानमंत्री बनने से रोकने के लिए उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि वह एनए-15 मानसेहरा से चुनाव हार जाएं।'