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Hindi News ›   World ›   Pakistan PM Shahbaz Sharif invites Turkey to join China-Pakistan Economic Corridor

Pakistan: शहबाज शरीफ ने तुर्की को CPEC में शामिल होने के लिए किया आमंत्रित, बोले- क्षेत्र में समृद्धि आएगी

Wed, 02 Aug 2023 10:10 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 02 Aug 2023 10:10 PM IST
सार

Pakistan: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को तुर्की को सीपीईसी में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया और कहा कि इसे त्रिपक्षीय परियोजना के रूप में बदल दिया जाए ताकि तीनों मित्र राष्ट्रीय इसकी क्षमता का लाभ उठा सकें। 

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Pakistan PM Shahbaz Sharif invites Turkey to join China-Pakistan Economic Corridor
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ - फोटो : Facebook : @ShehbazSharif

विस्तार

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को तुर्की को चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया और कहा कि इसे त्रिपक्षीय परियोजना के रूप में बदल दिया जाए ताकि तीनों मित्र राष्ट्रीय इसकी क्षमता का लाभ उठा सकें। 

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शरीफ ने कराची शिपयार्ड में एक समारोह में पाकिस्तानी नौसेना के बेड़े में शामिल किए गए चौथे एमआईएलजीईएम श्रेणी के युद्धपोत पीएनएस तारिक के लॉन्च समारोह में यह टिप्पणी की। 2018 में शुरू की गई एमआईएलजीईएम परियोजना में पाकिस्तानी नौसेना के लिए चार कार्वेट के निर्माण की परिकल्पना की गई थी - दो पाकिस्तान में और दो तुर्की में। तुर्की के उपराष्ट्रपति सेवडेट यिलमाज भी समारोह में मौजूद थे।

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सीपीईसी में शामिल होने के लिए तुर्की को पिछले साल के अपने निमंत्रण को दोहराते हुए शहबाज शरीफ ने कहा कि अरबों डॉलर की बुनियादी ढांचा परियोजना को त्रिपक्षीय व्यवस्था में बदलने से क्षेत्रीय समृद्धि आएगी और शिक्षा एवं स्वास्थ्य सहित सर्वश्रेष्ठ सुविधाओं के माध्यम से लोग सशक्त होंगे। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि तीनों राष्ट्र सीपीईसी की क्षमता से लाभान्वित हो सकते हैं जो एक बड़ी सफलता होगी।'

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पाकिस्तान और चीन अपने संबंधों को सदाबहार बताते हैं, जबकि पाकिस्तान और तुर्की दोनों मुस्लिम बहुल देशों के बीच करीबी द्विपक्षीय संबंध हैं। शरीफ ने कराची के पोर्ट कासिम को सीपीईसी के तहत बने बलूचिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से जोड़ने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कराची के पोर्ट कासिम पर बढ़ते बोझ के बाद पाकिस्तान को कराची और ग्वादर बंदरगाहों के बीच संपर्क बनाने की जरूरत है क्योंकि ग्वादर देश के साथ-साथ क्षेत्र के लिए एक व्यापारिक केंद्र बनने वाला है।

सीपीईसी 60 अरब डॉलर की परियोजना है जिसके बारे में इस्लामाबाद का कहना है कि यह देश के बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, औद्योगिकीकरण, सामाजिक-आर्थिक विकास की जरूरतों में सुधार करके और लोगों की आजीविका में सुधार लाकर पाकिस्तान को बदल देगी। सीपीईसी चीन के उत्तर-पश्चिम शिनजियांग उइघुर स्वायत्त क्षेत्र और पश्चिमी पाकिस्तान प्रांत बलूचिस्तान में ग्वादर बंदरगाह को जोड़ने वाली बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का 3,000 किलोमीटर लंबा मार्ग है।
 

भारत ने सीपीईसी को लेकर चीन के समक्ष विरोध जताया है क्योंकि यह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से होकर गुजर रहा है।

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