पाकिस्तान: नई परंपरा शुरू कर रहे हैं इमरान, आईएसआई चीफ की नियुक्ति के लिए लेंगे कड़ा इंटरव्यू
दो महीने पहले जुलाई में आजाद जम्मू-कश्मीर के प्रधानमंत्री पद के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान ने उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया था और उनसे कई तरह के सवाल पूछे थे। उम्मीदवारों से भविष्य की योजना, पर्यटन, पर्यावरण, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों के अलावा सीमा विवाद से जुड़े सवाल पूछे गए थे। ये बात खुद सूचना मंत्री ने बताई थी...
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पाकिस्तान की सियासी फिज़ा बदलने वाली है। प्रधानमंत्री इमरान खान अब अपनी खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) की शक्लो सूरत बदलने जा रहे हैं। अभी तक आईएसआई के मुखिया यानी डायरेक्टर जनरल (डीजी) की नियुक्ति परंपरागत तौर पर उन तीन नामों में से एक का होता था, जो इस पद से विदा लेने वाले डीजी ही प्रस्तावित करते थे। लेकिन अब प्रधानमंत्री इमरान खान इस पद के लिए बाकायदा इंटरव्यू लेकर नया डीजी नियुक्त करने जा रहे हैं। इस पद के दावेदारों का एक जटिल इंटरव्यू लेकर इमरान खान और चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ यानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा, इनमें से किसी एक को चुनेंगे। जल्दी ही आईएसआई के नए मुखिया का चयन कर लिया जाएगा।
पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन के मुताबिक इमरान खान ने पाकिस्तानी संसद में खुद अपनी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ की संसदीय समिति की बैठक में ये एलान किया और ये भी कहा कि उनकी सरकार को कोई खतरा नहीं है। सरकार पूरे पांच साल चलेगी। बैठक में शामिल पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने बताया कि नए आईएसआई चीफ की नियुक्ति दो-तीन दिनों में हो जाएगी। हालांकि उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कोई इंटरव्यू तो नहीं लेंगे, लेकिन संभावित उम्मीदवारों से मिलकर थोड़ी पूछताछ जरूर करेंगे।
अपने ट्वीट में सूचना मंत्री ने कहा कि कुछ विपक्षी पार्टियां बेवजह ये मुद्दा उठा रही हैं और आईएसआई प्रमुख के पद के उम्मीदवारों के इंटरव्यू की बात फैला रही हैं, जबकि परंपरागत तौर पर ऐसे पद पर किसी की नियुक्ति से पहले प्रधानमंत्री उससे मिलता ही है। इस मामले को लेकर विवाद उठाना सही नहीं है।
आजाद जम्मू-कश्मीर के प्रधानमंत्री पद के लिए भी लिया था इंटरव्य़ू
दरअसल दो महीने पहले जुलाई में आजाद जम्मू-कश्मीर के प्रधानमंत्री पद के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान ने उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया था और उनसे कई तरह के सवाल पूछे थे। उम्मीदवारों से भविष्य की योजना, पर्यटन, पर्यावरण, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों के अलावा सीमा विवाद से जुड़े सवाल पूछे गए थे। ये बात खुद सूचना मंत्री ने बताई थी। आजाद जम्मू-कश्मीर के पीएम पद के लिए सात से ज्यादा उम्मीदवारों ने ये इंटरव्यू दिए थे। एक मंत्री ने डॉन अखबार को नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्रधानमंत्री इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवारों से खुश नहीं थे और कहा था कि देश में नेतृत्व करने की क्षमता रखने वालों की बहुत कमी है। उन्होंने ये भी कहा था कि उनके पास इंटरव्यू से पहले उम्मीदवारों के लिए कई जगहों से सिफारिशें भी आईं, लेकिन उन्होंने किसी के दबाव में आकर नियुक्ति नहीं की।
हाल ही में मौजूदा आईएसआई चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद का तबादला पेशावर में सैन्य कमांडर के तौर पर कर दिया गया है और कराची के सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अहमद अंजुम को तात्कालिक तौर पर आईएसआई का डीजी बना दिया गया है। लेकिन अब इंटरव्यू के बाद जल्द ही नए डीजी की नियुक्त हो जाएगी। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि इमरान खान संविधान और नियमों को दरकिनार कर ऐसे फैसले ले रहे हैं। वे खुलकर बता भी रहे हैं कि देश का नागरिक और सैन्य नेतृत्व एक बेहतर तालमेल के साथ ही चल सकता है। इसी संदर्भ में उन्होंने ये एलान कर दिया कि आईएसआई चीफ जल्दी ही नियुक्त हो जाएगा।
माना जा रहा है कि अफगानिस्तान संकट और तालिबान के वहां सत्ता पर काबिज होने के बाद से आईएसआई चीफ फैज हमीद और पीएम इमरान खान के बीच मतभेद बढ़ गए थे, इसीलिए उन्हें हटा दिया गया। लेकिन ऐसी चर्चाओं को सरकारी प्रवक्ता सही नहीं मानते और कहते हैं कि विपक्ष सस्ती लोकप्रियता के लिए ऐसा कर रहा है। अफगानिस्तान के साथ मानवीयता के आधार पर रिश्ते बनाए रखना और हर हाल में उसकी मदद करना पाकिस्तान अपना फर्ज मानता है और कहता है कि ऐसे वक्त में अफगानिस्तान को अकेला नहीं छोड़ा जा सकता, इससे वहां आतंकी संगठन और फले फूलेंगे।