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पाकिस्तान: विपक्ष को घेरते-घेरते भारत की तारीफ करने लगे पीएम इमरान, बोले- उनकी विदेश नीति जनता की भलाई वाली
Sun, 20 Mar 2022 07:13 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sun, 20 Mar 2022 07:13 PM IST
सार
गौरतलब है कि यूक्रेन को लेकर रूस और पश्चिमी देशों के बीच छिड़े तनाव को लेकर भारत ने अब तक किसी का पक्ष नहीं लिया है। हालांकि, भारत की तरफ से युद्ध को खत्म करने और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की मांग की जाती रही है।
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान
- फोटो : Agency (File Photo)
विस्तार
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान इस वक्त देश में चौतरफा चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। विपक्ष के साथ-साथ उनकी अपनी पार्टी के सांसदों ने भी उनकी खिलाफत शुरू कर दी है। इस बीच रविवार को खैबर पख्तूनख्वा के मलकंद इलाके में एक सार्वजनिक सभा के दौरान इमरान खान ने भारत की तारीफ शुरू कर दी। पाक पीएम ने विपक्ष को गलत नीतियों पर घेरते हुए हिंदुस्तान की विदेश नीति को लोगों के हित की नीति करार दिया। इतना ही नहीं उन्होंने बड़े देशों के विवाद में भारत को इशारों में तटस्थ तक कह दिया।
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क्या रहा इमरान का बयान?
इमरान खान ने रैली के दौरान कहा, "साथ वाला हमारा मुल्क है हिंदुस्तान। मैं आज हिंदुस्तान को दाद देता हूं। इन्होंने हमेशा आजाद विदेश नीति रखी है। आज हिंदुस्तान उनके साथ (बड़ी ताकतों के साथ) मिला हुआ है। उनके साथ अलायड है। इमरान ने आगे कहा, "हिंदुस्तान क्वाड के अंदर अमेरिका का सहयोगी है और अपने आप को कहता है कि मैं न्यूट्रल हूं। रूस से तेल मंगवा रहा है, जबकि प्रतिबंध लगे हैं। क्योंकि हिंदुस्तान की नीति अपने लोगों की नीति है।"
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भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी-नीत राजग सरकार के कड़े आलोचक रहे खान ने भारतीय विदेश नीति की खुलकर सराहना की। खान ने कहा कि उनकी विदेश नीति भी पाकिस्तानी जनता के हित में रहेगी।
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गौरतलब है कि यूक्रेन को लेकर रूस और पश्चिमी देशों के बीच छिड़े तनाव को लेकर भारत ने अब तक किसी का पक्ष नहीं लिया है। हालांकि, भारत की तरफ से युद्ध को खत्म करने और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की मांग की जाती रही है। जहां पश्चिमी देशों ने एक के बाद एक यूक्रेन पर हमले के लिए रूस पर प्रतिबंधों का एलान किया है, तो वहीं भारत ने अपने पुराने संबंधों और तटस्थता का परिचय देते हुए रूस के साथ व्यापार जारी रखा है।
अमेरिका के प्रतिबंधों का भारत पर असर नहीं
अमेरिका ने इसी महीने की आठ तारीख को रूस से आयात किए जाने वाले तेल, गैस और कोयले पर प्रतिबध लगा दिए थे। इसके लिए व्हाइट हाउस की तरफ से विशेष आदेश भी पारित हुआ था। हालांकि, इसके बावजूद हाल ही के दिनों में भारत ने सस्ते दामों पर रूस से कच्चे तेल के आयात को भी बढ़ाया है। अमेरिका ने इस पर यह तो साफ किया कि इस खरीद पर भारत पर कोई प्रतिबंध नहीं लग सकता, लेकिन यह नहीं बताया है कि भारत इस साल उससे भी बड़ी मात्रा में तेल की खरीद कर रहा है।
मैं किसी के सामने नहीं झुका और अपने देश को भी किसी के आगे झुकने नहीं दूंगा: इमरान
संसद में अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने से पहले इमरान खान जनसमर्थन हासिल करने के लिए रैली कर रहे हैं। खान ने कहा, ' मैं किसी के सामने नहीं झुका और अपने देश को भी किसी के आगे झुकने नहीं दूंगा।'
विदेश नीति से जुड़े जटिल मामलों की चर्चा जनसभा में नहीं करने की परंपरा को तोड़ते हुए खान ने कहा कि उन्होंने यूरोपीय संघ के राजदूतों को ‘‘साफ तौर पर ना’’ कह दिया जो यूक्रेन-रूस युद्ध में रूस के खिलाफ पाकिस्तान का समर्थन चाहते थे। खान ने कहा कि ऐसा इसलिए किया, क्योंकि ‘‘ उन्होंने यह अनुरोध कर प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया था।’’
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को यूरोपीय संघ का अनुरोध मानकर कोई लाभ नहीं होता। खान ने कहा, ‘‘हम अफगानिसतान में आतंकवाद के खिलाफ अमेरिकी युद्ध का हिस्सा बने और 80 हजार लोगों और 100 अरब डॉलर खोया।’’
गौरलतब है कि इमरान ने दूसरी बार यूरोपीय संघ और अन्य पश्चिमी देशों के खिलाफ बयान दिया है जिन्होंने कथित तौर पर इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तान से यूक्रेन पर रूसी हमले की निंदा करने को कहा था। खान ने पिछले संबोधन में यूरोपीय संघ से पूछा था कि क्या वह इसी तरह की मांग भारत से करेगा।