पाकिस्तान में गैस की किल्लत और महंगाई: आक्रामक हुआ विपक्ष, घिरते जा रहे हैं इमरान
पर्यवेक्षकों के मुताबिक पीपीपी का मुख्य आधार सिंध प्रांत है। इस प्रांत के सबसे बड़े शहर कराची में गैस की सप्लाई रुकने से आम जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इससे बिजली भी महंगी हो गई है। पीपीपी इससे पैदा हुए असंतोष को भुनाने की कोशिश कर रही है...
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जिस समय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस्लामी देशों के संगठन ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक को-ऑपरेशन (आईओसी) की अफगानिस्तान मसले पर विशेष बैठक बुला कर अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रोफाइल बढ़ाने की कोशिश की है, देश में विपक्ष ने उनकी सरकार के खिलाफ जोरदार आंदोलन छेड़ दिया है। देश में प्राकृतिक गैस की भारी किल्लत और रोजमर्रा की जरूरी चीजों के बढ़े दाम से विपक्षी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) सरकार को घेरने का खास मौका मिल गया है।
कई शहरों में विरोध-प्रदर्शन
आईओसी की विशेष बैठक यहां रविवार को हुई। इस बीच शुक्रवार से पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने अपना सरकार विरोधी अभियान शुरू कर दिया। शुक्रवार को देश के कई शहरों में बड़े विरोध प्रदर्शनों का आयोजन किया गया। पर्यवेक्षकों के मुताबिक पीपीपी के प्रदर्शनों में जैसी भीड़ उमड़ी, उससे देश में सरकार के खिलाफ बढ़ रहे अंसतोष का संकेत मिला है।
इस साल सर्दी की शुरुआत के साथ ही पाकिस्तान में प्राकृतिक गैस की भारी किल्लत पैदा हो गई। इस कारण कई कारखानों में काम रोकना पड़ा है। उधर घरेलू उपभोक्ताओं को भी भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तान में महंगाई भी हाल में तेजी से बढ़ी है। इसका बहुत खराब असर लोगों की आम जिंदगी पर पड़ रहा है। पीपीपी ने गैस के अभाव और महंगाई की समस्या को इमरान खान सरकार की नाकामी बताया है। पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि इस सरकारी नाकामी के खिलाफ वे आंदोलन वे जारी रखेँ।
भुट्टो-जरदारी ने घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को गैस सप्लाई रोकने के सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना की है। शुक्रवार को एक बयान में उन्होंने कहा- इससे जाहिर हो गया है कि पीटीआई सरकार अकुशल और अक्षम है। उन्होंने कहा- ‘हम पर जो अकुशल सरकार थोप दी गई है, वह नया पाकिस्तान बनाने की बात करती थी। वह कहती थी कि नए पाकिस्तान में विदेश से लोग रोजगार पाने के लिए पाकिस्तान आएंगे। लेकिन अब सच्चाई सामने आ गई है। लोगों को गैस के लिए तरसना पड़ रहा है।’
इमरान खान भ्रष्ट हैं इसलिए गिर रहा रुपया
पर्यवेक्षकों के मुताबिक पीपीपी का मुख्य आधार सिंध प्रांत है। इस प्रांत के सबसे बड़े शहर कराची में गैस की सप्लाई रुकने से आम जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इससे बिजली भी महंगी हो गई है। पीपीपी इससे पैदा हुए असंतोष को भुनाने की कोशिश कर रही है। शुक्रवार को रैलियों के दौरान पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि इमरान खान सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया है। उन्होंने कहा- पीटीआई ने 50 लाख लोगों को मकान मुहैया कराने का वादा किया था। लेकिन असल में उसने लोगों के मकान तोड़े हैं।
जानकारों का कहना है कि इमरान खान ने पहले इल्जाम अपने विरोधी नेताओं पर लगाए, वे अब घूम कर उन पर लगने लगे हैं। खान ने कहा था कि डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत गिरना इस बात का सबूत है कि देश के नेता भ्रष्ट हैं। हाल में पाकिस्तानी रुपये का मूल्य तेजी से गिरा है। पीपीपी नेता अब इमरान खान के पुराने बयान का हवाला देते हुए कह रहे हैं कि रुपये की कीमत इसीलिए गिर रही है, क्योंकि इमरान खान भ्रष्ट हैं।