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पाकिस्तान: संसद ने की कश्मीर में भारत के कथित परिसीमन अभ्यास की निंदा, सर्वसम्मति से पारित किया प्रस्ताव
Thu, 12 May 2022 07:25 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 12 May 2022 07:25 PM IST
सार
जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत के परिसीमन आयोग को पाकिस्तान की संसद में पारित एक प्रस्ताव में गैरकानूनी बताया गया है।
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भारत-पाकिस्तान
- फोटो : फाइल
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विस्तार
पाकिस्तान की संसद ने गुरुवार को कश्मीर में भारत की ओर से परिसीमीन आयोग के जरिए जनसांख्यिकीय बदलाव की कथित कोशिश की निंदा करते हुए एकमत से एक प्रस्ताव पारित किया। विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि भारत का यह कथित कदम गलत तरीके से जम्मू-कश्मीर में मुस्लिम बहुसंख्यकों की चुनावी ताकत को बदलने के लिए है।
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प्रस्ताव में भारत के परिसीमन आयोग की रिपोर्ट को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया और आरोप लगाया कि इस अभ्यास के माध्यम से भारत अपनी पांच अगस्त 2019 की अवैध कार्रवाई और उसके बाद के उपायों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।
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मार्च 2020 में गठित परिसीमन आयोग ने पिछले सप्ताह अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश की थी और जम्मू क्षेत्र को छह अतिरिक्त विधानसभा सीटें और कश्मीर घाटी को एक सीट प्रदान की थी। राजौरी और पूंछ को अनंतनाग संसदीय सीट के तहत किया गया है। इस हिसाब से 90 सदस्यों वाले सदन के तहत जम्मू में अब 43 विधानसभा सीटें होंगी और कश्मीर में इनकी संख्या 47 रहेगी।
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प्रस्ताव में कश्मीर को बताया है अंतरराष्ट्रीय मुद्दा
पाकिस्तानी संसद में पारित हुए प्रस्ताव में कहा गया है कि कश्मीर मुद्दे का विवाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य है और यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एजेंडा में काफी समय से लंबित है। इसमें मांग की गई है कि भारत को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करना चाहिए और इसके तहत अपनी जिम्मेदारियां पूरी करनी चाहिए।
प्रस्ताव में सरकार से कहा गया है कि सरकार को कश्मीर मुद्दे को सभी द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मंचों पर मजबूती से पेश करना चाहिए। इनमें संयुक्त राष्ट्र और इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) पर भी इसे उठाने के लिए कहा गया है।
बिलावल भुट्टो ने कहा कि कश्मीर में परिसीमन का पूरा अभ्यास अवैध है और यूएनएससी प्रस्तावों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि मैंने इस संबंध में यूएनएससी के अध्यक्ष और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव को पत्र लिखा है, जिसमें कश्मीर में भारत की इन कथित गैरकानूनी गतिविधियों के बारे में बताया गया है।
भारत का रुख: जम्मू-कश्मीर हमारा अभिन्न अंग है
भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को स्पष्ट रूप से बताया है कि कश्मीर और यहां से धारा 370 को हटाना पूरी तरह से देश का आंतरिक मामला है। भारत ने पाकिस्तान को बार-बार कहा है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और रहेगा। इसने यह भी कहा है कि पाकिस्तान को असलियत स्वीकार करनी चाहिए और भारत विरोधी फर्जी अभियान बंद करने चाहिए।
पाकिस्तान के नए सेना प्रमुख की प्रतिष्ठा बेदाग होनी चाहिए: मरियम नवाज
पाकिस्तान के सत्तारूढ़ गठबंधन की नेता मरियम नवाज ने कहा कि देश का नया सेना प्रमुख बेदाग छवि का व्यक्ति होना चाहिए। उन्होंने यह बात रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की इस टिप्पणी के बाद कही कि पूर्व आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद के नाम पर सेना के शीर्ष पद के लिए विचार किया जा सकता है। पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष मरियम इन आरोपों के चलते हमीद की निंदा करती रही हैं कि उन्होंने आईएसआई प्रमुख के रूप में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ का समर्थन किया था। हालांकि सेना ऐसे आरोपों को खारिज करती रही है।