फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan is unable to find a way out of the clutches of the Financial Action Task Force FATF

पाकिस्तान में माथापच्ची: ‘आतंकवाद के मददगार’ का गहरा दाग कैसे धुले, FATF से बाहर निकलने का नहीं मिल रहा कोई रास्ता

Mon, 07 Mar 2022 04:08 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 07 Mar 2022 04:08 PM IST
विज्ञापन
सार
एफएटीएफ ने 2018 में पाकिस्तान को ग्रे सूची में डाला था। उसकी वजह से विदेशी कंपनियां पाकिस्तान में निवेश करने को लेकर अधिक सतर्क हो गईं। एफएटीएफ मुख्य रूप से मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद को धन मुहैया कराने संबंधी गतिविधियों की निगरानी करती है...
loader
Pakistan is unable to find a way out of the clutches of the Financial Action Task Force FATF
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

पाकिस्तान फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) के शिकंजे से निकलने का तरीका नहीं ढूंढ पा रहा है। एफएटीएफ ने पिछले चार वर्ष से पाकिस्तान को अपने ग्रे लिस्ट में डाला हुआ है। इसका मतलब है कि आतंकवादी गतिविधियों को लगाम लगाने के लिए बनी इस अंतरराष्ट्रीय एजेंसी का यह शक कायम है कि पाकिस्तान आतंकवाद को संरक्षण देता है। ये संदेह और गहराने पर अगर एफएटीएफ ने पाकिस्तान ग्रे से ब्लैक लिस्ट में डाला, तो उस पर स्वतः अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लग जाएंगे।

दो अहम बिंदु छोड़े

एफएटीएफ ने अपनी हाल की बैठक में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से हटाने से इनकार कर दिया। अब पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्री हम्माद अजहर ने दावा किया है कि एफएटीएफ ने सुधार संबंधी जो तकनीकी पैमाने सुझाए थे, उस पर पाकिस्तान ने पूरा अमल किया है। इस बात को एफएटीएफ जल्द ही स्वीकार कर लेगी। जबकि एफएटीएफ ने पिछले हफ्ते हुई अपनी बैठक में उन कमियों का साफ जिक्र किया, जिन्हें पाकिस्तान अब तक दूर नहीं कर पाया है। एफएटीएफ ने पाकिस्तान को कुल 34 बिंदुओं पर सुधार करने को कहा था। इस एजेंसी के मुताबिक उनमें से दो बिंदुओं पर कोई प्रगति नहीं हुई है।



एफएटीएफ ने 2018 में पाकिस्तान को ग्रे सूची में डाला था। उसकी वजह से विदेशी कंपनियां पाकिस्तान में निवेश करने को लेकर अधिक सतर्क हो गईं। एफएटीएफ मुख्य रूप से मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद को धन मुहैया कराने संबंधी गतिविधियों की निगरानी करती है। इस बार की बैठक में पाकिस्तान के लिए राहत की बात यह रही कि एफएटीएफ ने वित्तीय अपराधों का मुकाबला करने के मामले में उसकी तरफ से उठाए गए कदमों की तारीफ की। एफएटीएफ ने इन कदमों को ठोस प्रगति बताया।

27 में 26 मुद्दों को हल करने का दावा

हम्माद अजहर ने शनिवार को एक ट्विट में कहा- ‘मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद को आर्थिक मदद देने के खिलाफ हमारा संघर्ष हमारे राष्ट्रीय संकल्प का हिस्सा है। हम सिर्फ वैश्विक सुझावों का पालन करने के लिए नहीं, बल्कि अपने हित में यह संघर्ष कर रहे हैं।’ उन्होंने दावा किया कि मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सात में छह मुद्दों को पाकिस्तान ने रिकॉर्ड समय में हल कर लिया। जबकि आतंकवाद को आर्थिक मदद से जुड़े 27 में 26 मुद्दों को हल कर लिया गया है।

एफएटीएफ के ग्रे लिस्ट में डाले जाने के बाद पाकिस्तान ने इस एजेंसी की चिंताओं को दूर करने का वादा किया था। तब से एफटीएए की तरफ से बताए गए मुद्दों का समाधान ढूंढने की वह कोशिश कर रहा है। लेकिन एफएटीएफ की ताजा बैठक से साफ हो गया कि चार साल की लंबी अवधि में पाकिस्तान इस एजेंसी की सभी चिंताओं को दूर नहीं कर पाया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार भले कुछ बिंदुओं पर प्रगति को लेकर अपनी पीठ थपथपाए, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय का उस पर शक बना हुआ है। साथ ही ग्रे से काली सूची में खिसकने का खतरा भी लगातार मंडरा रहा है।


हाल में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भी पाकिस्तान से कहा था कि एफएटीएफ की तरफ से बताए गए चिंता के सभी बिंदुओं को जल्द से जल्द दूर करे। पाकिस्तान ने आर्थिक संकट से निपटने के लिए हाल में आईएमएफ से कर्ज लिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed