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चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे की पहली यातायात परियोजना चालू, चीन ने इसे मित्रता का प्रतीक बताया
Sun, 25 Oct 2020 10:10 PM IST
दीप्ति मिश्रा
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, लाहौर
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, लाहौर
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Sun, 25 Oct 2020 10:10 PM IST
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चीन, पाकिस्तान, सीपीईसी
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चीन-पाकिस्तान की दोस्ती पुरानी है। इसी पुरानी दोस्ती को और पक्का करने के लिए दोनों ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) घोषणा की थी। वहीं अब चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) की पहली परिवहन परियोजना का रविवार को लाहौर में उद्घाटन किया गया।
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लाहौर आरेंज लाइन मेट्रो रेल परियोजना का उद्घाटन पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री उस्मान बूजदार ने किया। इस अवसर पर चीन के अधिकारी भी उपस्थित थे।चीन ने इस परियाजना को दोनों देशों की मित्रता का प्रतीक और लाहौर के लिए उपहार बताया है। इसकी लागत 2.2 अरब डॉलर आई है और यह छह साल में पूरी हुई है।
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यह लाइन लाहौर शहर के डेरा गुज्जरान को अली टाउने से जोड़ती है और 27 किलो मीटर की है। इस लाइन पर सोमवार से मेट्रो रेल सेवाएं शुरू हो जाएंगी और रोज 250,000 लोग इससे यात्रा कर सकेंगे।चीन के विशेषज्ञों ने पाकिस्तानी चालकों को ट्रेन संचालन करने के लिए प्रशिक्षित किया है।
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दोनों देशों ने परियोजना को गेम चेंजर बताया
वर्ष 2015 में सीपीईसी की घोषणा के साथ ही इस परियोजना को चीन और पाकिस्तान ने गेम चेंजर बताया। हालांकि, इस परियोजना की बुनियाद 2008 में ही रख दी गई थी।
वहीं कई विशेषज्ञ इस परियोजना को चीन द्वारा पाकिस्तान में अपने हित साधने की एक कोशिश के तौर पर देखते हैं। इस परियोजना में पाकिस्तान की आर्थिक तंगी आड़े आई, जिसके चलते परियोजना में देरी हुई। इस परियोजना का बड़ा हिस्सा बलूचिस्तान में है।
बता दें कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से गुजरता है। इसके चलते भारत इसका विरोध करता रहा है।