Pakistan: आईएमएफ से कर्ज लेने के रास्ते में रुकावट डालने के आरोप में इमरान पर चलेगा राजद्रोह का मुकदमा?
Pakistan: विदेश मंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ने इस मामले में सीधे इमरान खान को दोषी बताया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इमरान खान ने अपनी पार्टी की पंजाब और खैबर पख्तूनवा की प्रांतीय सरकारों के जरिए आईएमएफ के कर्ज को रोकने की कोशिश की...
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पाकिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के कर्ज की नई किस्त जारी होते ही शहबाज शरीफ सरकार ने कर्ज लेने के रास्ते में रुकावट डालने के आरोप में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) को घेरने की कोशिश शुरू कर दी है। शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) की सरकार ने पीटीआई नेता शौकत तरीन के एक कथित ऑडियो टेप की फॉरेंसिक जांच कराने का फैसला किया है। आरोप है कि इस लीक हुए टेप में तरीन पंजाब और खैबर पख्तूनवा प्रांत के वित्त मंत्रियों को दिशा-निर्देश देते सुने गए हैँ। शौकत तरीन पूर्व इमरान खान सरकार में मंत्री थे।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ने इस मामले में सीधे इमरान खान को दोषी बताया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इमरान खान ने अपनी पार्टी की पंजाब और खैबर पख्तूनवा की प्रांतीय सरकारों के जरिए आईएमएफ के कर्ज को रोकने की कोशिश की। एक ट्विट थ्रेड में भुट्टो ने कहा कि इमरान खान ने ‘राष्ट्रीय आर्थिक हितों के साथ विश्वासघात’ की कोशिश की है। ये काम उन्होंने उस समय किया, जब देश भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है। पीपीपी पीडीएम का एक घटक दल है।
ऑडियो टेप पाकिस्तान के कई टीवी चैनलों पर सुनाया गया है। उसमें तरीन पंजाब और खैबर पख्तूनवा के वित्त मंत्रियों से यह कहते सुने गए हैं- संघीय सरकार को आप बता दीजिए कि उनके प्रांतों की सरकारें आईएमएफ की शर्तें पूरी नहीं कर पाएंगी। इसके पहले पिछले हफ्ते खैबर पख्तूनवा के वित्त मंत्री तैमूर खान झागरा ने संघीय सरकार को पत्र भेज कर साफ कह दिया था कि उनके प्रांत की सरकार संघीय सरकार को बजटीय सरप्लस (बचत) का ट्रांसफर नहीं कर पाएगी। आईएमएफ ने कर्ज देने से पहले ये शर्त लगाई थी कि चालू वित्त वर्ष में पाकिस्तान की सभी प्रांतों को संघीय सरकार से मिले धन का कम से कम दो फीसदी हिस्सा बचा कर वापस लौटाना होगा।
अब पीडीएम सरकार ने कहा है कि वह कथित ऑडियो टेप की फॉरेंसिक जांच करवा कर पहले इस बात की पुष्टि करेगी कि क्या वह प्रामाणिक है। अगर यह साबित हुआ कि कुछ लोगों ने ‘सरकार और उसके हितों’ के खिलाफ काम किया, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संघीय कानून मंत्री ने कहा है कि तरार जो कहते सुने गए, उस आधार पर उनके खिलाफ राजद्रोह का मामला बन सकता है।
इस बीच इस्लामाबाद में पुलिस के पास इमरान खान, शौकत तरीन, पंजाब के वित्त मंत्री मोहसिन खान लेघारी और तैमूर खान झागरा के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज करने के लिए औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज कराई गई है। इस बारे में एक रिपोर्ट अखबार द डॉन में छपी है। ये शिकायत अमन तरक्की पार्टी के अध्यक्ष मोहम्मद फैख शाह ने दर्ज कराई है।
टीवी चैनलों पर चलाए गए ऑडियो टेप में तरीन पंजाब के वित्त मंत्री से यह कहते सुने गए- ‘हम सिर्फ यह चाहते हैं कि वित्त मंत्री संघीय सरकार को पत्र लिखें, ताकि उन (गाली) पर दबाव बने। ये लोग हमें जेल में डाल रहे हैं, हम पर आतंकवाद के इल्जाम लगा रहे हैं। हम उन्हें बच कर नहीं जाने दे सकते।’