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पाकिस्तान: जानें क्यों पड़ोसी देश में 90 लाख हिंदू मांग रहे 'गैर-मुस्लिम' का दर्जा? संसद में बिल पेश

Sat, 29 May 2021 12:26 PM IST
दीप्ति मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Sat, 29 May 2021 12:26 PM IST
सार

पाकिस्तान की संसद में एक हिंदू सांसद की मांग पर 90 लाख से ज्यादा हिंदुओं को धार्मिक अल्पसंख्यक कहने की बजाय 'गैर मुस्लिम' कहने के लिए बिल पेश किया गया है। इस विधेयक का उद्देश्य पाकिस्तानी गैर-मुस्लिमों के खिलाफ भेदभाव खत्म करना है।

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Pakistan Hindu lawmaker submits bill seeking religious minorities to be referred to as non-Muslims
पाकिस्तानी संसद (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social Media

विस्तार

पाकिस्तान के एक हिंदू सांसद ने संसद के निचले सदन में विधेयक पेश कर संविधान में धार्मिक अल्पसंख्यकों का उल्लेख 'गैर-मुस्लिम' के रूप में करने का अनुरोध किया है। इसका मकसद देश में भेदभाव खत्म करके प्रत्येक नागरिक के लिए समानता और न्याय सुनिश्चित किया जा सके। पाकिस्तान के संविधान में इन्हें अल्पसंख्यक कहा गया है। पाकिस्तान में करीब 90 लाख हिंदू रहते हैं।

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विपक्षी दल पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के सांसद कीसो मल कीआल दास ने नेशनल असेंबली प्रक्रिया एवं कामकाज संचालन नियम, 2007 के नियम 118 के तहत नेशनल असेंबली में गैर-सरकारी विधेयक पेश किया है। 
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भेदभाव कम करने के लिए पेश किया प्रस्ताव 
संविधान संशोधन अधिनियम, 2021 नामक इस विधेयक का मकसद पाकिस्तानी गैर-मुस्लिमों के खिलाफ भेदभाव खत्म करना है, जिन्हें संविधान में अल्पसंख्यक कहा गया है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक को स्वीकार कर तत्काल प्रभाव से पेश किया जाना चाहिए। सरकार ने विधेयक का विरोध नहीं किया है और मामला संबंधित स्थायी समिति को भेज दिया गया है। सदन की द्विदलीय समिति द्वारा इसकी समीक्षा किए जाने के बाद, इसे मतदान के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
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दास ने विधेयक में कहा कि देश की बड़ी आबादी को अल्पसंख्यक घोषित करके उनसे भेदभाव करना संविधान, 1973 की भावना के विरुद्ध है। इस आबादी ने जीवन के हर क्षेत्र और देश के विकास तथा उज्ज्वल भविष्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

संविधान में चार बार अल्पसंख्यक और 15 बार 'गैर-मुस्लिम'

हिंदू सांसद ने कहा कि (संविधान में) चार बार 'अल्संख्यक' और 15 बार 'गैर-मुस्लिम' शब्द का उपयोग किया गया है, जो संविधान निर्माताओं के आशय को दर्शाता है। लिहाजा, अल्पसंख्यक की जगह गैर-मुस्लिम शब्द का उपयोग कर विसंगति को दूर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन पाकिस्तान में प्रत्येक नागरिक के लिए समानता और न्याय स्थापित करने का एक रचनात्मक प्रयास होगा।

पाकिस्तान में इतनी है हिंदुओं की संख्या
पाकिस्तान की कुल 22 करोड़ की आबादी में गैर-मुस्लिमों की आबादी 3.5 प्रतिशत के करीब है। पाकिस्तान में हिंदू सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है। आधिकारिक अनुमान के अनुसार, पाकिस्तान में 75 लाख हिंदू रहते हैं। हालांकि, हिंदू समुदाय के अनुसार उनकी आबादी 90 लाख से अधिक है। पाकिस्तान में हिंदू आबादी का एक बड़ा हिस्सा सिंध प्रांत में बसा है। हिंदुओं के अलावा पाकिस्तान में अन्य अल्पसंख्यकों में ईसाई, अहमदी, बहाई, पारसी और बौद्ध शामिल हैं।

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