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Pakistan: TLP के 2017 में हुए धरने की जांच करेगा नया आयोग, सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी
Wed, 15 Nov 2023 07:16 PM IST
आदर्श शर्मा
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Wed, 15 Nov 2023 07:16 PM IST
सार
पाकिस्तान ने 2017 फैजाबाद धरने की जांच के लिए नया तथ्य खोज आयोग बनाया है। जिसकी सूचना पाकिस्तान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट ने दी। पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने कहा, जांच में बुलाने के लिए किसी को भी छूट नहीं दी जाएगी। पढ़े पूरा मामला...
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पाकिस्तान का सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पाकिस्तान में कट्टरपंथी धार्मिक समूह द्वारा 2017 में किए गए धरने की जांच के लिए नए तथ्य खोज आयोग का गठन किया है। जिसके बारे में पाकिस्तान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है।
शीर्ष अदालत ने इसी माह की शुरुआत में इस मुद्दे की जांच के लिए गठित एक समिति को खारिज कर दिया था। वहीं अब सुप्रीम कोर्ट ने नए जांच आयोग का समर्थन किया है। साथ ही कहा, उसके पास किसी भी जांच के लि बुलाने की शक्ति होगी। किसी को भी इसमें छूट नहीं मिलेगी।
बता दें शीर्ष अदालत ने एक नवंबर को मामले की सुनवाई करते हुए इस्लामाबाद के फैजाबाद इंटरचेंज में तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के 20 दिवसीय धरने की जांच के लिए पिछले तथ्य खोज आयोग को खारिज कर दिया था। बुधवार की कार्यवाही के दौरान, अटॉर्नी जनरल मंसूर उस्मान अवान ने शीर्ष अदालत को सूचित किया कि सरकार ने धरने की जांच के लिए एक नया तथ्य खोज आयोग बनाया है, जिसमें तीन सदस्य शामिल हैं।
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इस नए आयोग को धरने के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की जांच करने और उनकी पहचान करने, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश करने का काम सौंपा गया है। नया आयोग दो महीने के भीतर सरकार को एक रिपोर्ट सौंपेगी। मुख्य न्यायाधीश ईसा ने टिप्पणी की कि नवगठित तथ्य खोज आयोग को पूर्व प्रधानमंत्री, पूर्व सेना प्रमुख और तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश को जांच के लिए बुलाने का अधिकार था। बाद में मुख्य न्यायाधीश ने यह कहकर मामले की सुनवाई स्थगित कर दी कि इसकी सुनवाई दो महीने बाद तय की जाएगी।
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शीर्ष अदालत ने इसी माह की शुरुआत में इस मुद्दे की जांच के लिए गठित एक समिति को खारिज कर दिया था। वहीं अब सुप्रीम कोर्ट ने नए जांच आयोग का समर्थन किया है। साथ ही कहा, उसके पास किसी भी जांच के लि बुलाने की शक्ति होगी। किसी को भी इसमें छूट नहीं मिलेगी।
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बता दें शीर्ष अदालत ने एक नवंबर को मामले की सुनवाई करते हुए इस्लामाबाद के फैजाबाद इंटरचेंज में तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के 20 दिवसीय धरने की जांच के लिए पिछले तथ्य खोज आयोग को खारिज कर दिया था। बुधवार की कार्यवाही के दौरान, अटॉर्नी जनरल मंसूर उस्मान अवान ने शीर्ष अदालत को सूचित किया कि सरकार ने धरने की जांच के लिए एक नया तथ्य खोज आयोग बनाया है, जिसमें तीन सदस्य शामिल हैं।
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इस नए आयोग को धरने के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की जांच करने और उनकी पहचान करने, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश करने का काम सौंपा गया है। नया आयोग दो महीने के भीतर सरकार को एक रिपोर्ट सौंपेगी। मुख्य न्यायाधीश ईसा ने टिप्पणी की कि नवगठित तथ्य खोज आयोग को पूर्व प्रधानमंत्री, पूर्व सेना प्रमुख और तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश को जांच के लिए बुलाने का अधिकार था। बाद में मुख्य न्यायाधीश ने यह कहकर मामले की सुनवाई स्थगित कर दी कि इसकी सुनवाई दो महीने बाद तय की जाएगी।