Pakistan: सियासी दांवपेच में पिसा निर्वाचन आयोग, अस्थिरता बढ़ने का अंदेशा
Pakistan: निर्वाचन आयोग ने 2014 में दी गई एक अर्जी पर अपना फैसला इस मंगलवार को सुनाया। उसने कहा कि पीटीआई ने विदेशी नागरिकों और विदेश में कारोबार करने वाली कंपनियों से राजनीतिक चंदा लिया। आयोग ने इसके बाद पीटीआई को कारण बताओ नोटिस जारी किया है...
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पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने अब सीधे देश के निर्वाचन आयोग को निशाने पर ले लिया है। पीटीआई पहले से भी ‘एस्टैबलिशमेंट’ (सेना और खुफिया नेतृत्व) और न्यायापालिका के साथ निर्वाचन आयोग की आलोचना कर रही थी। लेकिन प्रतिबंधित स्रोतों से चंदा लेने के मामले में निर्वाचन आयोग के मंगलवार को आए फैसले के बाद अब वह मुख्य चुनाव आयुक्त सिकंदर सुल्तान राजा के खिलाफ जंगी मूड में आ गई है। टीकाकारों के मुताबिक निर्वाचन आयोग की साख संदिग्ध होने का पाकिस्तान के लोकतंत्र पर बहुत खराब असर पड़ेगा।
निर्वाचन आयोग ने 2014 में दी गई एक अर्जी पर अपना फैसला इस मंगलवार को सुनाया। उसने कहा कि पीटीआई ने विदेशी नागरिकों और विदेश में कारोबार करने वाली कंपनियों से राजनीतिक चंदा लिया। आयोग ने इसके बाद पीटीआई को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उधर शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) सरकार ने इस निर्णय के आधार पर इमरान खान और पीटीआई पर नकेल कसने की तैयारी शुरू कर दी है। चर्चा है कि पीटीआई के चुनाव लड़ने पर रोक लगाई जा सकती है।
मीडिया में इमरान खान के विदेश जाने पर रोक लगाने की चर्चा भी तेज है। बुधवार को इमरान खान ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उन पर ऐसी रोक लगाई, तो वे इसके लिए उसे धन्यवाद देंगे, क्योंकि उनका देश से बाहर जाने का कोई इरादा नहीं है। खान ने कहा- ‘लंदन में मेरी कोई जायदाद नहीं है। मैं देश से बाहर नहीं जाना चाहता। मेरी जो भी संपत्ति है, वह पाकिस्तान में ही है।’ एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें अपनी गिरफ्तारी की आशंका है। इस पर खान नेक कहा- जब मेरे खिलाफ कुछ भी साबित नहीं हुआ है, तो आखिर सरकार उन्हें किस आधार पर गिरफ्तार करेगी?
उधर पीटीआई के नेता फव्वाद चौधरी ने इस्लामाबाद में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए खुलेआम आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने संघीय कानून मंत्री के कहने पर अपना फैसला दिया। चौधरी पूर्व इमरान खान सरकार में सूचना मंत्री थे। उन्होंने कहा कि सरकार इस फैसले से बेहद खुश है। पीडीएम के नेता इसको लेकर दर्जनों प्रेस कांफ्रेंस कर चुके हैं। उन्होंने कहा- मुख्य निर्वाचन आयुक्त सिकंदर सुल्तान राजा ने पीडीएम नेताओं के कहने पर ही इस मामले को तरजीह दी और उनके मनमाफिक फैसला दिया।
पीटीआई ने निर्वाचन आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि निर्वाचन आयोग इमरान खान के खिलाफ साजिश में शामिल है। पार्टी ने ये फैसला आने के पहले ही एलान किया था कि गुरुवार (चार अगस्त) को निर्वाचन आयोग के दफ्तर पर वह विरोध प्रदर्शन करेगी। उसके इस एलान को देखते हुए इस्लामाबाद में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों ने कहा है कि ये विवाद बेहद बुरे समय पर खड़ा हुआ है। अभी देश गहरे आर्थिक संकट में है और इस समय जरूरत सियासी आम सहमति तैयार करने की है। ये राय भी बनी है कि जल्द से जल्द चुनाव कराना ही देश में राजनीतिक स्थिरता लाने का सबसे बेहतर रास्ता है। लेकिन आशंका है कि अगर पीटीआई को चुनाव से बाहर किया गया, तो देश राजनीतिक के साथ-साथ सामाजिक उथल-पुथल का भी शिकार हो सकता है।