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Pakistan: इमरान के पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए अदियाला जेल पहुंची फोरेंसिक टीम, पूर्व प्रधानमंत्री ने किया इंकार
Wed, 24 Jul 2024 04:14 PM IST
मेघा झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर
Published by: मेघा झा
Updated Wed, 24 Jul 2024 04:14 PM IST
सार
पूर्व प्रधानमंत्री ने आदियाला जेल फॉरेंसिक को पॉलीग्राफ और वॉयस मैचिंग टेस्ट कराने से मना कर दिया।
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
पूर्व प्रधानमंत्री ने आदियाला जेल फॉरेंसिक को पॉलीग्राफ और वॉयस मैचिंग टेस्ट कराने से मना कर दिया। दरअसल इमरान खान पर पिछले साल हुई हिंसा के सिलसिले में मुकदमा चल रहा है। इस मामले की जांच लाहौर पुलिस द्वारा शुरू की गई है। फॉरेंसिक टीम के 12 सदस्य इमरान खान के टेस्ट के लिए आदियाला जेल पहुंचे थे।
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पिछले साल हुई हिंसा के मामले की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम जब आदियाला जेल पहुंची, तो इमरान खान ने टेस्ट कराने से इंकार कर दिया। 71 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को 190 मिलियन पाउंड के भ्रष्टाचार के मामले में राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) द्वारा गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 9 मई 2023 को देशभर में दंगे भड़क गए थे। उन पर 200 से अधिक मामले दर्ज हैं और वे पिछले साल अगस्त से जेल में कैद हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में लाहौर पुलिस की टीम जब परीक्षण करने के लिए जेल परिसर पहुंची, तब उनके साथ पंजाब फोरेंसिक साइंस एजेंसी (पीएफएसए) के विशेषज्ञ भी थे। पीएफएसए विशेषज्ञों को पूर्व प्रधानमंत्री पर पॉलीग्राफ, वॉयस मैचिंग और फोटोग्रामेट्री परीक्षण करने थे।
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पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई संस्थापक इमरान खान ने पुलिस के सवालों का 15 मिनट तक जवाब दिया। जब डीएसपी आसिफ ने न्याय करने की कसम खाई। लेकिन पंजाब फोरेंसिक साइंस एजेंसी की टीम के सामने इमरान खान ने पॉलीग्राफ और वाइस मैचिंग टेस्ट और फोटोग्रामेट्री परीक्षण से इनकार कर दिया। इमरान खान ने कहा कि वह कई संस्थानों की जांच के दायरे में हैं। वे अपनी पिछली जांच पूरी होने के बाद पुलिस को समय देंगे। बता दें कि 9 मई के विरोध प्रदर्शन के दौरान, कथित पीटीआई कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जनरल मुख्यालय और स्मारकों सहित सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला किया और तोड़फोड़ की। इस अभूतपूर्व हिंसा के बाद देश के अधिकारियों ने पीटीआई के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की। इसके साथ ही सैन्य अदालतों में 100 से अधिक पीटीआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा भी चलाया।
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पुलिस ने डीआईजी को दी जानकारी
पुलिस अधिकारियों ने पूर्व पाक पीएम इमरान खान से 9 मई के दंगों के बारे में पूछताछ की। जेल से लौटी पुलिस और पंजाब फोरेंसिक साइंस एजेंसी की टीम ने लाहौर के डीआईजी जीशान असगर को इमरान खान के जांच में सहयोग न करने की जानकारी दी। बताया गया कि अब अभियोजन विभाग से परामर्श के बाद इस मामले में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक करके आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
स्वीकार की शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की बात
इमरान खान ने सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के आदेश देने से इनकार किया। लेकिन यह स्वीकार किया कि उन्होंने अपनी पार्टी से गिरफ्तारी की स्थिति में जीएचक्यू के बाहर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने को कहा था। बता दें कि 9 मई की हिंसा के बाद सिविल और सैन्य अधिकारी भी इमरान खान पर उनकी गिरफ्तारी से पहले 9 मई की साजिश रचने का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि इस दावे को इमरान और उनकी पार्टी ने जोरदार तरीके से खारिज किया है।
इन मामलों पर चल रहा मुकदमा
दरअसल इमरान खान को तीन मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद लगभग एक साल से रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली अदियाला जेल में रखा गया है। तोशाखाना भ्रष्टाचार मामला, सिफर मामला और गैर-इस्लामिक विवाह मामला- जिसमें उनकी पत्नी बुशरा बीबी भी जेल में हैं। हालांकि पूर्व क्रिकेटर से राजनेता बने खान को जमानत मिल गई थी लेकिन उन्हें रिहा नहीं किया गया। खान को पिछले साल 5 अगस्त को पाकिस्तान के चुनाव आयोग द्वारा दायर पहले तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया था। तब से उन्हें विभिन्न मामलों में जेल में रखा गया है।