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गिलगित-बाल्टिस्तान के बेशकीमती खनिजों पर पाकिस्तान की नजर, सेना कर रही लोगों पर अत्याचार; रिपोर्ट में खुलासा

Sat, 14 Feb 2026 06:41 PM IST
नवीन पारमुवाल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, गिलगित
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, गिलगित Published by: नवीन पारमुवाल Updated Sat, 14 Feb 2026 06:41 PM IST
सार

एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान गिलगित-बाल्टिस्तान के कीमती खनिजों का दोहन कर रहा है। इसके लिए वह विदेशी कंपनियों को बुला रहा है और स्थानीय लोगों पर सेना के जरिए ज्यादती कर रहा है।

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pakistan eyeing rare earth minerals in gilgit baltistan army accused of atrocities report
गिलगित-बाल्टिस्तान के खनिजों पर पाकिस्तान की नजर - फोटो : IANS

विस्तार

Gilgit-Baltistan: पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान (POGB) में हालात गंभीर बने हुए हैं। पाकिस्तान की नजर इस इलाके के कीमती और दुर्लभ खनिजों पर है। एक नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान अब चीन के अलावा अमेरिका और मध्य एशियाई देशों की कंपनियों को भी यहां बुला रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, संसाधनों की इस लूट के लिए पाकिस्तानी सेना स्थानीय लोगों पर अत्याचार कर रही है।
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रिपोर्ट के अनुसार, कजाकिस्तान और इंडोनेशिया जैसे देशों ने गिलगित-बाल्टिस्तान की सोने और तांबे की खदानों में निवेश करने में दिलचस्पी दिखाई है। पाकिस्तान विदेशी कंपनियों की मदद से इन संसाधनों को निकालना चाहता है।
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संसाधनों की लूट और स्थानीय लोगों का विरोध
कई स्थानीय कार्यकर्ताओं का मानना है कि इस इलाके में अशांति की मुख्य वजह इसकी रणनीतिक लोकेशन और दुर्लभ खनिजों की मौजूदगी है। पाकिस्तानी सेना स्थानीय लोगों को बिना कोई मुआवजा दिए उनके संसाधनों पर कब्जा करना चाहती है। इसके लिए पाकिस्तान ने एक गैर-कानूनी लैंड रिफॉर्म एक्ट भी लागू किया है।
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जब स्थानीय लोग अपना हक मांगते हैं, तो पाकिस्तान रॉयल्टी देने से मना कर देता है। पाकिस्तान बहाना बनाता है कि यह जमीन विवादित जम्मू-कश्मीर का हिस्सा है, इसलिए इस पर मालिकाना हक नहीं जताया जा सकता। यह खुलासा वाशिंगटन के ग्लोबल स्ट्रैट व्यू में सेंगे सेरिंग ने किया है, जो मूल रूप से गिलगित-बाल्टिस्तान के रहने वाले हैं। सेरिंग वाशिंगटन में इंस्टीट्यूट फॉर गिलगित बाल्टिस्तान स्टडीज (आईजीबीएस) के प्रमुख हैं।

खनिजों का बड़ा भंडार है गिलगित-बाल्टिस्तान
सेरिंग ने बताया कि तंगिर और आसपास की घाटियां खनिजों का बड़ा केंद्र हैं। यहां मोनाजाइट, चेवकिनाइट, लैंथेनम, समैरियम, नियोडिमियम, सेरियम, टाइटेनियम और थोरियम जैसे कई दुर्लभ खनिज भारी मात्रा में मौजूद हैं। चीन के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से पाकिस्तान को इस इलाके को एक बड़ा 'रेयर-अर्थ हब' बनाने में मदद मिल रही है।

सेंगे सेरिंग ने लोगों से अपील की है कि वे एकजुट रहें और पाकिस्तान के कब्जे से निकलने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सिर्फ यहां के संसाधनों का गलत इस्तेमाल करना चाहता है और लोगों को उनके राजनीतिक अधिकार नहीं दे रहा है। सेरिंग ने कहा कि इसी हिम्मत से लोग भारत के संवैधानिक नागरिक के तौर पर लद्दाख में शामिल हो पाएंगे।

हाल ही में हुआ था आईईडी धमाका
हाल ही में पाकिस्तानी मीडिया ने खबर दी थी कि डायमर की तंगिर घाटी में एक आईईडी धमाका हुआ था। इस धमाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक आर्मी मेजर समेत तीन लोग घायल हो गए थे। सेरिंग के मुताबिक, कमांडर मौलाना आमिर हमजा से जुड़े एक आतंकी गुट ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।


आतंकी गुट ने पाकिस्तानी सेना पर 'फूट डालो और राज करो' की नीति अपनाने का आरोप लगाया है। गुट ने शिया और सुन्नी नेताओं को दिए बयान में कहा कि इलाके में हुए सांप्रदायिक हमले भी पाकिस्तानी सेना और उसके एजेंटों का काम थे, ताकि स्थानीय लोगों में फूट डाली जा सके।

यह भी पढ़ें: Balochistan: बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना का आतंक जारी, आम लोग बन रहे शिकार; चार अन्य बलूच नागरिकों की हत्या
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