Pakistan Economic Crisis: पाकिस्तान में छिड़ी बहस, इस आर्थिक बदहाली के लिए दोषी कौन?
Pakistan Economic Crisis: स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के ताजा आंकड़ों के मुताबिक अब देश के विदेशी मुद्रा भंडार में सिर्फ 3.68 बिलियन डॉलर बचे हैं, जिनसे सिर्फ तीन हफ्तों के आयात का बिल चुकाया जा सकता है...
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पाकिस्तान की ढहती अर्थव्यवस्था के बीच यह मांग तेज हो गई है कि इस हाल के लिए जो लोग जिम्मेदार हैं, उनकी जवाबदेही तय की जाए। विदेशी मुद्रा भंडार में तेजी से आती गिरावट के बीच पाकिस्तान के डिफॉल्टर होने (कर्ज चुकाने में अक्षम होने) की आशंका रोज ज्यादा गहराती जा रही है। इस हफ्ते डॉलर की तुलना में पाकिस्तानी मुद्रा की कीमत में भारी गिरावट आई है। विशेषज्ञों के मुताबिक पाकिस्तानी रुपये की कीमत को शहबाज शरीफ सरकार ने कृत्रिम ढंग से संभाल रखा था। मुद्रा विनिमय बाजार में उसके हस्तक्षेप करने की क्षमता चूक जाने के बाद रुपया धड़ाम से गिरने लगा।
शरीफ सरकार की खास कर इसलिए कड़ी आलोचना हो रही है कि वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की शर्तों का पालन करने में नाकाम रही है। आईएमएफ ने 2019 में पाकिस्तान के लिए छह बिलियन डॉलर का कर्ज मंजूर किया था। पिछले साल उसने एक बिलियन डॉलर का अतिरिक्त ऋण मंजूर किया। लेकिन उसने यह रकम पाने से पहले पाकिस्तान को कुछ शर्तें पूरी करने को कहा था। इसमें पाकिस्तान नाकाम रहा है। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के ताजा आंकड़ों के मुताबिक अब देश के विदेशी मुद्रा भंडार में सिर्फ 3.68 बिलियन डॉलर बचे हैं, जिनसे सिर्फ तीन हफ्तों के आयात का बिल चुकाया जा सकता है।
इस बदहाली को लेकर पाकिस्तान के आर्थिक विशेषज्ञों ने कुछ कड़े सवाल पूछे हैं। विशेषज्ञों की एक बैठक के दौरान अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून के संपादक नवीद हुसैन ने सवाल उठाया- ‘कुछ ही महीनों के अंदर विदेशी मुद्रा भंडार खाली हो जाने के लिए कौन जिम्मेदार है? सरकार को यह जवाबदेही तय करनी होगी।’ उन्होंने ध्यान दिलाया कि जब पिछले अप्रैल में इमरान खान की सरकार गिरी थी, तब विदेशी मुद्रा भंडार में 11 बिलियन ड़लर थे। अगस्त तक यह रकम घट कर 7.8 बिलियन डॉलर हो गई और अब चार बिलियन डॉलर से भी नीचे आ गई है।
रोजनामा एक्सप्रेस अखबार के संपादक अयाज खान ने हालत में तेजी से गिरावट के लिए वित्त मंत्री इशहाक डार को दोषी ठहराया है। चर्चा के दौरान उन्होंने दो-टूक कहा- डार की तुलना में उनके पूर्ववर्ती वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल हजार गुना बेहतर थे, लेकिन वे ‘शरीफ आवास’ का हिस्सा नहीं थे, इसलिए उन्हें हटा दिया गया। खान ने देश की मौजूदा दुर्दशा के लिए सत्ताधारी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज को पूरी तरह जिम्मेदार बताया है।
एक अन्य विशेषज्ञ फैसल हुसैन ने भी रुपये की कीमत में तेज गिरावट और उसके कारण गहराए वित्तीय संकट के लिए इशहाक डार को दोषी बताया। उन्होंने कहा- ‘एक व्यक्ति के अहंकार ने देश और अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया है। मिफ्ताह इस्माइल एक जाने-माने अर्थशास्त्री थे। उन्होंने भी डार को दोषी माना है, जबकि डार की हैसियत ऐसी है कि उनसे कोई जवाब नहीं मांगा जा रहा है।’
रुपये की कीमत में इस हफ्ते आई गिरावट के परिणामस्वरूप पाकिस्तान पर मौजूदा कर्ज चार हजार बिलियन डॉलर और बढ़ गया है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि इससे महंगाई के बेकाबू होने के हालात बन गए हैं, जबकि आईएमएफ ने जो शर्तें लगाई थीं, उनमें एक महंगाई पर काबू पाना भी था।