Pakistan: इमरान की गिरफ्तारी पर रोक नहीं, कोर्ट ने खारिज की याचिका; कुछ घंटे पहले कई मामलों में मिली थी जमानत
पूर्व प्रधानमंत्री खान को मंगलवार को अर्धसैनिक बलों ने उस वक्त गिरफ्तार कर लिया, जब वह भ्रष्टाचार के एक मामले में सुनवाई के लिये इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में मौजूद थे। खान ने एक दिन पहले, उनकी हत्या की कथित तौर पर साजिश रचने को लेकर देश की सेना पर निशाना साधा था।
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को इस्लामाबाद हाईकोर्ट से करारा झटका लगा है। कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी को वैध करार दिया है। कोर्ट ने गिरफ्तारी को गैरकानूनी ठहराने से जुड़ी यचिका खारिज कर दी है। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आमिर फारूक ने फवाद चौधरी, सैफुल्ला नियाजी, फैसल चौधरी, नईम हैदर, अली बुखारी की गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश जारी किया। इसके साथ ही गृह सचिव और आईजी इस्लामाबाद को अवमानना नोटिस जारी किया।
इससे पहले इमरान खान को भ्रष्टाचार के एक मामले में मंगलवार को अदालत परिसर से नाटकीय ढंग से गिरफ्तार किए जाने के बाद इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने शीर्ष अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को तलब किया। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आमिर फारूक ने भ्रष्टाचार मामले पर सुनवाई शुरू होने से पहले अदालत में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराते समय अर्धसैनिक रेंजर्स द्वारा खान को गिरफ्तार किए जाने पर गौर किया।
लाहौर से इस्लामाबाद पहुंचे खान इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में एक बायोमेट्रिक प्रक्रिया से गुजर रहे थे, तभी रेंजर्स ने कांच की खिड़की को तोड़ दिया और वकीलों एवं खान के सुरक्षा कर्मचारियों की पिटाई करने के बाद उन्हें (खान को) गिरफ्तार कर लिया। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख खान (70 वर्षीय) की गिरफ्तारी से एक दिन पहले शक्तिशाली सेना ने उन पर खुफिया एजेंसी ‘आईएसआई’ के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ निराधार आरोप लगाने का इल्जाम लगाया था।
उच्च न्यायालय ने विभिन्न अधिकारियों को तलब किया और गिरफ्तारी के गुण-दोष तथा अदालत के अंदर मौजूद किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करना कानूनी था या नहीं, इस बारे में दलीलें सुनीं। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई कर फैसला सुरक्षित रख लिया था।
मुख्य न्यायाधीश ने शुरू में गृह सचिव, इस्लामाबाद पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) और अन्य अधिकारियों को आदेश दिया कि वे 15 मिनट के भीतर गिरफ्तारी के बारे में जवाब दें। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में "संयम" दिखा रहे हैं। न्यायाधीश ने इस्लामाबाद पुलिस प्रमुख के पेश होने में विफल रहने पर प्रधानमंत्री को बुलाने की चेतावनी दी। न्यायमूर्ति फारूक ने कहा, “अदालत में आइए और हमें बताइए कि इमरान को क्यों और किस मामले में गिरफ्तार किया गया है।”
आईजी अकबर नासिर खान विधिवत अदालत में पेश हुए और कहा कि खान को उनसे और उनकी पत्नी से बुशरा बीबी से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने गिरफ्तार किया है। खान के वकील फैसल चौधरी ने अदालत को बताया कि ‘पीटीआई’ प्रमुख जब अपनी बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने के लिए अदालत के अंदर मौजूद थे, तब उन्हें अवैध रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। खान के एक अन्य वकील बैरिस्टर गौहर खान ने दावा किया कि गिरफ्तारी के दौरान खान के सिर पर लोहे की छड़ से वार किया गया। साथ ही उनके पैर में चोट लग गई।
गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले इमरान खान को कई मामलों में मिली थी जमानत
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अर्द्धसैनिक बलों द्वारा इस्लामाबाद हाईकोर्ट में गिरफ्तार किये जाने से कुछ घंटे पहले मंगलवार को एक आतंकवाद रोधी अदालत (एटीसी) ने कई मामलों में उनकी अंतरिम जमानत अर्जी मंजूर कर ली थी। खान अभी देशभर में 121 मामलों का सामना कर रहे हैं, जिनमें राजद्रोह, आतंकवाद, ईशनिंदा और हिंसा भड़काने के आरोप शामिल हैं।
डॉन अखबार की खबर के अनुसार, आतंकवाद रोधी अदालत के न्यायाधीश राजा जवाद अब्बास ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रमुख की अर्जी पर सुनवाई की। खान ने यहां 18 मार्च को संघीय न्यायिक परिसर के बाहर हुई हिंसा से जुड़े मामलों में जमानत देने का अनुरोध किया था। अदालत ने सभी सात मामलों में 50,000 पाकिस्तानी रुपये के मुचलके पर खान (70) को जमानत दे दी।
पूर्व प्रधानमंत्री खान को मंगलवार को अर्धसैनिक बलों ने उस वक्त गिरफ्तार कर लिया, जब वह भ्रष्टाचार के एक मामले में सुनवाई के लिये इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में मौजूद थे। खान ने एक दिन पहले, उनकी हत्या की कथित तौर पर साजिश रचने को लेकर देश की सेना पर निशाना साधा था। राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) के एक अधिकारी ने यह पुष्टि की है, "खान को रियल एस्टेट कारोबारी मलिक रियाज को जमीन स्थानांतरित करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है और उन्हें एनएबी को सौंपा जा रहा है।"
इस बीच, इस्लामाबाद पुलिस ने महानिरीक्षक (आईजी) अकबर नासिर खान के हवाले से एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया है कि खान को उस मामले में गिरफ्तार किया गया है जिसमें आरोप है कि उन्होंने और उनकी पत्नी बुशरा बीबी ने 50 अरब पाकिस्तानी रुपये को वैध बनाने के लिए एक रियल एस्टेट कंपनी से रिश्वत ली थी।
पूर्व प्रधानमंत्री खान, अपनी पत्नी बुशरा और पार्टी के अन्य नेताओं के साथ एनएबी की जांच का सामना कर रहे हैं। यह मामला इमरान खान नीत (अपदस्थ) सरकार और एक रियल एस्टेट कारोबारी के बीच हुए एक समझौते से संबद्ध है, जिससे देश के राजकोष को 19 करोड़ पाउंड का नुकसान हुआ था। खान ने पूर्व में कहा था कि पिछले साल प्रधानमंत्री पद से अपदस्थ होने के बाद से उनके खिलाफ देश भर में 140 से अधिक मामले दर्ज किये गये हैं।
खान ने हाल में मामलों की एक सूची इस्लामाबाद उच्च न्यायालय को सौंपी थी। सूची में कहा गया है कि उनके खिलाफ 31 मामले संघीय राजधानी में और 30 मामले लाहौर में दर्ज किये गये हैं तथा नोटिस जारी किये गये हैं। सूची के मुताबिक, खान के खिलाफ आतंकवाद के 12 मामले लाहौर में दर्ज किये गये हैं और फैसलाबाद में 14 मामले दर्ज किये गये हैं। उनके खिलाफ आतंकवाद के करीब 22 मामले देश के विभिन्न हिस्सों में दर्ज किये गये हैं।
इस्लामाबाद की एक अदालत उन्हें 10 मई को अभ्यारोपित करने वाली है जिसमें उन्होंने कथित तौर पर राजकीय तोहफों की बिक्री को छिपाने का कृत्य किया था। हालांकि, भ्रष्टाचार के जिस मामले की सुनवाई के लिए खान मंगलवार को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में उपस्थित थे, वह इस सूची में शामिल नहीं है।
क्रिकेटर से राजनेता बने खान ने मंगलवार को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय से उन्हें एक अन्य मामले में अंतरिम जमानत देने का अनुरोध किया, जो आवश्यक अनुमति के बिना इस्लामाबाद में एक रैली कर धारा 144 का उल्लंघन को लेकर उनके खिलाफ दर्ज है। अनुमति के बिना शनिवार को इस्लामाबाद में एक रैली करने को लेकर पुलिस ने खान और उनकी पार्टी के नेताओं के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था।
खान के वकील सलमान सफदर द्वारा दायर एक याचिका के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री ने इस्लामाबाद के पुलिस महानिरीक्षक, महाधिवक्ता और एक अतिरिक्त अटार्नी जनरल को पत्र लिख कर उन्हें जांच में शामिल करने का आग्रह किया लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल अप्रैल में संसद में अविश्वास प्रस्ताव के जरिये खान को प्रधानमंत्री पद से अपदस्थ किये जाने के बाद से उनके खिलाफ 120 से अधिक मामले दर्ज किये गये हैं। हालांकि, उन्होंने इन सभी मामलों को फर्जी और गढ़ा हुआ करार देते हुए दावा किया है कि ये उन्हें राजनीतिक परिदृश्य से बाहर रखने के लिए दर्ज किये गये हैं। खबर के अनुसार, याचिका में कहा गया है कि खान जांच में शामिल होना चाहते हैं लेकिन सुरक्षा एजेंसियां सरकार के हाथ की कठपुतली बन गई हैं। इसमें कहा गया है कि बार-बार पत्र लिखे जाने के बावजूद खान को जांच में शामिल नहीं किया गया।