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पाक कोर्ट ने हाफिज सईद की मध्यस्थता पर छोड़े हत्यारोपी पुलिसकर्मी
Mon, 04 Nov 2019 06:39 AM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Mon, 04 Nov 2019 06:39 AM IST
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हाफिज सईद
- फोटो : ANI
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पाकिस्तान में एक अदालत ने संयुक्त राष्ट्र संघ की तरफ से वैश्विक आतंकी घोषित हाफिज सईद की पहल पर हत्या के आरोपी तीन पुलिसकर्मियों को रिहा कर दिया। इन तीनों पर पुलिस हिरासत में एक एटीएम चोर की हत्या करने का आरोप था। मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद ने इस मामले में ‘पंच’ बनकर मृतक के परिजनों और पुलिसकर्मियों के बीच मध्यस्थता कराई थी।
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सूत्रों के मुताबिक, रहीम यार खान जिले में सलाहुद्दीन अयूबी नाम के कथित एटीएम चोर की मौत अगस्त में पुलिस हिरासत के दौरान किए गए टार्चर के चलते हो गई थी। उसके परिजनों का कहना था कि अयूबी मानसिक रूप से विक्षिप्त था। अयूबी की मौत ने पूरे देश में पुलिस के खिलाफ रोष पैदा कर दिया था।
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इसके बाद तीन पुलिसकर्मियों महमूदुल हसन, शफात अली और मतलूब हुसैन को गिरफ्तार कर लिया गया था। सूत्रों का कहना है कि मृतक के परिजन आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा के संस्थापक हाफिज सईद के समर्थक हैं।
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इस बात की जानकारी मिलने पर आला पुलिस अधिकारियों ने 17 जुलाई को दिखावे की गिरफ्तारी के बाद से ही कोट लखपत जेल में कड़ी सुरक्षा में बंद सईद से इस मामले में मदद मांगी और उसकी मध्यस्थता पर अयूबी के परिजनों ने तीनों पुलिसकर्मियों को माफ कर दिया।
इसके बाद रहीम यार खान जिले के अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायधीश जस्टिस जाहिद हुसैन बख्तियार ने इस सप्ताह तीनों पुलिसकर्मियों को आरोप मुक्त घोषित कर दिया।
तीन विकल्प दिए थे परिजनों को
आतंकी फंडिंग के आरोपों में जेल में बंद सईद ने अयूबी के परिजनों के साथ जेल में ही मुलाकात की और उन्हें तीन विकल्प दिए। सूत्रों का कहना है कि सईद ने उन्हें तीनों पुलिसकर्मियों से ‘ब्लड मनी (खून के बदले मुआवजा)’ लेने या तीनों को अल्लाह के नाम पर माफ कर देने अथवा तीनों के खिलाफ मुकदमा चालू करने का विकल्प दिया।
कई मुलाकातों के बाद आखिर अयूबी के परिजनों ने तीनों पुलिसकर्मियों को अल्लाह के नाम पर माफ कर देने की सहमति दे दी। अयूबी के पिता अफजल घुम्मन ने इस बात की पुष्टि की है।
कई मुलाकातों के बाद आखिर अयूबी के परिजनों ने तीनों पुलिसकर्मियों को अल्लाह के नाम पर माफ कर देने की सहमति दे दी। अयूबी के पिता अफजल घुम्मन ने इस बात की पुष्टि की है।
सरकार को भी दिया सईद ने यह आदेश
सईद ने पंजाब सरकार को भी पुलिसकर्मियों की इस रिहाई के बदले मृतक अयूबी के गुजरांवाला स्थित गांव गोराली में एक स्कूल स्थापित कराने, गैस पाइपलाइंस बिछाने और लाहौर से गोराली तक करीब 80 करोड़ रुपये में 80 किलोमीटर लंबी सड़क बनाने का आदेश दिया। पंजाब के राज्यपाल चौधरी सरवर ने अयूबी के गांव पहुंचकर जल्द से जल्द इन वादों को पूरा करने का आश्वासन दिया है।
फिर साबित हुआ सईद पाक सरकार से बड़ी ताकत
इस मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सईद की ताकत अपनी सरकार से भी कहीं ज्यादा है। पाकिस्तान के इतिहास में शायद अपनी तरह का यह पहला मौका है, जब आतंकी फंडिंग मामले के एक आरोपी ने अदालती मामले में मध्यस्थता कर किसी मामले का हल निकाला है।
सूत्रों ने कहा कि इससे साबित होता है कि आखिर सईद पाकिस्तान में कितना अहम आरोपी है।
सूत्रों ने कहा कि इससे साबित होता है कि आखिर सईद पाकिस्तान में कितना अहम आरोपी है।