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पाकिस्तान की अदालत ने जाधव मामले में सुनवाई के लिए गठित की दो सदस्यीय पीठ
Thu, 30 Jul 2020 08:27 PM IST
Rajeev Rai
पीटीआई, इस्लामाबाद
पीटीआई, इस्लामाबाद
Published by: Rajeev Rai
Updated Thu, 30 Jul 2020 08:27 PM IST
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Kulbhushan jadhav
- फोटो : social media
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इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने भारतीय कैदी कुलभूषण जाधव के मामले में बृहस्पतिवार को दो सदस्यीय पीठ का गठन किया। कोर्ट ने पाकिस्तान सरकार द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई के लिए यह फैसला सुनाया है। स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार पाकिस्तान सरकार ने अपनी याचिका में इस्लामाबाद हाई कोर्ट से कहा कि जाधव के लिए एक कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त किया जाए ताकि पाकिस्तान आईसीजे के फैसले के क्रियान्वयन की अपनी जिम्मेदारी पूरी कर सके।
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जियो न्यूज समेत पाकिस्तान के मीडिया ने खबर प्रकाशित-प्रसारित की कि इस्लामाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अतहर मिनल्ला और साथी जज मियांगुल हसन औरंगजेब की पीठ सोमवार को सरकार की याचिका पर सुनवाई करेगी।
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पाकिस्तान ने 22 जुलाई को एकपक्षीय कदम उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) में याचिका दाखिल कर जाधव के लिए कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त करने की मांग की थी। हालांकि पाकिस्तान के कानून और न्याय मंत्रालय द्वारा 20 मई को लागू अध्यादेश के तहत आवेदन दाखिल किए जाने से पहले भारत सरकार समेत मुख्य पक्षों से परामर्श नहीं किया गया।
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अंतरराष्ट्रीय न्याय समीक्षा और पुनर्विचार अध्यादेश 2020 के तहत किसी सैन्य अदालत के फैसले पर पुनर्विचार के लिए याचिका अध्यादेश लागू होने के 60 दिन के अंदर एक आवेदन के माध्यम से इस्लामाबाद हाई कोर्ट में दाखिल की जा सकती है। पाक संसद ने इसी सप्ताह अध्यादेश को मंजूरी दी थी।
भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव (50) को अप्रैल 2017 में जासूसी और आतंकवाद के आरोपों में पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी। जाधव को पाकिस्तान द्वारा राजनयिक पहुंच नहीं दिए जाने के खिलाफ और उन्हें सुनाई गयी मौत की सजा को चुनौती देने के लिए भारत ने आईसीजे का रुख किया था।
हेग स्थित आईसीजे ने जुलाई 2019 में व्यवस्था दी थी कि पाकिस्तान को जाधव की दोषिसिद्धि और उन्हें सुनाई गयी मौत की सजा पर प्रभावी तरीके से पुनर्विचार करना चाहिए।