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पाकिस्तान की अदालत ने अखबारों में विज्ञापन देकर शरीफ को 24 नवंबर तक पेश होने कहा
Sun, 11 Oct 2020 05:39 AM IST
Rajeev Rai
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: Rajeev Rai
Updated Sun, 11 Oct 2020 05:39 AM IST
सार
भगोड़ा घोषित करने के बाद उनकी संपत्ति और पासपोर्ट जब्त किए जा सकते हैं
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Nawaz Sharif
- फोटो : PTI
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विस्तार
पाकिस्तान की एक अदालत ने अखबारों में विज्ञापन देकर पूर्व पीएम नवाज शरीफ को भगोड़ा घोषित होने से बचने के लिए 24 नवंबर तक अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। दरअसल, 70 वर्षीय शरीफ ने लंदन स्थित अपने आवास पर गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट स्वीकार करने से कथित तौर पर इनकार कर दिया, जिसके बाद अदालत का यह आदेश आया है।
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इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) में न्यायमूर्ति मोहसिन अख्तर कयानी और न्यायमूर्ति आमेर फारूक की पीठ ने शुक्रवार को कहा कि गवाहों के बयानों और दस्तावेजों की जांच से यह पता चला है कि अल अजीजिया और एवेनफील्ड रिश्वत मामलों में अदालत में शरीफ की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए उनके खिलाफ जारी गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट को तामील करने की पूरी कोशिश की गई।
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अदालत ने सात अक्तूबर को प्रथम सचिव (दूतावास मामलों), दिलदार अल एब्रो और लंदन स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के काउंसलर अताशे राव अब्दुल हन्नान तथा विदेश मंत्रालय में यूरोप-1 के लिए निदेशक मोहम्मद मुबशीर खान के बयान दर्ज किए थे। उन्होंने अदालत को बताया कि अदालत में शरीफ की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिये गैर जमानती वारंट पहुंचाने के अदालती आदेश के अनुपालन में कोशिशें की गई। इसके बावजूद 15 सितंबर को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय द्वारा जारी वारंट को तामील नहीं किया जा सका।
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लंदन स्थित शरीफ के आवास पर उनके प्रतिनिधियों के रवैये से नाराज उच्च न्यायालय ने सात अक्तूबर को आदेश दिया कि उन्हें तलब करने के लिये अखबारों में विज्ञापन दिया जाए। अदालत ने संघीय सरकार को डॉन और जंग अखबार में इस संबंध में प्रकाशित किए जाने वाले विज्ञापनों का खर्च वहन करने का निर्देश दिया। सरकार ने बाद में अदालत को बताया कि इन अखबारों में विज्ञापनों के लिए 60,000 रुपये भुगतान किए गए। अदालत ने शरीफ से 24 नवंबर तक उसके समक्ष पेश होने को कहा है, अन्यथा उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया जाएगा। इस घोषणा के बाद उनकी संपत्ति और पासपोर्ट जब्त किए जा सकते हैं।