Pakistan: अल-अजीजिया भ्रष्टाचार केस में नवाज बरी; इमरान-जुल्फिकार भुट्टो से जुड़े मामले में भी आया बड़ा अपडेट
Pakistan: पाकिस्तान की एक अदालत ने पीएमएल-एन पार्टी के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अल-अजीजिया मामले में बरी कर दिया है। आगामी वर्ष होने वाले आम चुनाव से पहले अदालत का यह बड़ा फैसला सामने आया है।
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पाकिस्तान एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अल-अजीजिया भ्रष्टाचार मामले में बरी कर दिया है।पीएमएल-एन सुप्रीमो नवाज शरीफ ने इस मामले में सजा के खिलाफ इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी, जिस पर इस हफ्ते सुनवाई चली। अदालत ने आज उन्हें मामले में बरी कर दिया।
अल-अजीजिया मामला क्या है?
पनामा पेपर्स में नाम सामने आने के बाद राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने 8 सितंबर 2017 को नवाज शरीफ और उनके परिवार के खिलाफ अल-अजीजिया स्टील मिल्स केस दर्ज किया था। नवाज शरीफ के पिता मोहम्मद शरीफ ने 2001 में सऊदी अरब में अल-अजीजिया मिल्स की स्थापना की थी। शरीफ परिवार का कहना था कि इसके लिए सऊदी सरकार ने कर्ज दिया था और इसके बदले एक संपत्ति गिरवी भी रखी गई थी।
जबकि, एनएबी का कहना था कि इस मिल की स्थापना पाकिस्तान में जुटाए गए कालेधन से की गई थी। इसके लिए हिल मेटल के नाम से एक कंपनी बनाई गई। कालेधन को सफेद किया गया। भ्रष्टाचार रोधी अदालत ने एनएबी की जांच को सही ठहराया था और नवाज शरीफ को दोषी करार दिया था। अदालत ने नवाज शरीफ को दिसंबर 2018 में सात साल की जेल की सजा सुनाई थी और उन पर भारी जुर्माना लगाया था।
अल अजीजिया स्टील मामले में नवाज शरीफ जेल की सजा काट रहे थे। अक्तूबर 2019 में इलाज के नाम पर लंदन गए। इसके बाद इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने उन्हें मामले में अपराधी घोषित कर दिया था। हालांकि, पिछले माह ही तकरीबन चार साल बाद फिर से वह देश लौट आए हैं।
भुट्टो की मौत की सजा के खिलाफ मामले की सुनवाई जनवरी तक स्थगित
वहीं, पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को 1979 में दी गई मौत की सजा पर फिर से विचार करने की मांग करने वाले राष्ट्रपति के लंबे समय से लंबित मामले की सुनवाई मंगलवार को अगले साल जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी।
मुख्य न्यायाधीश (सीजेपी) काजी फैज ईसा की अध्यक्षता वाली नौ सदस्यीय पीठ ने पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा दो अप्रैल 2011 को दायर मामले की सुनवाई शुरू की, जिसमें भुट्टो को उच्चतम न्यायालय के परामर्श अधिकार क्षेत्र के तहत उनके ससुर भुट्टो को सुनाई गई मौत की सजा पर पुनर्विचार करने पर राय मांगी गई थी।
गोपनीय राजनयिक केबल लीक मामले में सुनवाई कल
उधर, पाकिस्तान की एक विशेष अदालत ने गोपनीय राजनयिक केबल के मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के खिलाफ सुनवाई को बुधवार तक के लिए स्थगित कर लिया।
न्यायाधीश अबुल हसनत जुल्केरनैन ने रावलपिंडी की अदियाला जेल में मामले की कार्यवाही का नेतृत्व किया, जहां दोनों नेता इस मामले में बंद हैं। उन पर आरोप है कि पिछले साल मार्च में पाकिस्तानी दूतावास द्वारा भेजे गए एक राजनयिक दस्तावेज को खान और कुरैशी ने लीक किया और देश के गोपनीय कानूनों का उल्लंघन किया।