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Pakistan: अंतरिम PM काकर के चीन दौरे के दौरान 20 समझौतों पर हस्ताक्षर, जम्मू-कश्मीर का भी राग अलापा
Fri, 20 Oct 2023 11:05 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 20 Oct 2023 11:05 PM IST
सार
Pakistan: काकर ने 16 से 20 अक्तूबर तक चीन का दौरा किया और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिए तीसरे बेल्ट एंड रोड फोरम में भाग लिया। चीन में अपने प्रवास के दौरान काकर ने राष्ट्रपति शी, प्रधानमंत्री ली कियांग और अन्य शीर्ष नेताओं से मुलाकात की।
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चीन-पाकिस्तान
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पाकिस्तान के अंतरिम प्रधानमंत्री अनवर-उल-हक काकर ने अपने चीन के पहले दौरे के दौरान बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए बीस समझौतों और समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस्लामाबाद और बीजिंग की ओर से जारी एक संयुक्त बयान में यह जानकारी दी गई।
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काकर ने 16 से 20 अक्तूबर तक चीन का दौरा किया और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिए तीसरे बेल्ट एंड रोड फोरम में भाग लिया। चीन में अपने प्रवास के दौरान काकर ने राष्ट्रपति शी, प्रधानमंत्री ली कियांग और अन्य शीर्ष नेताओं से मुलाकात की।
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दोनों पक्षों ने माना कि बीआरआई की अग्रणी परियोजना के रूप में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) ने अपनी स्थापना के बाद से 10वर्षों में फलदायी परिणाम दिए हैं, और अब उच्च गुणवत्ता वाले विकास के एक नए चरण में प्रवेश किया है। भारत बीआरआई की कड़ी आलोचना करता रहा है क्योंकि इस परियोजना में तथाकथित चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) शामिल है जो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से गुजरता है।
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संयुक्त बयान में कहा गया है कि यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने बीआरआई, बुनियादी ढांचा, खनन, उद्योग, हरित और कम कार्बन विकास, स्वास्थ्य, अंतरिक्ष सहयोग, डिजिटल अर्थव्यवस्था, विकास सहयोग और चीन को कृषि उत्पादों के निर्यात पर सहयोग सहित 20 समझौतों और समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
बयान में कहा गया है कि पाकिस्तानी पक्ष ने चीनी पक्ष को जम्मू-कश्मीर की स्थिति से अवगत कराया। भारत ने अतीत में भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के अवांछित संदर्भों के लिए चीन और पाकिस्तान की आलोचना की है। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख हमेशा भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग रहेंगे। पिछले साल नवंबर में चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान जारी करने पर विदेश मंत्रालय ने कहा था कि किसी अन्य देश को इस पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।
चीन और पाकिस्तान ने अपने-अपने मूल हितों और प्रमुख चिंताओं से संबंधित मुद्दों पर एक-दूसरे के लिए अपने समर्थन की पुष्टि की, पाकिस्तान ने एक-चीन सिद्धांत (वन चाइना पॉलिसी) के लिए प्रतिबद्धता जताई और कहा कि ताइवान चीन के क्षेत्र का एक अविभाज्य हिस्सा है।