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अफगानिस्तान से सेना हटाकर कश्मीर सीमा पर तैनात कर सकता है पाकिस्तान
Wed, 14 Aug 2019 11:20 AM IST
Avdhesh Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Wed, 14 Aug 2019 11:20 AM IST
सार
- पाकिस्तान का पूरा ध्यान अफगान सीमा पर तालिबान की घुसपैठ रोकने पर है
- सेना को वहां से हटाने का संकेत देकर पाकिस्तान परोक्ष रूप से अमेरिका पर दबाव बनाना चाहता है
- इस्लामाबाद ने अफगानिस्तान के साथ लगती पश्चिमी सीमा पर सैन्य नियंत्रण को अब तक मजबूत रखा है
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pak army
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विस्तार
कश्मीर मुद्दे पर अमेरिका का साथ नहीं मिलने के बाद पाकिस्तान ने अब अफगानिस्तान कार्ड खेलना शुरू कर दिया है। पाकिस्तान का कहना है कि दोनों देशों के बीच जारी तनाव के चलते वह अपनी सेना अफगानिस्तान की सीमा से हटाकर कश्मीर की सीमा पर तैनात कर सकता है।
दरअसल, अमेरिका व तालिबान के बीच अफगान शांति वार्ता अपने अंतिम चरण पर है। ऐसे में अफगानिस्तान सीमा से पाकिस्तानी सेना को हटाने से स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। सेना को वहां से हटाने का संकेत देकर पाकिस्तान परोक्ष रूप से अमेरिका पर दबाव बनाना चाहता है।
अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत असद मजीद खान ने इंटरव्यू में अमेरिका को परोक्ष रूप से कहा, कश्मीर और अफगानिस्तान अलग-अलग मुद्दे थे और वह उन्हें जोड़ने का प्रयास नहीं कर रहे। पाकिस्तान को उम्मीद है कि अमेरिका-तालिबान वार्ता सफल होगी और उनका देश सक्रिय रूप से इसका समर्थन कर रहा है। लेकिन उन्होंने आगे कहा, कश्मीर में भारत के कदम हमारे लिए ज्यादा परेशानी वाले हैं।
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इस्लामाबाद ने अफगानिस्तान के साथ लगती पश्चिमी सीमा पर सैन्य नियंत्रण को अब तक मजबूत रखा है। अपनी दलील में असद ने कहा कि कश्मीर पर भारत सरकार का फैसला ऐसे समय में आया है, जब पाकिस्तान का पूरा ध्यान अफगान सीमा पर तालिबान की घुसपैठ रोकने पर है।
उन्होंने इस दौरान बार-बार कहा कि कश्मीर की मौजूदा स्थिति पाकिस्तान के लिए सबसे अहम मुद्दा है। असद ने आगे कहा, अगर पूर्वी सीमा पर स्थिति बिगड़ती है दो हमें यह कदम उठाना ही होगा। हम ऐसा नहीं सोच रहे लेकिन पूर्वी सीमा पर क्या हो रहा है हमें इसपर भी ध्यान देना है।
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दरअसल, अमेरिका व तालिबान के बीच अफगान शांति वार्ता अपने अंतिम चरण पर है। ऐसे में अफगानिस्तान सीमा से पाकिस्तानी सेना को हटाने से स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। सेना को वहां से हटाने का संकेत देकर पाकिस्तान परोक्ष रूप से अमेरिका पर दबाव बनाना चाहता है।
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अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत असद मजीद खान ने इंटरव्यू में अमेरिका को परोक्ष रूप से कहा, कश्मीर और अफगानिस्तान अलग-अलग मुद्दे थे और वह उन्हें जोड़ने का प्रयास नहीं कर रहे। पाकिस्तान को उम्मीद है कि अमेरिका-तालिबान वार्ता सफल होगी और उनका देश सक्रिय रूप से इसका समर्थन कर रहा है। लेकिन उन्होंने आगे कहा, कश्मीर में भारत के कदम हमारे लिए ज्यादा परेशानी वाले हैं।
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इस्लामाबाद ने अफगानिस्तान के साथ लगती पश्चिमी सीमा पर सैन्य नियंत्रण को अब तक मजबूत रखा है। अपनी दलील में असद ने कहा कि कश्मीर पर भारत सरकार का फैसला ऐसे समय में आया है, जब पाकिस्तान का पूरा ध्यान अफगान सीमा पर तालिबान की घुसपैठ रोकने पर है।
उन्होंने इस दौरान बार-बार कहा कि कश्मीर की मौजूदा स्थिति पाकिस्तान के लिए सबसे अहम मुद्दा है। असद ने आगे कहा, अगर पूर्वी सीमा पर स्थिति बिगड़ती है दो हमें यह कदम उठाना ही होगा। हम ऐसा नहीं सोच रहे लेकिन पूर्वी सीमा पर क्या हो रहा है हमें इसपर भी ध्यान देना है।