Pakistan: पाकिस्तान के सत्ताधारी नेताओं का आकलन, इमरान खान को निपटाया जा चुका है
पाकिस्तान के अखबारों में दुबई बैठक को लेकर कई तरह के कयास लगाए गए हैं। एक विश्लेषण में कहा गया है कि गुजरे महीनों में पीडीएम के भीतर गहतफहमियां बढ़ी हैं। दुबई में नेताओं ने आपसी बातचीत से उन्हें दूर करने की कोशिश की...
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पाकिस्तान के सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं की दुबई में हुई बैठक में आगे की रणनीति यह मान कर बनाई गई कि पाकिस्तान की सियासत में इमरान खान अब गुजरे समय की बात हो चुके हैं। इसके अलावा विभिन्न दलों के बीच चुनावी गठबंधन या सीटों के तालमेल की संभावना पर भी विचार किया गया। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के सुप्रीमो नवाज शरीफ इस बैठक के लिए लंदन से दुबई आए। सत्ताधारी गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के घटक दलों के वरिष्ठ नेता भी राय-मशविरे के लिए वहां पहुंचे।
अखबार द न्यूज ने एक खास रिपोर्ट में बताया है कि दुबई बैठक में शामिल नेताओं के बीच यह आम राय थी कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अब सियासी तौर पर खत्म किया जा चुका है। लेकिन बैठक पर पाकिस्तान की जनता में बढ़ते असंतोष की चिंता पर हावी रही। वहां यह महसूस किया गया कि पाकिस्तान में अस्थिरता का खतरा अभी भी मौजूद है।
बैठक में शामिल दलों से जुड़े सूत्रों ने द न्यूज को बताया कि हालांकि सत्ताधारी गठबंधन इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के कमजोर होने जाने की बात से आश्वस्त है, लेकिन गठबंधन के नेताओं को इस बात का अहसास है कि पूर्व प्रधानमंत्री की लोकप्रियता बनी हुई है। पिछले साल अप्रैल में पीटीआई की सरकार गिराए जाने के बाद से इमरान खान की लोकप्रियता में तेजी से उछाल आया था। उसके बाद देश में हुए कुल 37 उप चुनावों में से 30 में पीटीआई विजयी रही।
पाकिस्तान के अखबारों में दुबई बैठक को लेकर कई तरह के कयास लगाए गए हैं। एक विश्लेषण में कहा गया है कि गुजरे महीनों में पीडीएम के भीतर गहतफहमियां बढ़ी हैं। दुबई में नेताओं ने आपसी बातचीत से उन्हें दूर करने की कोशिश की। बैठक में इस मसले पर भी विचार हुआ कि अगले आम चुनाव कब कराए जाने चाहिए और क्या गठबंधन को एकजुट रहते हुए इसमें उतरना चाहिए।
एक सूत्र ने द न्यूज को बताया- पीएमएल-नवाज, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और अन्य प्रमुख दलों के नेताओं के बीच हुई बातचीत में चर्चा का खास मुद्दा यह रहा कि इमरान खान को संभावित सजा और उन्हें चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराए जाने के बाद जो स्थिति बनेगी, उसमें सत्ताधारी गठबंधन की सबसे माकूल रणनीति क्या होगी।
इमरान खान लगातार सेना के निशाने पर हैं। सोमवार को सेना ने साफ संकेत दिया था कि नौ मई को इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद हुई घटनाओं के सिलसिले में कानून के हाथ उन तक पहुंचेंगे। इमरान खान ने मंगलवार को एक वीडियो जारी कर सेना को करारा जवाब दिया। सेना के प्रवक्ता ने आरोप लगाया था कि नौ मई को हुई हिंसा पहले से रची गई साजिश का नतीजा थी। जबकि इमरान खान ने कहा कि गुजरे एक साल से ज्यादा समय से लगातार उनके खिलाफ ‘ताकतवर लोगों’ ने साजिश रची है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस साजिश को जारी रख कर देश को अस्थिरता की तरफ धकेला जा रहा है।