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Pakistan: बलूच नेता का दावा- बुरी तरह नाकाम हुआ पाकिस्तानी सेना का शाहीन-3 मिसाइल परीक्षण

Wed, 23 Jul 2025 10:33 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद। Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 23 Jul 2025 10:33 AM IST
सार

Pakistan: पाकिस्तान ने 22 जुलाई 2025 को शाहीन-3 मिसाइल का नाकाम परीक्षण किया। मिसाइल डेरा गाजी खान इलाके से छोड़ी गई थी लेकिन यह नागरिक इलाके के बेहद पास जाकर गिरी। बलूच नेता मीर यार बलोच ने कहा कि यह परीक्षण आम नागरिकों की जान को खतरे में डालते हैं व क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करते हैं।

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Pakistan Army's Shaheen-3 missile test fails miserably Mir Yar Baloch condemned
पाकिस्तानी सेना का शाहीन-3 मिसाइल परीक्षण बुरी तरह नाकाम - फोटो : एक्स/मीर यार बलोच

विस्तार

पाकिस्तानी सेना ने हाल ही में अपनी शाहीन-3 मिसाइल का परीक्षण किया। लेकिन यह परीक्षण में बुरी तरह नाकाम रहा। यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। मिसाइल बलोचिस्तान के डेरा गाजी खान इलाके से छोड़ी गई थी, जो नागरिक इलाकों के पास जाकर गिरी। बलूच नेता मीर यार बलोच ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। 
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बलूच विद्रोही बलूचिस्तान को पाकिस्तान का हिस्सा नहीं मानते हैं और इस पर पाकिस्तान के कब्जे का विरोध करते हैं। बलूच नेता मीर यार बलोच ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, बलूच गणराज्य पाकिस्तान के बार-बार नाकाम मिसाइल परीक्षणों की कड़ी निंदा करता है। पाकिस्तान लगातार बलूचिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन कर रहा है और आम नागरिकों की जान खतरे में डाल रहा है। उन्होंने कहा, पाकिस्तान की कब्जा करने वाली सेना ने 22 जुलाई को बलूचिस्तान गणराज्य में एक नाकाम मिसाइल परीक्षण किया। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मिसाइल बलूचिस्तान के डेरा गाजी खान इलाके से छोड़ी गई, जो नागरिक इलाकों के पास लूप सहरानी लेवी स्टेशन से केवल 500 मीटर उत्तर की ओर गिरी। अगर यह मिसाइल थोड़ी भी दिशा से भटक जाती, तो भारी जनहानि और संपत्ति को बड़ा नुकसान हो सकता था।

उन्होंने कहा, यह कोई एकमात्र मामला नहीं है। पाकिस्तानी सेना लंबे समय से मिसाइल परीक्षण को एक बहाना बनाकर रणनीतिक क्षेत्रों से बलूच लोगों को जबरन हटाने का काम कर रही है, जिसमें डेरा बुगती, कहान और आसपास के इलाके शामिल हैं। स्थानीय लोगों ने धमकियों और डराने-धमकाने की घटनाओं की जानकारी दी है, जो एक बेहद चिंताजनक चलन (पैटर्न) की ओर इशारा करता है। जबरन विस्थापन की नीति सरकारी स्तर पर की जा रही है, ताकि संसाधनों के दोहन के लिए खुला रास्ता मिल सके।


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मीर यार बलोच ने कहा, हाल के वर्षों में पाकिस्तान ने बलूचिस्तान का और अधिक सैन्यकरण कर दिया है। विदेशी ताकतों के साथ मिलकर इस क्षेत्र को उसने बैलिस्टिक मिसाइलों और अन्य आधुनिक हथियारों के परीक्षण स्थल में बदल दिया है। यह याद रखना जरूरी है कि यह पहली बार नहीं हुआ है। अक्तूबर 2023 में एक और नाकाम मिसाइल परीक्षण किया गया था, जिसमें पंजाब से छोड़ी गई मिसाइल डेरा बुगती की कृषि भूमि में गिर गई थी, जो आबादी वाले इलाकों के बेहद करीब थी।

उन्होंने बताया, 28 मई 1998 को पाकिस्तान ने कब्जे वाले बलूचिस्तान के चगई जिले में बिना स्थानीय जनता की सहमति के छह परमाणु परीक्षण किए थे। दशकों बाद भी वह इलाका खतरनाक परमाणु विकिरण से प्रभावित है, जिससे कैंसर, पुरानी त्वचा की बीमारियां और दूसरी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं अब भी स्थानीय बलूच लोगों में देखी जा रही हैं। उन्होंने आगे लिखा, हम संयुक्त राष्ट्र, यूएन सुरक्षा परिषद और संबंधित अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से अपील करते हैं कि पाकिस्तान पर हथियारों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाए; उसके बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों पर सख्त प्रतिबंध लगाए जाएं; बलूचिस्तान में आम नागरिकों और संप्रभुता पर बार-बार हो रहे हमलों की जांच करवाई जाए; मिसाइल परीक्षणों और वायु सेना की बमबारी के डर से हो रहे बलूच आबादी के जबरन विस्थापन की निगरानी की जाए।



 
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