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Pakistan: सेना का दावा- नए सैन्य अभियान 'अज्म-ए-इस्तेकाम' के बारे में झूठ फैला रहा संगठित राजनीतिक माफिया
Mon, 22 Jul 2024 07:04 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 22 Jul 2024 07:04 PM IST
सार
Pakistan: सैन्य अभियान अज्म-ए-इस्तेकाम को लेकर पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि एक बड़े राजनीतिक माफिया ने इस अभियान को नाकाम कर दिया। उस माफिया का पहला कदम झूठे और फर्जी तर्कों के जरिए अभियान को विवादास्पद बनाना था।
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पाकिस्तानी सेना का आतंकवाद के खिलाफ सैन्य अभियान (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
पाकिस्तानी सेना ने सोमवार को दावा किया कि राजनीतिक माफिया संगठित तरीके से नए आतंकवाद रोधी अभियान 'अज्म-ए-इस्तेकाम' के बारे में गलत जानकारी फैला रहे हैं। इस सैन्य अभियान को देश में आतंकवादियों को खत्म करने और आर्थिक विकास व स्थिरता को गति देने के मकसद के साथ शुरू किया गया था।
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सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ ने आज रावलपिंडी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि नए सैन्य अभियान सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा, "एक बड़े राजनीतिक माफिया ने इस अभियान को नाकाम कर दिया। उस माफिया का पहला कदम झूठे और फर्जी तर्कों के जरिए अभियान को विवादास्पद बनाना था।"
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देश में पहले भी इसी तरह के बड़े सैन्य अभियान चलाए गए थे। जिनमें 'जर्ब-ए-अज्ब' और 'रद्द-उल-फसाद' जैसे अभियान शामिल हैं। इन अभियानों के चलते बड़े पैमाने पर लोगों को विस्थापन का सामना करना पड़े। एक रिपोर्टर ने इन अभियानों का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या मौजूदा अभियान अज्म-ए-इस्तेकाम के दौरान भी लोग इसी तरह विस्थापित होंगे? इस पर सेना के प्रवक्ता ने कहा, "यह एक सैन्य अभियान नहीं है, लेकिन आर्थिक विकास और स्थिरता को बढ़ावा देने के मकसद से एक बड़ी आतंकवाद रोधी पहल है।"
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उन्होंने पिछले सैन्य अभियानों का जिक्र करते हुए कहा, "हमारा मुद्दा यह है कि हम हमारी राजनीतिक के कारण हर महत्वपूर्ण मुद्दे का मजाक बनाते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "समस्या यह है कि हम राजनीति के कारण बहुत महत्वपूर्ण मुद्दों को छोड़ रहे हैं और अज्म-ए-इस्तेकाम इसका एक उदाहरण है।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह पहले से मौजूद उस राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपी) को पुनर्जीवित करने के मकसद के शुरू किया गया था, जिसे आंतकवाद को खत्म करने के लिए 2014 में शुरू किया गया था। सेना के प्रवक्ता ने कहा, "सैन्य अभियान की घोषणा के अनुसार कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा पहले से किए जा रहे प्रयासों को मजबूत किया जाएगा।"
प्रवक्ता ने कहा कि एक बहुत मजबूत लॉबी नहीं चाहती कि एनएपी के मकसदों को पूरा किया जाए। ऐसा इसलिए है, क्योंकि अभियान में बहुत अधिक दांव हैं और यह किसी विचारधारा पर आधारित नहीं है। लेकिन इसमें बहुत सारा पैसा शामिल है।