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गिलगित-बाल्टिस्तान पर गुप्त बैठक के दौरान बाजवा-बिलावल आपस में भिड़े

Wed, 23 Sep 2020 05:07 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: Jeet Kumar Updated Wed, 23 Sep 2020 05:07 AM IST
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Pakistan Army Chief Javed Bajwa and Bilawal bhutto clashed during secret meeting on Gilgit Baltistan
सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा और बिलावल भुट्टो - फोटो : facebook

पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा ने पीओके के विवादित क्षेत्र गिलगित-बाल्टिस्तान को प्रांत का दर्जा देने और यहां चुनाव कराने को लेकर हाल में देश की सभी बड़ी पार्टियों के नेताओं को तलब किया था। इस गुप्त बैठक में नवाज शरीफ के भाई शाहबाज शरीफ और आसिफ अली जरदारी के बेटे बिलावल भुट्टो भी मौजूद थे।

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हालांकि, मामला तब बिगड़ गया जब बाजवा ने इस मुद्दे पर चर्चा शुरू की और बिलावल व शाहबाज ने राजनीतिक मामले में सेना के हस्तक्षेप का मसला उठा दिया। इसके बाद बाजवा और बिलावल के बीच तीखी बहस हुई।
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सरकार में मौजूद मंत्रियों और विपक्षी नेताओं ने गोपनीयता की शर्त पर बताया, बिलावल ने कहा कि मौजूदा हालात 1971 वाले हैं, क्योंकि तब भी सेना राजनीतिक मामलों में हस्तक्षेप कर रही थी। बिलावल ने बलूचिस्तान मुद्दा, आईएसआई का राजनीति में हस्तक्षेप और प्रधानमंत्री इमरान खान को सेना के समर्थन का उदाहरण दिया।
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वहीं, बाजवा ने कहा कि पीओके पर भारत की कार्रवाई का डर है, जबकि चीन इस इलाके में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है। ऐसे में हम गिलगित-बाल्टिस्तान को नया प्रांत बनाना चाहते हैं। बैठक का आयोजन 16 सितंबर को किया गया था।

1971 की हार की याद दिलाई तो बाजवा ने डांटा
बिलावल ने जब 1971 के बांग्लादेश युद्ध के समय सेना के राजनीति में दखल का जिक्र किया तो बाजवा ने उन्हें डांट लगा दी।

बाजवा ने कहा, सेना से मिलने को आप जैसे नेता आते हैं, हम आपके पास नहीं आते। हमने गिलगित-बाल्टिस्तान जैसे राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे के लिए आपको बुलाया है। बाजवा से डांट पड़ने के बाद बिलावल और शाहबाज शरीफ चुप होकर बैठ गए। बाजवा और आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट फैज हमीद ने नेताओं को हिदायत दी कि वे सेना को सियासी मुद्दों के साथ नहीं घसीटें।


रेल मंत्री ने की बैठक की पुष्टि
बैठक में  जमात-ए-इस्लामी के अमीर सिराज हक, एएनपी के अमीर हैदर होटी और जेयूआई-एफ के असद समेत 15 विपक्षी नेता शामिल थे। इसमें पीएमएल-एन के नेता ख्वाजा आसिफ और अहसान इकबाल, पीपीपी के सीनेटर शेरी रहमान और कुछ मंत्री भी शरीक हुए।


रेल मंत्री शेख राशिद ने डॉन के साथ बातचीत में बैठक की पुष्टि करते हुए कहा कि यह बैठक गिलगित-बाल्टिस्तान की संवैधानिक स्थिति में बदलाव पर चर्चा के लिए आयोजित की गई थी।

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