Pakistan: सेना प्रमुख जनरल मुनीर ने खाई कमस, कहा- आतंकवाद से पैदा हुए खतरों को हमेशा के लिए कर देंगे खत्म
जनरल मुनीर ने आंतकी हमलों को विफल करने और आतंकवाद विरोधी अभियानों के तहत आतंकी कमांडरों को बेअसर करने में पाकिस्तानी सेना के प्रयासों की सराहना की।
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पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने मंगलवार को आतंकवाद से उत्पन्न खतरे को हमेशा के लिए खत्म करने की कसम खाई है। दरअसल, पाकिस्तान में अफगानिस्तान की सीमा से लगे क्षेत्रों में आतंकी हमलों में काफी वृद्धि हुई है। पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, जनरल मुनीर ने मंगलवार रावलपिंडी में आयोजित 264वें कोर कमांडर कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।
चीनी नागरिकों पर हुए आतंकी हमले की निंदा
कार्यक्रम के दौरान जनरल मुनीर ने आंतकी हमलों को विफल करने और आतंकवाद विरोधी अभियानों के तहत आतंकी कमांडरों को बेअसर करने में पाकिस्तानी सेना के प्रयासों की सराहना की। पाकिस्तान की सशस्त्र बल आतंक के खतरे को हमेशा के खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। कॉन्फ्रेंस में हाल ही में चीनी नागरिकों पर हुए आतंकी हमले और बलूचिस्तान में हुए विभिन्न आतंकी हमलों की भी निंदा की गई। कॉन्फ्रेंस में फलस्तीनी लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की गई। सैन्य अधिकारियों ने गाजा में मानवाधिकारों के उल्लंघन और नरसंहार की निंदा की। सैन्य अधिकारियों ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि तनाव को कम नहीं किया गया तो क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ सकता है।
चीनी नागरिकों पर हुए हमलों की जिम्मेदारी अब तक किसी भी संगठन ने नहीं ली
बता दें, एक वाहन में सवार आत्मघाती हमलावर ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के सुदूर बेशम इलाके में चीनी इंजीनियरों के काफिले को निशाना बनाया था। उस दौरान चीन के इंजीनियर कोहिस्तान जिले में दासू हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर स्टेशन के एक निर्माण स्थल की ओर जा रहे थे। इस हमले में पांच चीनी नागरिक और उनके पाकिस्तानी ड्राइवर मारे गए थे। बता दें, चीनी नागरिकों पर हुए हमलों की जिम्मेदारी अब तक किसी भी संगठन ने नहीं ली है। हालांकि, खैबर-पख्तूनख्वा आतंकवाद-रोधी विभाग ने हमले के लिए प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान, पाकिस्तान को जिम्मेदार माना है। गौरतलब है कि 60 अरब अमेरिकी डॉलर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के तत्वावधान में हजारों चीनी पाकिस्तान की कई परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं।