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पाक अदालत ने अफगान तालिबान प्रमुख मंसूर की संपत्तियों को नीलामी के लिए कब्जे में लिया
Fri, 08 May 2020 03:21 PM IST
अनवर अंसारी
पीटीआई, इस्लामाबाद
पीटीआई, इस्लामाबाद
Published by: अनवर अंसारी
Updated Fri, 08 May 2020 03:21 PM IST
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Mullah Akhtar Mansour
- फोटो : Twitter
पाकिस्तान की आतंकवाद रोधी अदालत ने अफगान तालिबान प्रमुख मुल्ला अख्तर मंसूर की पांच संपत्तियों को नीलाम करने के लिए कब्जे में लिया है। इन संपत्तियों की कीमत 3.2 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
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डॉन अखबार की खबर के मुताबिक, मंसूर ने फर्जी पहचान पत्र का उपयोग करते हुए पाकिस्तान के कराची शहर में ये संपत्तियां खरीदी थीं, जिनमें खाली जमीन से लेकर घर तक शामिल थे। आतंकी मंसूर 21 मई, 2016 को पाकिस्तान-ईरान सीमा पर एक ड्रोन हमले में मारा गया था।
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उसने जुलाई 2015 में तालिबान की सत्ता अपने हाथों ली थी। उसने इस आतंकी संगठन के संस्थापक और अध्यात्मिक प्रमुख मुल्ला मोहम्मद उमर की जगह ली थी, जिसकी साल 2013 में मौत हो गई थी। इस्लामाबाद-मुख्यालय वाली संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने उसे अन्य प्रावधानों के बीच कड़े आतंकवाद-रोधी अधिनियम के तहत आरोपी साबित किया था।
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सूत्रों ने अखबार को बताया कि इन संपत्तियों का पता तब चला जब पिछले साल जुलाई में एफआईए द्वारा आतंकवाद रोधी अदालत (एटीसी)-II को एक रिपोर्ट सौंपी गई। एफआई मंसूर और उसके गुर्गों द्वारा कथित धन उगाही से जुड़े एक मामले की जांच कर रही थी।
जनवरी से ही अदालत ने जांच अधिकारी को निर्देश दिया था कि वह मंसूर की संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया पूरी करे और उसके दो कथित फरार साथियों अख्तर मोहम्मद और अमार को पकड़ने की दिशा में काम करे।
अदालत ने 24 अप्रैल को एक नाजिर (अदालत के एक कर्मचारी) को मुल्ला मंसूर की संपत्ति कब्जे में लेने का आदेश दिया था। इसके पहले जांच अधिकारी ने संघीय जाचं एजेंसी (एफआईए) द्वारा संपत्ति को कुर्क करने की प्रक्रिया पूरी करने की एक रिपोर्ट सौंपी थी।
जब मामला हाल ही में एटीसी-II के न्यायाधीश के सामने आया, तो नजीर ने अदालत की ओर से मंसूर के स्वामित्व वाली संपत्तियों की जब्ती पर एक रिपोर्ट दायर की। न्यायाधीश ने मामले में 11 जून से सुनवाई निर्धारित की है।