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Pakistan: पाकिस्तान की फोन निर्माता कंपनियों पर ताला, कंगाल देश में नौकरी पर ग्रहण, आखिर कब सुधरेंगे हालात?

Mon, 03 Apr 2023 07:25 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Mon, 03 Apr 2023 07:25 PM IST
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सार
पाकिस्तान की मोबाइल फोन असेंबल करने वाली सभी 30 इकाइयां बंद हो गई हैं। इनमें तीन विदेशी ब्रांड भी शामिल हैं। ज्यादातर कंपनियों ने कर्मचारियों को अप्रैल का आधा वेतन एडवांस देकर छुट्टी दे दी है। 
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Pakistan: Almost all of the country’s 30 mobile phone assembly units shut down in Pakistan, what next
पाकिस्तान में रोजगार संकट - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

आर्थिक रूप से बदहाल पाकिस्तान की परेशानियां कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश की लगभग सभी 30 मोबाइल फोन असेंबल करने वाली इकाइयां बंद हो गई हैं। निर्माताओं का कहना है कि आयात प्रतिबंधों के कारण उनके पास कच्चा माल खत्म हो गया है, जिससे लगभग 20 हजार कर्मचारियों का भविष्य दांव पर लग गया है। वहीं, दूसरी ओर महंगाई भी लोगों की कमर तोड़ रही है। मार्च महीने में पाकिस्तान की मुद्रास्फीति 35.37 प्रतिशत पर पहुंच गई जो 50 साल में सबसे ज्यादा है। 


पाकिस्तान में अभी क्या हुआ है? मोबाइल असेंबल करने वाली इकाइयां क्यों बंद हो गईं? यहां आर्थिक हालात कैसे हैं? आईएमएफ के बेलआउट पैकेज का क्या हुआ?

पाकिस्तान में अभी क्या हुआ है?
पाकिस्तान की मोबाइल फोन असेंबल करने वाली सभी 30 इकाइयां बंद हो गई हैं। इनमें तीन विदेशी ब्रांड भी शामिल हैं। ज्यादातर कंपनियों ने कर्मचारियों को अप्रैल का आधा वेतन एडवांस देकर छुट्टी दे दी है। उनसे कहा गया है कि प्रोडक्शन शुरू होते ही उन्हें वापस बुला लिया जाएगा। पाकिस्तान मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने हाल के एक पत्र में आईटी मंत्रालय को सूचित किया था कि कंपनियां बंद होने के कगार पर हैं।

मोबाइल असेंबल करने वाली इकाइयां क्यों बंद हो गईं?
एक मोबाइल निर्माता कंपनी ने पाकिस्तान अखबार द डॉन को बताया कि उसके समूह की तीन मोबाइल उत्पादन इकाइयां हैं और तीनों बंद हैं'। इसके लिए कंपनी ने वित्त मंत्रालय की अक्षम और अजीब नीतियों को दोषी ठहराया है। निर्माता ने सरकारी नीतियों का जिक्र किया, जिसने किसी भी आयातक के लिए लेटर ऑफ क्रेडिट (एलसी) प्राप्त करना मुश्किल बना दिया है। एलसी, बैंक से मिलने वाला एक दस्तावेज होता है जो गारंटी देता है कि विक्रेता को खरीदार का सही और समय पर भुगतान प्राप्त होगा। इन दिक्क्तों की वजह से मोबाइल फोन निर्माण में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख उपकरणों और पुर्जों का आयात बंद हो गया है।

 पाकिस्तान मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने हाल के एक पत्र में आईटी मंत्रालय को बताया था कि स्थानीय मोबाइल आपूर्ति लगभग बंद हो गई है और बाजारों में भी मोबाइल फोन की कमी का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष हाजी अब्दुल रहमान द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि स्थिति उपभोक्ताओं को परेशान करने वाली है, जिन्हें स्थानीय स्तर पर निर्मित मोबाइल के लिए काफी अधिक कीमत चुकानी पड़ती है। पत्र में, उन्होंने यह भी कहा कि कई निवेशक अपना ध्यान अन्य क्षेत्रों में स्थानांतरित कर सकते हैं। उनके मुताबिक, कंपनियों के पास कच्चा माल लगभग खत्म हो गया है, जो ज्यादातर चीन, दक्षिण कोरिया और वियतनाम से आता है।

मोबाइल फोन उद्योग 20,000 युवा पाकिस्तानियों को रोजगार देता है और अप्रत्यक्ष रूप से अन्य 20,000 नौकरियां पैदा करता है। इन कंपनियों के बंद होने से युवाओं के रोजगार का सवाल खड़ा गया है। 

पाकिस्तान महंगाई
पाकिस्तान महंगाई - फोटो : फाइल फोटो
पाकिस्तान के आर्थिक हालात कैसे हैं?
इसी बीच, पाकिस्तान में महंगाई भी आसमान छू रही है। मार्च महीने में सीपीआई मुद्रास्फीति 50 साल के उच्च स्तर 35.37 प्रतिशत पर पहुंच गई है। जानकारों का कहना है कि अभी इसमें और बढ़ोतरी होगी। केंद्रीय बैंक ने बढ़ती मुद्रास्फीति का मुकाबला करने के लिए बेंचमार्क ब्याज दर को 300 बीपीएस को 20 फीसदी तक बढ़ा दिया है। आंकड़ों से पता चलता है कि मार्च में परिवहन की कीमतें 54.94 फीसदी चढ़ गईं, जबकि खाद्य मुद्रास्फीति मार्च में 47.15 फीसदी बढ़ गईं हैं। कपड़ों और जूतों की कीमतों में 21.93 फीसदी और आवास, पानी, बिजली की कीमतों में 17.49 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

पाकिस्तान में भगदड़ से मौत
पाकिस्तान में भगदड़ से मौत - फोटो : सोशल मीडिया
महंगाई का क्या प्रभाव पड़ रहा है?
पाकिस्तान में बदतर होते आर्थिक हालात और बढ़ती महंगाई आवाम के लिए जानलेवा साबित हो रही है। सस्ते खाने के लिए हर रोज किसी न किसी शहर में भगदड़ देखने को मिल रही है। पिछले दस दिन के अंदर खाने के लिए मची भगदड़ में 20 लोगों की मौत हो चुकी है। हालिया घटना देश के सबसे बड़े शहर कराची में हुई जहां मुफ्त राशन बांटने के दौरान भगदड़ मच गई। इसमें 12 लोगों की मौत हो गई। हादसा शहर के साइट इलाके में नौरस चौराहे के पास एक कारखाने से जुड़ा है। शुक्रवार की शाम को यहां मुफ्त राशन बांटा जा रहा था, जिसके कारण लोगों की भीड़ जुट गई थी। हर रमजान के दौरान यहां लोग राशन बांटते हैं। पुलिस ने कहा है कि मरने वालों में तीन बच्चे और आठ महिलाएं भी शामिल हैं। सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच लाख और घायलों को एक लाख रुपये मुआवजा देने का एलान किया है।

पाकिस्तान आया आईएमएफ का एक प्रतिनिधिमंडल
पाकिस्तान आया आईएमएफ का एक प्रतिनिधिमंडल - फोटो : SOCIAL MEDIA
आईएमएफ के बेलआउट पैकेज का क्या हुआ? 
पाकिस्तान 6.5 अरब डॉलर के आईएमएफ बेलआउट पैकेज को हासिल करने की कोशिश में जुटा है। इसे वाशिंगटन स्थित वैश्विक ऋणदाता ने 2019 में मंजूरी दी थी। हालांकि, इस बीच पेट्रोल सब्सिडी और वाणिज्यिक बैंकों से सीधे उधार लेने के प्रयासों जैसे इसके गलत कदमों ने नकदी की कमी वाले देश के लिए मामलों को और जटिल बना दिया है। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक वित्त सम्राट इशाक डार 10 अप्रैल से 16 अप्रैल तक आईएमएफ और विश्व बैंक (डब्ल्यूबी) की वार्षिक वसंत बैठक में भाग लेने के लिए अमेरिका में एक उच्च रैंकिंग प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। इस दौरान वित्त मंत्री और आईएमएफ अधिकारियों के बीच बेलआउट पैकेज की वार्ता हो सकती है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ - फोटो : Social Media
आगे क्या हालात सुधरेंगे?
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में पिछले कई महीनों से सामानों के दाम में बढ़ोतरी देखने को मिली है। वार्षिक मुद्रास्फीति पिछले साल जून से 20 फीसदी ज्यादा है। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी अपने मासिक आर्थिक अपडेट और आउटलुक कहा है कि महंगाई आने वाले दिनों में और भी बढ़ सकती है। इसके पीछे का कारण ऊर्जा और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी और केंद्रीय बैंक की नीतियों को बताया गया है।
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