Pakistan: वैध अफगान निवासियों को निर्वासित करने के फैसले पर 31 दिसंबर तक रोक, पाकिस्तान सरकार का बड़ा फैसला
Pakistan: बलूचिस्तान प्रांत के कार्यवाहक सूचना मंत्री जान अचकजई ने कहा कि सरकार ने उन अफगानों को भी उनके देश वापस भेजने का फैसला किया है जो अपने दस्तावेजों की अवधि समाप्त होने के बाद वर्षों से पाकिस्तान में कानूनी दस्तावेजों के साथ रह रहे है।
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पाकिस्तान सरकार ने वैध अफगान शरणार्थी निवासियों को वापस भेजने के अपने फैसले पर शनिवार को 31 दिसंबर तक के लिए रोक लगा दी, जिनके कानूनी निवास दस्तावेज इस साल समाप्त हो गए थे। एक अधिकारी ने यह घोषणा की।
देश के बलूचिस्तान प्रांत के कार्यवाहक सूचना मंत्री जान अचकजई ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ने उन अफगानों को भी उनके देश वापस भेजने का फैसला किया है जो अपने दस्तावेजों की अवधि समाप्त होने के बाद वर्षों से पाकिस्तान में कानूनी दस्तावेजों के साथ रह रहे है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया, इसे 31 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दिया गया है ताकि उन अफगान शरणार्थियों को भी निर्वासित किया जा सके, जिनके पंजीकरण का प्रमाण या पीओआर कार्ड इस साल समाप्त हो गए हैं।सरकार ने पाकिस्तान में रह रहे अवैध अफगान शरणार्थियों को एक नवंबर तक देश छोड़ने का अल्टीमेटम दिया था। सरकार ने कहा था कि इस समयसीमा के बाद उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
अचकजई ने कहा कि अवैध प्रवासियों को निर्वासित करने का अभियान सफलतापूर्वक जारी है और अब तक 250,000 अफगान स्वेच्छा से घर लौट आए हैं, जबकि अन्य 80,000 को चमन और तोरखम सीमाओं के माध्यम से निर्वासित किया गया है।
मंत्री ने कहा, कानूनी दस्तावेजों के साथ रह रहे लोगों को भी वापस भेजने का फैसला एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में लिया गया है, क्योंकि आतंकवादियों द्वारा पाकिस्तान और उसके सुरक्षा बलों और लोगों को निशाना बनाने के लिए अफगान धरती का इस्तेमाल किया जा रहा है।
अचकजई ने कहा कि कई अफगान पाकिस्तान में आतंकवादी और आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं और हाल ही में झोब बलूचिस्तान में छह आतंकवादी मारे गए थे और वे सभी अफगान नागरिक थे। उन्होंने दावा किया कि दो साल पहले अफगानिस्तान में नई (तालिबान) सरकार के कार्यभार संभालने के साथ पाकिस्तान में आतंकवाद की घटनाओं में वृद्धि हुई है।
शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र आयोग और अन्य देशों की ओर से पाकिस्तानी सरकार पर दबाव बढ़ रहा है कि वे उन अफगानों को निर्वासित न करें जो 2021 में तालिबान शासन या रूसी आक्रमण के बाद से घर पर संघर्ष और उत्पीड़न से भाग गए थे और उनके पास कानूनी दस्तावेज थे। पाकिस्तान का दावा है कि देश में करीब 17 लाख अफगान अवैध रूप से रह रहे हैं।
अचकजई ने कहा कि बलूचिस्तान सरकार ने अब तक अफगान नागरिकों के करीब 1,00,000 फर्जी कम्प्यूटरीकृत राष्ट्रीय पहचान पत्रों (सीएनआईसी) को ब्लॉक कर दिया है और सिंध में अन्य 20,000 फर्जी सीएनआईसी को कथित तौर पर ब्लॉक कर दिया गया है। वैध अफगान शरणार्थियों के पंजीकरण या पीओआर कार्ड का प्रमाण 30 जून, 2023 को समाप्त हो गया। पीओआर कार्ड की वैधता बढ़ाने से इस्लामाबाद ने इनकार कर दिया था और इसके बाद हुई देरी के लिए कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया था।