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पाक का पैंतरा: चुपचाप तालिबानी राजनयिकों को अफगान मिशनों की कमान संभालने की दी अनुमति

Sat, 30 Oct 2021 04:46 PM IST
Amit Mandal पीटीआई, इस्लामाबाद
पीटीआई, इस्लामाबाद Published by: Amit Mandal Updated Sat, 30 Oct 2021 04:46 PM IST
सार

सरदार मुहम्मद शोकेब ने इस्लामाबाद में अफगान दूतावास में पहले सचिव के रूप में काम करना शुरू कर दिया है। पाकिस्तान ने ये काम चुपचाप बिना किसी को बताए कर दिया। 

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Pak quietly allows Taliban-appointed diplomats' to take charge of Afghan missions
Afghanistan Pakistan - फोटो : Shutterstock

विस्तार

पाकिस्तान ने तालिबान द्वारा नियुक्त राजनयिकों को चुपचाप देश में अफगान दूतावास और वाणिज्य दूतावास का प्रभार लेने की अनुमति दे दी है। शनिवार को एक मीडिया रिपोर्ट में ये बात कही गई है। हालांकि पाकिस्तान तालिबान को काबुल में वैध सरकार के रूप में मान्यता नहीं देता है, फिर भी उसने नियुक्त राजनयिकों को वीजा जारी किया है। 
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सरदार मुहम्मद शोकेब अफगान दूतावास में पहले सचिव
डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, सरदार मुहम्मद शोकेब ने इस्लामाबाद में अफगान दूतावास में पहले सचिव के रूप में काम करना शुरू कर दिया है, जबकि हाफिज मोहिबुल्लाह, मुल्ला गुलाम रसूल और मुल्ला मुहम्मद अब्बास को अफगानिस्तान के पेशावर, क्वेटा और कराची वाणिज्य दूतावासों में नियुक्त किया गया है। 
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शोकेब प्रभावी रूप से इस्लामाबाद में अफगान प्रभारी डी'अफेयर होंगे। यहां का अफगान दूतावास जुलाई के बाद से बिना किसी राजदूत के रहा है। पिछले शासन के तहत नजीबुल्लाह अलीखिल अपनी बेटी सिलसिला अलीखिल के अपहरण के विवाद में यहां से चले गए थे। शोकेब के बारे में कोई विवरण साझा नहीं किया गया है, लेकिन वॉयस ऑफ अमेरिका की एक रिपोर्ट के अनुसार, वह जाबुल प्रांत का एक जातीय पश्तून है, जो दक्षिणी कंधार में सूचना और सांस्कृतिक विभाग में काम करता था और एक तालिबान पत्रिका से जुड़ा था। 
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पाकिस्तान में हो चुका है गिरफ्तार 
शोकेब ने कथित तौर पर एक बार कारी यूसुफ अहमदी के नाम से तालिबान के प्रवक्ता के रूप में काम किया था और उसे पाकिस्तान में गिरफ्तार किया गया था और बाद में कई वर्षों तक पेशावर में रहा। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता असीम इफ्तिखार ने नई नियुक्तियों को एक प्रशासनिक मामला बताकर मामले को हल्का करने की कोशिश की।


उन्होंने कहा कि अफगान दूतावास में नए कर्मचारियों की नियुक्ति एक प्रशासनिक मामला है और इसका उद्देश्य दूतावास को अपने कार्यों को करने में सक्षम बनाना है। मुख्य रूप से कांसुलर कार्य जरूरी है क्योंकि आप जानते हैं कि पाकिस्तान में लाखों अफगान शरणार्थी हैं और वीजा भी एक प्रमुख मामला है। 



 
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