फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pak National Assembly passes bill to limit disqualification period of lawmakers; Nawaz Sharif may benefit

Pakistan: सांसदों की अयोग्यता अवधि सीमित करने के लिए विधेयक पारित; नवाज शरीफ के लिए हो सकता है फायदेमंद

Sun, 25 Jun 2023 10:53 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 25 Jun 2023 10:53 PM IST
सार

Pakistan: नवाज शरीफ को उच्चतम न्यायालय ने 2017 में आजीवन अयोग्य घोषित कर दिया था और बाद में जवाबदेही अदालत ने उन्हें भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी ठहराया था। 2018 में पनामा पेपर्स मामले में शीर्ष अदालत के फैसले के बाद तीन बार के पूर्व प्रधानमंत्री आजीवन सार्वजनिक पद संभालने के लिए अयोग्य हो गए थे।

विज्ञापन
Pak National Assembly passes bill to limit disqualification period of lawmakers; Nawaz Sharif may benefit
पाकिस्तान नेशनल असेंबली की कार्यवाही - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

पाकिस्तान की नेशनल असेंबली (संसद का निचला सदन) ने सांसदों को आजीवन अयोग्य ठहराए जाने की अवधि को घटाकर पांच साल तक सीमित करने के लिए रविवार को एक विधेयक पारित कर दिया है जिससे संभवत: इस साल होने वाले आम चुनावों से पहले पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की लंदन से सक्रिय राजनीति बहाल करने का रास्ता साफ हो गया।

विज्ञापन

73 वर्षीय शरीफ को उच्चतम न्यायालय ने 2017 में आजीवन अयोग्य घोषित कर दिया था और बाद में जवाबदेही अदालत ने उन्हें भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी ठहराया था। 2018 में पनामा पेपर्स मामले में शीर्ष अदालत के फैसले के बाद तीन बार के पूर्व प्रधानमंत्री आजीवन सार्वजनिक पद संभालने के लिए अयोग्य हो गए थे।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

'चुनाव (संशोधन) विधेयक 2023' का उद्देश्य अयोग्यता की अवधि को कम करने के अलावा पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) को राष्ट्रपति से परामर्श किए बिना एकतरफा चुनाव की तारीखों की घोषणा करने का अधिकार देना भी है। 
 

विज्ञापन

सांसदों की अयोग्यता की समयावधि पर विधेयक में 'चुनाव अधिनियम- 2017' की धारा 232 (अपराधों के कारण अयोग्यता) में संशोधन शामिल था। इस विधेयक को सीने (संसद का ऊपरी सदन) ने 16 जून को पहले ही मंजूरी दे दी थी। संशोधनों में चुनाव आयोग को राष्ट्रपति से परामर्श के बिना एकतरफा चुनाव की तारीखों की घोषणा करने का भी अधिकार है। कानून बनने के लिए इस विधेयक को अभी राष्ट्रपति की मंजूरी आवश्यकता है। 
 

जियो न्यूज की खबर के मुताबिक, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) समर्थित राष्ट्रपति आरिफ अल्वी के हज करने के लिए देश से बाहर होने के बाद सीनेट के अध्यक्ष सादिक संजरानी ने कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभाल लिया है और संभवत: वह बिना समय बर्बाद किए विधेयक का समर्थन करेंगे। 
 

माना जा रहा है कि कानून बनने के बाद शरीफ को आजीवन अयोग्य ठहराया जाना समाप्त हो जाएगा जिससे उनकी देश वापसी और अक्तूबर में संभावित आम चुनावों से पहले सक्रिय राजनीति में फिर से शामिल होने का रास्ता साफ हो जाएगा। लेकिन सक्रिय राजनीति में शामिल होने से पहले शरीफ को अपने खिलाफ भ्रष्टाचार विरोधी दो मामलों के फैसलों को पलटना होगा।
 

सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के सर्वोच्च नेता नवाज शरीफ नवंबर 2019 से ब्रिटेन में निर्वासन में रह रहे हैं। शरीफ अल-अजीजिया मिल्स भ्रष्टाचार मामले में सात साल के लिए जेल की सजा काट रहे थे। लाहौर उच्च न्यायालय ने उन्हें चिकित्सा आधार पर जमानत दी थी। इसके बाद वह लंदन के लिए रवाना हो गए थे। पीएमएल-एन का कहना है कि आम चुनाव की तारीख की घोषणा होने के बाद उसके सर्वोच्च नेता पाकिस्तान लौट आएंगे। देश में चुनाव अक्तूबर में होने हैं, क्योंकि मौजूदा सरकार का कार्यकाल 13 अगस्त को समाप्त हो रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed