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Pakistan: नौ मई की हिंसा से जुड़े सात मामलों में इमरान की जमानत याचिका बहाल, अब भी जेल से बाहर आना मुश्किल

Wed, 24 Jan 2024 12:35 AM IST
गुलाम अहमद वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर Published by: गुलाम अहमद Updated Wed, 24 Jan 2024 12:35 AM IST
सार

इमरान खान के वकील ने सुनवाई के दौरान अदालत को बताया कि ट्रायल कोर्ट ने कानून का उल्लंघन करते हुए उनके मुवक्किल की जमानत याचिका खारिज की। उन्होंने दलील दी कि जेल में बंद होने के कारण खान अपनी जमानत की सुनवाई के लिए ट्रायल कोर्ट के समक्ष पेश नहीं हो सके। 

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Pak court restores bail of Imran Khan in seven cases related to May 9 violence Pakistan Polls News Updates
इमरान खान (फाइल फोटो)। - फोटो : ANI

विस्तार

पाकिस्तान में आम चुनाव से पहले पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अदालत से थोड़ी राहत मिली है। हालांकि, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक को अभी भी जेल में ही रहना होगा। दरअसल, लाहौर हाईकोर्ट ने मंगलवार को नौ मई को सैन्य प्रतिष्ठानों पर हुए हमले और हिंसा से जुड़े सात मामलों में खान की अग्रिम जमानत याचिकाएं बहाल कर दी।

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हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति आलिया नीलम और न्यायमूर्ति फारूक हैदर की पीठ ने खान की याचिका पर सुनवाई की, जिसमें तोशाखाना मामले में खान की गिरफ्तारी के बाद नौ मई को हुई हिंसा से जुड़े मामलों में उनकी अग्रिम जमानत याचिकाओं को खारिज करने के संबंध में लाहौर की आतंकवाद विरोधी अदालत (एटीसी) के फैसले को चुनौती दी गई थी
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इमरान खान के वकील बैरिस्टर सलमान सफदर ने सुनवाई के दौरान अदालत को बताया कि ट्रायल कोर्ट ने कानून का उल्लंघन करते हुए उनके मुवक्किल की जमानत याचिका खारिज की। उन्होंने दलील दी कि जेल में बंद होने के कारण खान अपनी जमानत की सुनवाई के लिए ट्रायल कोर्ट के समक्ष उपस्थित नहीं हो सके। ट्रायल कोर्ट ने बिना उन्हें तलब किए जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। सफदर ने हाईकोर्ट से निचली अदालत के आदेश को रद्द करने का अनुरोध किया।
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वहीं, सरकार का पक्ष रखने वाले कानून अधिकारी फरहाद अली शाह ने इमरान खान की याचिका का विरोध किया और तर्क दिया कि ट्रायल कोर्ट ने खान की जमानत को खारिज कर दिया। हालांकि, हाईकोर्ट ने खान की अग्रिम जमानत याचिकाओं को बहाल करने का फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को जेल से वीडियो लिंक के जरिये इमरान खान की पेशी सुनिश्चित करने और योग्यता के आधार पर उनकी जमानत याचिकाओं पर फैसला करने का भी निर्देश दिया।


पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने 13 जनवरी को पीटीआई के चुनाव चिन्ह क्रिकेट बैट को छीन लिया था। इसके बाद पार्टी के उम्मीदवारों ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का फैसला किया है। पाकिस्तान चुनाव आयोग पहले ही खान और उनकी पार्टी के कई नेताओं के नामांकन पत्र खारिज कर चुका है।

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