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Pakistan: इमरान खान से जुड़ी सभी याचिकाओं पर अब एक साथ होगी सुनवाई, अलग-अलग मामलों में दायर की गई अर्जी
Thu, 12 Oct 2023 06:48 PM IST
आदर्श शर्मा
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Thu, 12 Oct 2023 06:48 PM IST
सार
इमरान खान ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय(आईएचसी) में कई याचिकाएं दायर की हैं। जिनमें से एक सिफर मामले में उनके जेल मुकदमे पर रोक लगाने की मांग कर रही है, दूसरी तोशाखाना फैसले को निलंबित करने की मांग कर रही है।
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पाकिस्तान की एक शीर्ष अदालत ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से जुड़ी अलग-अलग याचिकाओं को एक साथ जोड़ दिया है। जिसमें से एक याचिका सिफर मामले में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने और मामले को पूरी तरह से खारिज करने की मांग की गई है थी।
इमरान खान ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय(आईएचसी) में कई याचिकाएं दायर की हैं। जिनमें से एक सिफर मामले में उनके जेल मुकदमे पर रोक लगाने की मांग कर रही है, दूसरी तोशाखाना फैसले को निलंबित करने की मांग कर रही है और तीसरी सिफर मामले में उनके अभियोग के खिलाफ है, जो 17 अक्तूबर के लिए निर्धारित है।
डॉन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, वरिष्ठ वकील सरदार लतीफ खोसा खान ने अदालत को सूचित किया कि याचिका में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने और विशेष अदालत के अभियोग के आदेश को चुनौती देने की मांग की गई है। उन्होंने आगे कहा कि मामला आईएचसी के समक्ष लंबित था और फैसला सुरक्षित रखा गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि लाहौर उच्च न्यायालय ने संघीय जांच एजेंसी के एक मामले में स्थगन आदेश भी जारी किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि न्यायमूर्ति फारूक ने तब उनसे पूछा कि क्या अलग याचिका को मामले को खारिज करने की मांग के साथ जोड़ा जाना चाहिए, जिस पर खोसा इस शर्त पर सहमत हुए कि इसे 17 अक्तूबर से पहले तय किया जाएगा।
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मुख्य न्यायाधीश ने कहा था कि वह मामले की समीक्षा करेंगे और एक आदेश जारी करेंगे, जिसमें आश्वासन दिया जाएगा कि याचिकाओं पर सुनवाई 17 अक्तूबर से पहले तय की जाएगी।
सिफर मामला एक राजनयिक दस्तावेज (सिफर) से संबंधित है, जो कथित तौर पर इमरान खान से गायब हो गया था। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) प्रमुख ने पिछले साल उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव से पहले और बाद में बार-बार कहा कि सिफर उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय से हटाने की साजिश की ओर इशारा करता है।
इमरान खान को 5 अगस्त को तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराया गया और तीन साल जेल की सजा सुनाई गई। बाद में उन्हें अटॉक जेल में स्थानांतरित कर दिया गया, लेकिन आईएचसी ने बाद में उनकी सजा निलंबित कर दी। हालांकि, इमरान खान जेल में ही हैं क्योंकि वह सिफर मामले में न्यायिक रिमांड पर हैं।
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इमरान खान ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय(आईएचसी) में कई याचिकाएं दायर की हैं। जिनमें से एक सिफर मामले में उनके जेल मुकदमे पर रोक लगाने की मांग कर रही है, दूसरी तोशाखाना फैसले को निलंबित करने की मांग कर रही है और तीसरी सिफर मामले में उनके अभियोग के खिलाफ है, जो 17 अक्तूबर के लिए निर्धारित है।
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डॉन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, वरिष्ठ वकील सरदार लतीफ खोसा खान ने अदालत को सूचित किया कि याचिका में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने और विशेष अदालत के अभियोग के आदेश को चुनौती देने की मांग की गई है। उन्होंने आगे कहा कि मामला आईएचसी के समक्ष लंबित था और फैसला सुरक्षित रखा गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि लाहौर उच्च न्यायालय ने संघीय जांच एजेंसी के एक मामले में स्थगन आदेश भी जारी किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि न्यायमूर्ति फारूक ने तब उनसे पूछा कि क्या अलग याचिका को मामले को खारिज करने की मांग के साथ जोड़ा जाना चाहिए, जिस पर खोसा इस शर्त पर सहमत हुए कि इसे 17 अक्तूबर से पहले तय किया जाएगा।
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मुख्य न्यायाधीश ने कहा था कि वह मामले की समीक्षा करेंगे और एक आदेश जारी करेंगे, जिसमें आश्वासन दिया जाएगा कि याचिकाओं पर सुनवाई 17 अक्तूबर से पहले तय की जाएगी।
सिफर मामला एक राजनयिक दस्तावेज (सिफर) से संबंधित है, जो कथित तौर पर इमरान खान से गायब हो गया था। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) प्रमुख ने पिछले साल उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव से पहले और बाद में बार-बार कहा कि सिफर उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय से हटाने की साजिश की ओर इशारा करता है।
इमरान खान को 5 अगस्त को तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराया गया और तीन साल जेल की सजा सुनाई गई। बाद में उन्हें अटॉक जेल में स्थानांतरित कर दिया गया, लेकिन आईएचसी ने बाद में उनकी सजा निलंबित कर दी। हालांकि, इमरान खान जेल में ही हैं क्योंकि वह सिफर मामले में न्यायिक रिमांड पर हैं।