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China: चीन में भारतीय छात्रों की संख्या 23 हजार से घटकर हुई 10 हजार, सीमा विवाद इसकी बड़ी वजह
Mon, 06 May 2024 06:40 AM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 06 May 2024 06:40 AM IST
सार
कोरोना काल से पहले चीन में विदेशी छात्रों में दूसरी सर्वाधिक संख्या भारतीयों की थी, जबकि सबसे ज्यादा पाकिस्तानी थे, जिनकी संख्या 28 हजार के करीब थी।
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चीन और भारत
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विस्तार
चीन के साथ सीमा विवाद व कोविड संबंधी प्रतिबंधों के बीच भारतीय छात्रों ने चीन के विश्वविद्यालयों से किनारा कर लिया है। 2020 की शुरुआत मेंें कोरोना के भीषण प्रकोप के समय चीनी विश्वविद्यालयों में 23 हजार से ज्यादा भारतीय छात्र अध्ययन कर रहे थे, जिनकी संख्या घटकर 10 हजार रह गई है।
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कोरोना काल से पहले चीन में विदेशी छात्रों में दूसरी सर्वाधिक संख्या भारतीयों की थी, जबकि सबसे ज्यादा पाकिस्तानी थे, जिनकी संख्या 28 हजार के करीब थी। जानकार बताते हैं कि ज्यादातर भारतीय छात्र चीन में मेडिकल की पढ़ाई करने जाते हैं। भारत में सरकारी मेडिकल संस्थानों में दाखिला पाने के लिए कड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है।
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फीस ज्यादा लेकिन दाखिले में नहीं होती परेशानी
दूसरी तरफ चीन के निजी मेडिकल कॉलेज अत्यधिक फीस वसूलते हैं लेकिन दाखिले में दिक्कत नहीं होती। इसके कारण कोरोना से पहले चीनी विश्वविद्यालय भारतीय छात्रों के लिए पसंदीदा स्थान बन गए थे। हालांकि, चीन से मेडिकल करने वाले छात्रों को भारत में प्रैक्टिस करने की अनुमति के लिए विदेशी मेडिकल स्नातक परीक्षा देनी होती है।
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