भारतीय मूल के अभिजीत बनर्जी को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार, पीएम मोदी ने दी बधाई
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अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार की घोषणा कर दी गई है। भारतीय मूल के अभिजीत बनर्जी, उनकी पत्नी एस्थर डफ्लो और माइकल क्रेमर को 'वैश्विक गरीबी खत्म करने के प्रयोग' के उनके शोध के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित करने का एलान किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभिजीत बनर्जी को नोबेल पुरस्कार मिलने पर बधाई दी। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, अभिजीत बनर्जी को बधाई, उन्होंने गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इसके अलावा पीएम मोदी ने एस्थर डुफ्लो और माइकल क्रेमर को भी बधाई दी।
Congratulations to Abhijit Banerjee on being conferred the 2019 Sveriges Riksbank Prize in Economic Sciences in Memory of Alfred Nobel. He has made notable contributions in the field of poverty alleviation.
— Narendra Modi (@narendramodi) October 14, 2019
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नोबेल पुरस्कार मिलने पर अभिजीत बनर्जी को शुभकामनाएं दीं। ममता ने ट्वीट किया कि दक्षिण प्वाइंट स्कूल और प्रेसीडेंसी कॉलेज कोलकाता के पूर्व छात्र अभिजीत बनर्जी को अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार जीतने के लिए हार्दिक बधाई। एक और बंगाली ने राष्ट्र को गौरवान्वित किया है। हम बहुत खुश हैं।
Hearty congratulations to Abhijit Banerjee, alumnus of South Point School & Presidency College Kolkata, for winning the Nobel Prize in Economics. Another Bengali has done the nation proud. We are overjoyed.
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) October 14, 2019
জয় হিন্দ । জয় বাংলা ।
अभीजीत बनर्जी की मां निर्मला बनर्जी ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं। यह पूरे परिवार के लिए एक बड़ा गौरव का पल है।
Nirmala Banerjee, mother of #AbhijitBanerjee who was awarded #NobelPrize2019 for Economics along with his wife Esther Duflo and USA's Michael Kremer “for their experimental approach to alleviating global poverty”: I am very happy. It's a big glory for the entire family. #Kolkata pic.twitter.com/eodrYDe3kZ
— ANI (@ANI) October 14, 2019
भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक अभिजीत बनर्जी फिलहाल मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर हैं। वह और उनकी पत्नी डफ्लो अब्दुल लतीफ जमील पॉवर्टी ऐक्शन लैब के सह-संस्थापक भी हैं।
अभिजीत बनर्जी ने 1981 में कोलकाता यूनिवर्सिटी से बीएससी किया था, जबकि 1983 में जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) दिल्ली से एमए किया था। इसके बाद उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से 1988 में पीएचडी की।
The #NobelPrize for Economic Sciences has been awarded to Abhijit Banerjee, Esther Duflo and Michael Kremer “for their experimental approach to alleviating global poverty.” pic.twitter.com/PFZAr1l9P7
— ANI (@ANI) October 14, 2019
बता दें कि इससे पहले शांति का नोबेल पुरस्कार की घोषणा की गई थी। इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद को शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया। यह पुरस्कार उनके देश के चिर शत्रु इरिट्रिया के साथ संघर्ष को सुलझाने के लिए दिया गया।
नोबेल पुरस्कार जूरी ने बताया अबी को शांति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्राप्त करने के प्रयासों के लिए और विशेष रूप से पड़ोसी इरिट्रिया के साथ सीमा संघर्ष को सुलझाने के निर्णायक पहल के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
सत्ता संभालने के बाद से, अहमद ने राजनीति में महिलाओं की भूमिका में बढ़ोतरी करने की पहल की। उन्होंने सरकार में अपने देश के 20 मंत्री पदों में से आधे पदों पर महिलाओं को नियुक्त किया, जिसमें देश की पहली महिला रक्षा मंत्री भी शामिल थीं।