फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   No one allowed to raise funds for Jihad in Pakistan, says Lahore High Court, dismissed appeals of two terrorists

पाकिस्तान: जेहाद के लिए चंदाखोरी की इजाजत नहीं, यह राष्ट्रद्रोह है, दो आतंकियों को लाहौर हाईकोर्ट का झटका

Thu, 27 Jan 2022 02:39 PM IST
सुरेंद्र जोशी पीटीआई, लाहौर
पीटीआई, लाहौर Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Thu, 27 Jan 2022 02:39 PM IST
विज्ञापन
No one allowed to raise funds for Jihad in Pakistan, says Lahore High Court, dismissed appeals of two terrorists
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media

जेहाद या धर्मयुद्ध के नाम पर जनता को उकसा कर पाकिस्तान में होने वाली चंदाखोरी को लेकर लाहौर हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। अपने फैसले में हाईकोर्ट ने कहा कि जिहाद के नाम पर पाकिस्तान में किसी व्यक्ति या संगठन को चंदा जुटाने की इजाजत नहीं है। यह राष्ट्रद्रोह है।

विज्ञापन


इस टिप्पणी के साथ ही लाहौर हाईकोर्ट ने आतंकी संगठनों की मदद करने के लिए चंदा जुटाने के दोषी दो आतंकियों की अपील नामंजूर कर दी।  हाईकोर्ट का यह फैसला बुधवार को तहरीके तालिबान पाकिस्तान (TTP) की अपील पर आया। संगठन के आतंकी मोहम्मद इब्राहिम और उबैदुर रहमान को लाहौर से 200 किलोमीटर दूर सरगोधा से गिरफ्तार किया गया था। इस माह के आरंभ में उन्हें आतंकवाद निरोधक अदालत ने आतंकी वित्त पोषण के मामले में दोषी ठहराते हुए पांच-पांच साल के कैद की सजा सुनाई थी। 
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने दोनों आतंकियों की अपील खारिज करते हुए कहा कि इस्लामिक देश पाकिस्तान में लोगों को जिहाद के नाम पर उकसा कर चंदा एकत्रित करने की इजाजत नहीं है। इसे राष्ट्रद्रोह माना गया है। लाहौर हाईकोर्ट के जस्टिस अली बकर नजफी की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने यह फैसला सुनाया।  कोर्ट ने कहा कि यदि जरूरी हो तो किसी घोषित युद्ध के लिए चंदा जुटाना सरकार का काम है। ये चंदा किसी व्यक्ति या संगठन द्वारा नहीं जुटाया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि टीटीपी एक प्रतिबंधित संगठन है। इसने न केवल सरकारी संस्थानों को नुकसान पहुंचाया है बल्कि उच्चाधिकारियों को भी निशाना बनाया है। इसने पूर्व में देश में आतंकवाद को भी बढ़ावा दिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


हाफिज सईद को भी आतंकियों की मदद में हो चुकी सजा
मुंबई हमले के सरगना व जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज सईद को भी आतंकियों की वित्तीय मदद करने के आरोप में सजा सुनाई जा चुकी है। वह लाहौर की कोट लखपत जेल में सजा काट रहा है। 71 साल का सईद संयुक्त राष्ट्र का घोषित आतंकी है। उस पर अमेरिका ने एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है। उसे आतंकियों के वित्त पोषण (terror financing) के पांच मामलों में 36 साल की सजा सुनाई गई है। जेयूडी लश्करे तैयबा का सहयोगी संगठन है। लश्कर ने ही 2008 में मुंबई पर भयावह आतंकी हमला किया था, जिसमें छह अमेरिकों समेत 166 लोग मारे गए थे।  
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed