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Iran: '2018 के हमले के बाद हिरासत में लिए गए इस्लामिक स्टेट के नौ आतंकियों को फांसी', ईरान ने जारी किया बयान
Tue, 10 Jun 2025 03:05 PM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
Published by: बशु जैन
Updated Tue, 10 Jun 2025 03:05 PM IST
सार
इस्लामिक स्टेट समूह ईरान पर लगातार हमले करता रहा है। इसने जून 2017 में तेहरान में संसद और अयातुल्ला रूहोल्लाह खुमैनी की समाधि पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी। इसमें कम से कम 18 लोग मारे गए थे और 50 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
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ईरान ने नौ आतंकियों को दी फांसी
- फोटो : Social Media
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विस्तार
ईरान ने 2018 के हमले के दोषियों पर कार्रवाई को लेकर बयान जारी किया। ईरान ने कहा कि हमले के बाद हिरासत में लिए गए इस्लामिक स्टेट समूह के नौ आतंकियों को फांसी दे दी गई है। ईरानी न्यायपालिका की समाचार एजेंसी ने मंगलवार को फांसी की घोषणा की। इसमें कहा गया कि आतंकियों को ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड के साथ झड़प में शामिल होने के बाद हिरासत में लिया गया था। इसमें तीन सैनिक मारे गए थे। ईरान में फांसी के बाद मृत्युदंड दिया जाता है।
इस्लामिक स्टेट ने 2014 में खिलाफत के तहत इराक और सीरिया के विशाल भूभाग पर कब्जा कर रखा था। इसने अमेरिकी नेतृत्व वाली सेनाओं द्वारा परास्त कर दिया था। अफगानिस्तान में 2021 में तालिबान के जरिये पश्चिमी समर्थित सरकार के पतन के बाद से इस्लामिक स्टेट की ताकत बढ़ी है।
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इस्लामिक स्टेट ने पहले जून 2017 में तेहरान में संसद और अयातुल्ला रूहोल्लाह खुमैनी की समाधि पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी। इसमें कम से कम 18 लोग मारे गए थे और 50 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस्लामिक स्टेट ने ईरान में अन्य हमलों की भी जिम्मेदारी ली है। इसमें 2024 में दो आत्मघाती बम विस्फोट शामिल हैं। जो 2020 के अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए एक ईरानी जनरल की याद में किए गए थे। उस हमले में कम से कम 94 लोग मारे गए थे।
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हाल ही में मारा गया था इस्लामिक स्टेट का प्रमुख
मार्च में इस्लामिक स्टेट के प्रमुख अब्दल्लाह माकी मोसलेह अल-रिफाई को मार गिराया गया था। इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने शुक्रवार को इस बात का दावा किया। उन्होंने एलान किया कि इस्लामिक स्टेट के प्रमुख अब्दल्लाह माकी मोसलेह अल-रिफाई को ढेर कर दिया गया। इराक में एक सशक्त अभियान चलाया था और इस दौरान उसे मार गिराया गया। अब्दल्लाह माकी मोसलेह अल-रिफाई को 'अबु खदीजा' के नाम से भी जाना जाता था।
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इस्लामिक स्टेट ने 2014 में खिलाफत के तहत इराक और सीरिया के विशाल भूभाग पर कब्जा कर रखा था। इसने अमेरिकी नेतृत्व वाली सेनाओं द्वारा परास्त कर दिया था। अफगानिस्तान में 2021 में तालिबान के जरिये पश्चिमी समर्थित सरकार के पतन के बाद से इस्लामिक स्टेट की ताकत बढ़ी है।
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इस्लामिक स्टेट ने पहले जून 2017 में तेहरान में संसद और अयातुल्ला रूहोल्लाह खुमैनी की समाधि पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी। इसमें कम से कम 18 लोग मारे गए थे और 50 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस्लामिक स्टेट ने ईरान में अन्य हमलों की भी जिम्मेदारी ली है। इसमें 2024 में दो आत्मघाती बम विस्फोट शामिल हैं। जो 2020 के अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए एक ईरानी जनरल की याद में किए गए थे। उस हमले में कम से कम 94 लोग मारे गए थे।
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हाल ही में मारा गया था इस्लामिक स्टेट का प्रमुख
मार्च में इस्लामिक स्टेट के प्रमुख अब्दल्लाह माकी मोसलेह अल-रिफाई को मार गिराया गया था। इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने शुक्रवार को इस बात का दावा किया। उन्होंने एलान किया कि इस्लामिक स्टेट के प्रमुख अब्दल्लाह माकी मोसलेह अल-रिफाई को ढेर कर दिया गया। इराक में एक सशक्त अभियान चलाया था और इस दौरान उसे मार गिराया गया। अब्दल्लाह माकी मोसलेह अल-रिफाई को 'अबु खदीजा' के नाम से भी जाना जाता था।
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