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Israel: ग्रेटा थनबर्ग को इस्राइल से निर्वासित किया गया, हमास की बर्बरता की डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई
Tue, 10 Jun 2025 02:23 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 10 Jun 2025 02:23 PM IST
सार
संगठन ने बताया कि इस्राइली सेना ने जहाज पर एक सफेद पेंट जैसा तत्व गिराया और जहाज के कम्युनिकेशन को जाम कर दिया। कार्यकर्ताओं ने शिकायत की कि पेंट जैसे तत्व से उनकी आंखों में जलन हुई। संगठन द्वारा सोशल मीडिया पर साझा एक वीडियो में ग्रेटा थनबर्ग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जल सीमा से उनके जहाज को जब्त कर उसका अपहरण किया गया।
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ग्रेटा थनबर्ग
- फोटो : एएनआई/@IsraelMFA
विस्तार
इस्राइल के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि ग्रेटा थनबर्ग को इस्राइल से निर्वासित कर दिया गया है। इस्राइल ने फ्रांस जाने वाले विमान में ग्रेटा को बिठाते हुए एक तस्वीर भी साझा की। ग्रेटा थनबर्ग का समर्थन कर रहे एक इस्राइली संगठन ने भी इसकी पुष्टि की और बताया कि थनबर्ग और दो अन्य कार्यकर्ताओं ने निर्वासित किए जाने की सहमति दे दी, जिसके बाद उन्हें फ्रांस जाने वाले विमान से भेज दिया गया। हालांकि अन्य कार्यकर्ताओं ने जाने से इनकार कर दिया और फिलहाल वे इस्राइली हिरासत में ही हैं। जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग समेत समेत कई अन्य कार्यकर्ताओं को इस्राइल ने सोमवार को हिरासत में ले लिया है। सोमवार को इस्राइल ने गाजा जा रहे जहाज मैडलीन को जब्त कर लिया था। इस जहाज पर राशन और अन्य जरूरी सामान लेकर ग्रेटा गाजा जा रहीं थी। हालांकि इस्राइली सेना ने रास्ते में ही इस जहाज को जब्त कर लिया और इस्राइली सेना इसे अशदोद बंदरगाह पर ले गई।
हमास की बर्बरता का वीडियो दिखाया गया
इस्राइल के विदेश मंत्रालय ने बताया कि हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं का बंदरगाह पहुंचने पर मेडिकल चेकअप किया गया। रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने बताया कि 'ग्रेटा थनबर्ग समेत सभी कार्यकर्ताओं को 7 अक्तूबर को हमास द्वारा की गई बर्बरता की डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई, लेकिन उन्होंने थोड़ी देर देखकर डॉक्यूमेंट्री देखने से ही इनकार कर दिया।' काट्ज ने कहा कि 'थनबर्ग और अन्य ने हमास के अत्याचार को देखने से ही मना कर दिया और सच की तरफ से अपनी आंखें बंद कर लीं।'
गाजा में राहत सामग्री भेजने के इस मिशन का आयोजन 'फ्रीडम फ्लोटिला कोएलिशन' (एफएफए) नामक संगठन ने किया था। संगठन का कहना है कि इस्राइली सेना ने अंतरराष्ट्रीय जल सीमा में जहाज पर हमला किया और गैरकानूनी तरीके से जहाज पर इस्राइली सैनिक सवार हो गए। संगठन ने बताया कि जहाज में बच्चों का सामान, खाना, मेडिकल सप्लाई थी, जो गाजा के लोगों की मदद के लिए भेजा जा रहा था, जहां बीते 11 हफ्तों से सामान की सप्लाई बंद है।
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ये भी पढ़ें- इस्राइल में सरकार पर संकट: क्या पीएम नेतन्याहू की सत्ता खतरे में? अति-रूढ़िवादी सैन्य कानून ने बढ़ाई परेशानी
एफएफए ने लगाए जहाज और ग्रेटा थनबर्ग के अपहरण के आरोप
संगठन ने बताया कि इस्राइली सेना ने जहाज पर एक सफेद पेंट जैसा तत्व गिराया और जहाज के कम्युनिकेशन को जाम कर दिया। कार्यकर्ताओं ने शिकायत की कि पेंट जैसे तत्व से उनकी आंखों में जलन हुई। संगठन द्वारा सोशल मीडिया पर साझा एक वीडियो में ग्रेटा थनबर्ग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जल सीमा से उनके जहाज को जब्त कर उसका अपहरण किया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रेटा थनबर्ग को अनोखी, युवा और गुस्सैल बताया और सलाह दी कि ग्रेटा को क्रोध प्रबंधन की कक्षाएं लेने की जरूरत है। हमास ने ग्रेटा को रिहा करने की मांग की और कहा कि अंतरराष्ट्रीय जल सीमा से जहाज को जब्त किया जाना, अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है।
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हमास की बर्बरता का वीडियो दिखाया गया
इस्राइल के विदेश मंत्रालय ने बताया कि हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं का बंदरगाह पहुंचने पर मेडिकल चेकअप किया गया। रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने बताया कि 'ग्रेटा थनबर्ग समेत सभी कार्यकर्ताओं को 7 अक्तूबर को हमास द्वारा की गई बर्बरता की डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई, लेकिन उन्होंने थोड़ी देर देखकर डॉक्यूमेंट्री देखने से ही इनकार कर दिया।' काट्ज ने कहा कि 'थनबर्ग और अन्य ने हमास के अत्याचार को देखने से ही मना कर दिया और सच की तरफ से अपनी आंखें बंद कर लीं।'
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गाजा में राहत सामग्री भेजने के इस मिशन का आयोजन 'फ्रीडम फ्लोटिला कोएलिशन' (एफएफए) नामक संगठन ने किया था। संगठन का कहना है कि इस्राइली सेना ने अंतरराष्ट्रीय जल सीमा में जहाज पर हमला किया और गैरकानूनी तरीके से जहाज पर इस्राइली सैनिक सवार हो गए। संगठन ने बताया कि जहाज में बच्चों का सामान, खाना, मेडिकल सप्लाई थी, जो गाजा के लोगों की मदद के लिए भेजा जा रहा था, जहां बीते 11 हफ्तों से सामान की सप्लाई बंद है।
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एफएफए ने लगाए जहाज और ग्रेटा थनबर्ग के अपहरण के आरोप
संगठन ने बताया कि इस्राइली सेना ने जहाज पर एक सफेद पेंट जैसा तत्व गिराया और जहाज के कम्युनिकेशन को जाम कर दिया। कार्यकर्ताओं ने शिकायत की कि पेंट जैसे तत्व से उनकी आंखों में जलन हुई। संगठन द्वारा सोशल मीडिया पर साझा एक वीडियो में ग्रेटा थनबर्ग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जल सीमा से उनके जहाज को जब्त कर उसका अपहरण किया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रेटा थनबर्ग को अनोखी, युवा और गुस्सैल बताया और सलाह दी कि ग्रेटा को क्रोध प्रबंधन की कक्षाएं लेने की जरूरत है। हमास ने ग्रेटा को रिहा करने की मांग की और कहा कि अंतरराष्ट्रीय जल सीमा से जहाज को जब्त किया जाना, अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है।
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