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चीन: असरदार साबित हुआ नया कानून, इस साल 70 फीसदी कम हुए तलाक
Thu, 20 May 2021 06:48 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला रिसर्च टीम , बीजिंग
अमर उजाला रिसर्च टीम , बीजिंग
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 20 May 2021 06:48 AM IST
सार
- मार्च तक आए सिर्फ 2.96 लाख आवेदन
- पिछले साल इसी दौरान थे 10 लाख केस
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
विस्तार
चीन में तलाक के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए लाया गया नया कानून असरदार साबित हो रहा है। इसके चलते वहां इस साल तलाक दर में 70 फीसदी की गिरावट आई है। इस हफ्ते नागरिक मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, शुरुआती तीन महीनों में देशभर से तलाक के 2.96 लाख आवेदन आए हैं।
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वहीं पिछले साल इसी दौरान यह संख्या 10 लाख से ज्यादा थी। चीनी सरकार ने दंपतियों को आवेग में अलग होने से रोकने और देश में जन्म दर को बढ़ाने के लिए नया कानून बनाया था, इसके तहत तलाक का आवेदन करने वाले जोड़ों को कूलिंग ऑफ पीरियड के अंतर्गत 30 दिन का समय निर्धारित किया गया है।
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इसका मकसद है कि इस अंतराल में दोनों पक्ष आपसी मनमुटाव और मतभेदों को सुलझाते हुए ठंडे दिमाग से फैसला लें। ताकि घर - परिवार को टूटने से बचाया जा सके। इस कानून को कुछ लोग जहां सकारात्मक पहल मान रहे हैं, तो कुछ नागरिकों ने निजी जीवन में दखल बताते हुए इसकी आलोचना की है।
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यह है नया कानून
तलाक को कई चरणों की प्रक्रिया बना दिया गया था। सबसे पहले, विवाह सलाहकारों से काउंसलिंग कराई जाती है। उन्हें 30 दिन दिए जाते हैं। अवधि पूरी होने के बाद पति - पत्नी को स्थानीय नागरिक मामलात ब्यूरो में जाकर तलाक के लिए दोबारा आवेदन देना होता है। 30-60 दिन के भीतर दोबारा आवेदन नहीं हुआ, तो तलाक की अर्जी खारिज हो जाती हैं।