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कोरोना: वैज्ञानिकों ने नए जनरेशन इलाज का किया दावा, वैक्सीन की भी नही पड़ेगी जरुरत

Thu, 13 Aug 2020 10:19 AM IST
Tanuja Yadav वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: Tanuja Yadav Updated Thu, 13 Aug 2020 10:19 AM IST
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New Generation treatment for covid 19 disease corona vaccine will not be in need after this
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media

दुनिया में इस समय ज्यादातर वैज्ञानिक कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में जुटे हैं। दुनिया को कोरोना के साथ रहते हुए सात महीने से ज्यादा हो गया है और अब वैक्सीन भी लगभग तैयार हो गई है। रूस ने वैक्सीन बनाने का तो दावा कर दिया है लेकिन अमेरिका, ब्रिटेन जैसे देशों में वैक्सीन का काम अभी भी चल रहा है।

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जब तक वैक्सीन नहीं बन रही है तब तक वैज्ञानिकों ने एक नए जनरेशन के इलाज का दावा किया है। इसके जरिए कोरोना महामारी से इंफेक्शन की चपेट में आने वाले मरीजों को बीमार नहीं पड़ने दिया जाएगा और उनकी जान बचाने पर ज्यादा जोर दिया जाएगा। 
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वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर इंसानों पर इस नए जनरेशन इलाज के नतीजे सफल आने लगेंगे तो अगले साल की शुरुआत में इसे तैयार किया जा सकता है। इस इलाज के जरिए लोगों को बिना सोशल डिस्टेंसिंग के घूमने की आजादी मिल जाएगी और लोग बिना किसी डर के बाहर घूम सकेंगे। 
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नए जनरेशन इलाज यानि कि सार्स ब्लॉक थेरेपी को अमेरिका में बनाया जा रहा है और ब्रिटेन के निवेशक इसमें अपना पैसा लगा रहे हैं। इस इलाज को कोरोना वायरस पर आधारत सिंथेटिक प्रोटीन सीक्वेंस से बनाया जा रहा है। यह एक कॉक की तरह काम करेगा और वायरस को शरीर रिसेप्टर सेल्स (एसीई-2 रिसेप्टर) में प्रवेश करने से रोकेगा। 

इस इलाज से ना सिर्फ शरीर में वायरस के प्रवेश को रोका जा सकता है बल्कि वायरस की पहचान कर इम्यून सिस्टम को उससे लड़ने के लिए तैयार किया जा सकता है। 

रूस ने कोरोवा वैक्सीन का किया दावा
रूस ने कोरोना वैक्सीन बनाने का दावा पेश कर दिया है। रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि वे इसी हफ्ते अपनी वैक्सीन को रजिस्टर करा देंगे और जल्द ही इसका मास प्रोडक्शन भी शुरू कर देंगे। हालांकि कई एक्सपर्ट ने रूस की वैक्सीन पर सवाल खड़े किए हैं, उन्होंने कहा कि रूस की वैक्सीन पर अभी भरोसा नहीं जताया जा सकता है।


इसके अलावा विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि उन्हें वैक्सीन से जुड़ा कोई आधिकारिक डाटा या जानकारी रूस की ओर से नहीं मुहैया कराई गई है।

90-95 फीसदी तक मददगार
इस नए जनरेशन इलाज पर यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के एक्सपर्ट अध्ययन कर रहे हैं और लैब स्टडी के नतीजे प्रीप्रिंट जर्नल बायोआर्चिव में छपे थे। ऐसा माना गया है कि यह इलाज 95-100 फीसदी तक वायरस को शरीर में दाखिल होने से रोक सकता है।

इसके अलावा वैज्ञानिकों का मानना है कि इस इलाज के बाद वैक्सीन की जरूरत भी खत्म हो जाएगी।

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