Nepal PM India Visit: भारत दौरे पर आएंगे नेपाली पीएम बालेन शाह, स्वीकार किया पीएम मोदी का निमंत्रण; तैयारी तेज
नेपाल में नई सरकार बनते ही सुधारों के साथ विदेश नीति में भी तेजी दिखने लगी है। ऐसे में नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री बालेन शाह जल्द ही भारत के दौरे पर आने वाले हैं। उन्होंने पीएम मोदी के
भारत आने के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है, जिसे दोनों देशों के रिश्तों में नई दिशा की उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है।
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नेपाल में नई सरकार बनने के बाद एक तरफ जहां बड़े सुधारों की शुरुआत हो गई है। वहीं अब दूसरी ओर विदेश नीति के स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। इस बात को ऐसे समझिए कि नेपाल के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री बालेन शाह ने नरेंद्र मोदी के भारत आने के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने इस बात की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि दोनों देशों के विदेश मंत्रालय इस दौरे की तैयारी में जुट गए हैं। यह दौरा बालेन शाह के प्रधानमंत्री बनने के बाद उनका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय दौरा माना जा रहा है। बता दें कि इससे पहले जून 2023 में पुष्प कमल दहल भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए थे।
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नेपाल में बड़े बदलावों का दौर जारी
बता दें कि नेपाल की राजधानी काठमांडू में नई सरकार ने एक बड़ा और सख्त 100-पॉइंट सुधार एजेंडा शुरू किया है। इसका मकसद देश की व्यवस्था को बेहतर बनाना और आम लोगों को राहत देना है। सरकार जिन मुख्य बदलावों पर काम कर रही है, उनमें शामिल है-
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वीआईपी कल्चर को खत्म करना।
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सरकारी कामकाज में देरी कम करना।
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गरीबों के लिए मुफ्त स्वास्थ्य सेवा।
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महिलाओं के लिए सुरक्षित पब्लिक ट्रांसपोर्ट।
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छोटे बच्चों के लिए तनावमुक्त पढ़ाई।
शिक्षा और राजनीति पर बड़ा फैसला
इसके अलावा सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। अब स्कूल और कॉलेज में राजनीति पर रोक लगाई गई है। प्रधानमंत्री बालेन शाह ने कहा कि स्कूल और कॉलेज अब राजनीति का मैदान नहीं होंगे, बल्कि सिर्फ पढ़ाई के केंद्र बनेंगे। ऐसे में नेपाल सरकार की नई योजना के तहत अब 90 दिनों के अंदर छात्र संगठनों में राजनीतिक दखल खत्म किया जाएगा और उनकी जगह गैर-राजनीतिक छात्र परिषद बनाई जाएंगी।
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सरकारी सिस्टम में भी सुधार के क्या आधार
गौरतलब है कि नेपाल में जारी बदलावों के दौरे के बीच सरकार ने यह भी प्रस्ताव रखा है कि केंद्र सरकार के मंत्रालयों की संख्या कम की जाए। सरकारी संस्थानों में राजनीतिक प्रभाव को रोका जाए और प्रशासन को ज्यादा निष्पक्ष और तेज बनाया जाए। नई सरकार के गठन के बाद से नेपाल सरकार के ये कदम दिखाते हैं कि वह एक तरफ देश के अंदर व्यवस्था सुधारना चाहती है, तो दूसरी तरफ भारत जैसे महत्वपूर्ण पड़ोसी देश के साथ रिश्तों को भी मजबूत करना चाहती है।
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