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Nepal: जिस एयरपोर्ट पर हुआ विमान हादसा, क्या उसका जल्दबाजी में हुआ उद्घाटन, दुर्घटना के बाद उठे ये सवाल
Sun, 15 Jan 2023 04:32 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sun, 15 Jan 2023 04:32 PM IST
सार
रिपोर्ट्स की मानें तो पिछले साल अप्रैल में चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने इस एयरपोर्ट के निर्माण को अंतिम रूप देने की घोषणा कर दी थी। इसी साल एक जनवरी को नेपाल के नए प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड ने इस एयरपोर्ट का उद्घाटन भी कर दिया।
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पोखरा एयरपोर्ट।
- फोटो : Social Media
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विस्तार
नेपाल के पोखरा एयरपोर्ट पर रविवार को एक 72 सीटर यात्री विमान के क्रैश होने से कई लोगों के मारे जाने की खबर है। रिपोर्ट्स की मानें तो इस दुर्घटना के बाद किसी के भी जिंदा बचने की उम्मीद काफी कम है। हालांकि, अधिकारियों का दावा है कि कुछ घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बीच स्थानीय मीडिया में एयरपोर्ट के निर्माण को लेकर तरह-तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में तो यहां तक दावा किया जा रहा है कि चीन की कंपनी द्वारा बनाए गए इस एयरपोर्ट का निर्माण पूरा नहीं था और इसका जल्दबाजी में उद्घाटन किया गया।
रिपोर्ट्स की मानें तो पिछले साल अप्रैल में चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने इस एयरपोर्ट के निर्माण को अंतिम रूप देने की घोषणा कर दी थी। इसी साल एक जनवरी को नेपाल के नए प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड ने इस एयरपोर्ट का उद्घाटन भी कर दिया। इस कार्यक्रम के महज 14 दिन के बाद ही एयरपोर्ट पर यह बड़ी दुर्घटना हुई।
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रिपोर्ट्स की मानें तो पिछले साल अप्रैल में चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने इस एयरपोर्ट के निर्माण को अंतिम रूप देने की घोषणा कर दी थी। इसी साल एक जनवरी को नेपाल के नए प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड ने इस एयरपोर्ट का उद्घाटन भी कर दिया। इस कार्यक्रम के महज 14 दिन के बाद ही एयरपोर्ट पर यह बड़ी दुर्घटना हुई।
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जिस वक्त इस एयरपोर्ट के निर्माण का कार्य जारी था, ठीक उसी वक्त चीन की तरफ से इसे नेपाल में बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव (बीआरआई) का एक अहम पड़ाव बताया गया था। हालांकि, अब नेपाली मीडिया के एक धड़े ने इस एयरपोर्ट के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की क्वालिटी को लेकर सवाल उठाए हैं। कहा गया है कि पोखरा एयरपोर्ट की लोकेशन पहले ही पायलटों के लिए चिंता की बात थी और इसके साथ ही इसके जल्दी उद्घाटन और अपूर्ण निर्माण को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि इस एयरपोर्ट को बनाने का जिम्मा चीन की सीएएमसी इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड को दिया गया था। इसका निर्माण कार्य जुलाई 2017 में शुरू हुआ। तब इसके निर्माण में आने वाली लागत 22 अरब नेपाली रुपये लगाई गई थी। हालांकि, इसके निर्माण के दौरान चीन ने जमकर प्रचार किया कि यह चीनी बीआरआई प्रोजेक्ट का हिस्सा है। चीन के इन दावों को लेकर नेपाल में काफी प्रदर्शन भी हुए थे। कई लोगों ने शक जाहिर किया था कि एयरपोर्ट पर पूरा खर्च सिर्फ चीन ने ही किया है या नेपाल सरकार को लोन और ग्रांट के जरिए इसके निर्माण की राशि सौंपी गई है।
गौरतलब है कि इस एयरपोर्ट को बनाने का जिम्मा चीन की सीएएमसी इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड को दिया गया था। इसका निर्माण कार्य जुलाई 2017 में शुरू हुआ। तब इसके निर्माण में आने वाली लागत 22 अरब नेपाली रुपये लगाई गई थी। हालांकि, इसके निर्माण के दौरान चीन ने जमकर प्रचार किया कि यह चीनी बीआरआई प्रोजेक्ट का हिस्सा है। चीन के इन दावों को लेकर नेपाल में काफी प्रदर्शन भी हुए थे। कई लोगों ने शक जाहिर किया था कि एयरपोर्ट पर पूरा खर्च सिर्फ चीन ने ही किया है या नेपाल सरकार को लोन और ग्रांट के जरिए इसके निर्माण की राशि सौंपी गई है।
नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएएएन) ने बताया कि यति एअरलाइंस के 9एन-एएनसी एटीआर-72 विमान ने सुबह 10 बजकर 33 मिनट पर काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी और वह सुबह करीब 11 बजे पोखरा हवाई अड्डे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पोखरा इस हिमालयी देश में एक मशहूर पर्यटक स्थल है। विमान में 68 यात्री और चालक दल के चार सदस्य सवार थे। ‘द हिमालयन टाइम्स’ अखबार की खबर के मुताबिक, दुर्घटनास्थल से कम से कम 32 शव बरामद किए गए हैं।