नेपाल में भ्रष्टाचार पर सख्ती: नेताओं-अफसरों की संपत्तियों की जांच के लिए आयोग गठित, बड़े नामों पर गिरेगी गाज
नेपाल सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोपों के मद्देनजर शीर्ष राजनीतिक नेताओं और नौकरशाहों की संपत्ति की जांच के लिए एक आयोग का गठन किया है। यह जांच 2006 के बाद से सार्वजनिक पद संभालने वालों पर केंद्रित होगी।
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नेपाल में बढ़ते भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नेपाल सरकार ने पिछले दो दशकों में सत्ता में रहे शीर्ष नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों की संपत्तियों की जांच के लिए एक विशेष आयोग गठित करने का फैसला किया है।
5 सदस्यीय आयोग करेगा जांच
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, यह आयोग 2006 से 2026 तक सार्वजनिक पदों पर रहे नेताओं और नौकरशाहों की संपत्तियों की जांच करेगा। इस आयोग की अध्यक्षता पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज राजेंद्र कुमार भंडारी करेंगे। सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि यह जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से सबूतों के आधार पर की जाएगी और रिपोर्ट के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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बड़े नेताओं पर भी शिकंजा
इस जांच के दायरे में देश के कई बड़े नेता भी आ सकते हैं, जिनमें पूर्व प्रधानमंत्री शेरबहादुर देउबा, केपी शर्मा ओली और पुष्पकमल दहल प्रचंड शामिल हैं। इन नेताओं पर सत्ता का दुरुपयोग कर संपत्ति जुटाने के आरोप लगे हैं।
नई सरकार का बड़ा कदम
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली सरकार ने भ्रष्टाचार पर सख्ती दिखाते हुए यह कदम उठाया है। इसे सरकार के 100-सूत्रीय सुधार एजेंडे का हिस्सा बताया जा रहा है।सरकार पहले चरण में 2006 से 2026 तक के कार्यकाल की जांच करेगी, जबकि दूसरे चरण में 1992 से 2006 के बीच के मामलों की जांच की जाएगी।
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भ्रष्टाचार विरोधी जन आंदोलन का परिणाम
पिछले साल सितंबर में हुए जेन-जेड विरोध प्रदर्शन, जिन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार को गिरा दिया था, का उद्देश्य शीर्ष राजनीतिक नेताओं से जुड़े कथित व्यापक भ्रष्टाचार का विरोध करना था। जेन-जेड आंदोलन के बाद, सुशीला कार्की के नेतृत्व में एक नई सरकार का गठन हुआ, जिसने 5 मार्च को संसदीय चुनाव कराने में मदद की। चुनावों के बाद अपेक्षाकृत नई पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने लगभग दो-तिहाई बहुमत के साथ सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में उभरी। इसके वरिष्ठ नेता बालेंद्र शाह अब देश के प्रधानमंत्री हैं और उनकी सरकार ने भ्रष्टाचार से निपटने के लिए कई उपाय शुरू किए हैं।
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