फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Nepal Former PM KP Sharma Oli Hospitalized After Arrest Supporters Call It an Act of Retaliation

Nepal: नेपाल के पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली गिरफ्तारी के बाद अस्पताल में भर्ती, समर्थक बोले- बदले की कार्रवाई

Sat, 28 Mar 2026 12:48 PM IST
Himanshu Singh Chandel वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Sat, 28 Mar 2026 12:48 PM IST
सार

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को जेन-जी प्रदर्शन मामले में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस मामले में 77 लोगों की मौत हुई थी। सरकार ने जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की है। वहीं, ओली के समर्थक इसे राजनीतिक बदला बता रहे हैं। 

विज्ञापन
Nepal Former PM KP Sharma Oli Hospitalized After Arrest Supporters Call It an Act of Retaliation
केपी ओली शर्मा हुए गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

नेपाल की राजनीति में ये हफ्ता ऐतिहासिक रहा। एक ओर जेन-जी आंदोलन के बा पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को शनिवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के कुछ ही समय बाद उन्हें काठमांडू के त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से बीमार हैं और उनका पहले कई बार किडनी ट्रांसप्लांट भी हो चुका है। इस कार्रवाई से नेपाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
विज्ञापन


पुलिस ने ओली को भक्तपुर स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया और जिला पुलिस रेंज काठमांडू लाया गया। इसके बाद मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। इसी मामले में नेपाली कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को भी गिरफ्तार किया गया है। सरकार की ओर से यह कार्रवाई एक जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- अमेरिका-इस्राइल में दरार?: ईरान युद्ध पर वेंस और नेतन्याहू ने की बात, सत्ता परिवर्तन के दावे पर बढ़ा टकराव
विज्ञापन
विज्ञापन


गिरफ्तारी के पीछे क्या मामला?
जानकारी के मुताबिक, यह मामला पिछले साल हुए जेन-जी विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। इन प्रदर्शनों के दौरान हिंसा हुई थी, जिसमें 77 लोगों की मौत हुई थी और बड़े पैमाने पर संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। जांच आयोग ने इसे आपराधिक लापरवाही का मामला माना और कार्रवाई की सिफारिश की थी।

क्या जांच रिपोर्ट के बाद ही हुई कार्रवाई?
पूर्व जज गौरी बहादुर कार्की की अगुवाई वाले आयोग ने अपनी रिपोर्ट में ओली समेत कई बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफारिश की थी। इसके बाद प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह की अगुवाई वाली कैबिनेट ने इस रिपोर्ट को लागू करने का फैसला लिया। इसी के आधार पर पुलिस ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर कार्रवाई की।



क्या बोल रहे ओली के समर्थक?
ओली के करीबी और सीपीएन-यूएमएल नेता प्रदीप ज्ञावली ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है। उनका कहना है कि यह उनके नेता को निशाना बनाने की साजिश है। वहीं, पार्टी मुख्यालय में इस मुद्दे को लेकर बैठक भी बुलाई गई है।

और किस पर हो सकती है कर्रवाई?
रिपोर्ट में कई और अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं, जिन पर कार्रवाई की सिफारिश की गई है। इनमें पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। कुछ के खिलाफ सख्त कार्रवाई और कुछ को चेतावनी देने की बात कही गई है।

अन्य वीडियो-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed