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Nepal Elections: पार्टियों के ऊंचे दावे, पर असल चुनाव नतीजों के लिए करना होगा लंबा इंतजार

Mon, 14 Nov 2022 02:33 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 14 Nov 2022 02:33 PM IST
सार

Nepal Elections: नेपाल में संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा और सातों प्रांतों की असेंबलियों के लिए आम चुनाव हो रहा है। इन सभी सदनों की प्रत्यक्ष निर्वाचन वाली सीटों पर मतदान 20 नवंबर को होगा। नेपाल में प्रत्यक्ष और आनुपातिक निर्वाचन की मिली-जुली प्रणाली अपनाई गई है...

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Nepal Elections: before the general elections in Nepal, parties are exaggerating their claims of victory
Nepal Elections: पुष्प कमल दहाल के साथ नेपाल के पीएम शेर बहादुर देउबा - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

नेपाल में आम चुनाव का पूरा नतीजा आते-आते दिसंबर का पहला हफ्ता गुजर जाएगा। इस बीच पार्टियां अपने जीत के दावे बढ़-चढ़ कर कर रही हैं। वैसे जब गृह मंत्री बाल क़ृष्ण खांड ने ऐसा एक दावा किया, तो खुद सरकारी अधिकारियों ने बिना अपनी पहचान जाहिर किए उसके खिलाफ राय जता दी है।

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नेपाल में संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा और सातों प्रांतों की असेंबलियों के लिए आम चुनाव हो रहा है। इन सभी सदनों की प्रत्यक्ष निर्वाचन वाली सीटों पर मतदान 20 नवंबर को होगा। नेपाल में प्रत्यक्ष और आनुपातिक निर्वाचन की मिली-जुली प्रणाली अपनाई गई है। प्रतिनिधि सभा में प्रत्यक्ष निर्वाचन से 165 सदस्य और आनुपातिक विधि से 110 सदस्य चुने जाते हैं। उधर सातों प्रांतीय असेंबलियों में कुल मिला कर 550 सदस्य हैं, जिनमें से 330 का निर्वाचन प्रत्यक्ष ढंग से होता है। इस बार के आम चुनाव एक करोड़ 80 लाख मतदाता वोट डाल सकेंगे।

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नेपाल के मुख्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश कुमार थपलिया ने बताया है कि अगले आठ दिसंबर जाकर पूरे नतीजे आ पाएंगे। प्रत्यक्ष निर्वाचन वाली सीटों का परिणाम आने के बाद पार्टियों को इसमें मिले मत प्रतिशत के आधार पर आनुपातिक सीटों का आवंटन होता है। नेपाल में यह आवंटन करने की जटिल प्रक्रिया अपनाई गई है, जिसकी वजह से पूरी चुनावी सूरत साफ होने में दो हफ्तों तक का वक्त लग जाता है।

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इस बीच गृह मंत्री बाल कृष्ण खांड ने दावा किया है कि सत्ताधारी गठबंधन के प्रत्यक्ष निर्वाचन वाली 165 संसदीय सीटों में से 131 में विजयी होने की ठोस संभावना है। खांड ने ये दावा शनिवार को किया। उन्होंने कहा कि प्रांतों की सरकारी एजेंसियों से मिली रिपोर्टों के आधार पर वे यह दावा कर रहे हैं। इन रिपोर्टों के मुताबिक इनमें से सिर्फ 23 संसदीय सीटें ऐसी हैं, जहां सत्ताधारी गठबंधन के उम्मीदवारों को कुछ चुनौती मिल रही है।

चुनावी समीकरणों की निगरानी कर रहे एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा है कि खांड ने ये बयान सत्ताधारी गठबंधन के पक्ष में माहौल बनाने के लिए दिया है। अखबार काठमांडू पोस्ट के मुताबिक नेपाल की सेना, सशस्त्र पुलिस बल और राष्ट्रीय खुफिया विभाग चुनाव के बारे में स्वतंत्र ढंग से आकलन कर रहे हैं। खुफिया के पूर्व प्रमुख गणेश अधिकारी ने काठमांडू पोस्ट को बताया कि सरकारी एजेंसियां अपनी रिपोर्ट सीधे प्रधानमंत्री को सौंपती हैं। सेना तो अपनी रिपोर्ट को नहीं सौंपती। उन्होंने कहा कि कई बार सरकारी एजेंसियां अपने सियासी बॉस को खुश करने के लिए उनके माफिक रिपोर्ट तैयार कर देती हैं।

सत्ताधारी गठबंधन में नेपाली कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनिफाइड सोशलिस्ट) और राष्ट्रीय जनमोर्चा शामिल हैं। इस गठबंधन का मुख्य मुकाबला कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) से है। यूएमएल के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने दावा किया है कि इस चुनाव में नेपाली कांग्रेस को 30 से 32 सीटें ही मिलेंगी। एक चुनाव सभा में उन्होंने कहा कि यूएमल को पूर्ण बहुमत मिलने जा रहा है।

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