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राजशाही बहाली की मांग: नेपाल में हजारों लोग सरकार के खिलाफ उतर रहे सड़कों पर

Sat, 05 Dec 2020 02:54 PM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू Published by: अनवर अंसारी Updated Sat, 05 Dec 2020 02:54 PM IST
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Nepal: Demonstration in capital Kathmandu demanding restoration of monarchy in the country
काठमांडू में प्रदर्शन - फोटो : ANI

नेपाल की राजधानी काठमांडू व अन्य शहरों में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। हजारों प्रदर्शनकारी देश में राजशाही की बहाली की मांग कर रहे हैं। इस हफ्ते पोखरा और बुटवाल जैसे बड़े शहरों में विरोध प्रदर्शन किए गए। इनकी मांग है कि दुनिया की आखिरी हिंदू राजशाही को वापस लाया जाए। 

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बड़ी संख्या में युवाओं का सहयोग
नेपाल में फेडरल डेमोक्रेटिक रिपब्लिकन सिस्टम के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। इसे 240 साल से चल रही राजशाही खत्म करने के बाद 2008 में लागू किया गया था। इन विरोध प्रदर्शन में युवा बड़ी संख्या में कूद पड़े हैं।
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ओली सरकार से त्रस्त हैं लोग
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल में राजशाही बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन तेज हो रहे हैं, क्योंकि आम लोग मौजूदा प्रजातांत्रिक व्यवस्था से नाराज हो चुके हैं। सत्तारूढ़ केपी शर्मा ओली सरकार के खिलाफ लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। लोगों का मानना है कि किसी भी राजा के समय से बदतर हालात मौजूदा सरकार के कार्यकाल में है। 
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हालात पहले की तरह बदतर 
रिपोर्ट की मानें तो लोग राजशाही को भी ज्यादा पसंद नहीं करते, लेकिन इसका समर्थन कर रहे हैं। 2008 के बाद सरकारें लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी, जो हालात उस समय थे वही हालात अब हैं। नेपाल अब भी दुनिया के सबसे भ्रष्ट देशों में से एक है। 2007 में लोग राजशाही के खिलाफ खड़े हो गए थे और उसे खत्म कर दिया गया था, लेकिन 13 साल बाद भी हालात वही हैं।


2008 में खत्म हुई थी राजशाही
28 मई 2008 को नेपाल में राजशाही खत्म हो गई थी। तब सभी पार्टियों को मिलाकर गठित संविधान सभा को देश का एक नया संविधान बनाने का काम सौंपा गया था। नेपाली राजनीतिक दलों को संविधान तैयार करने में सात साल का समय लगा था। 

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