फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Nepal celebrates Deepawali worshiping crow, dog besides Goddess Laxmi

Diwali In Nepal: नेपाल में दिवाली का जश्न, कौए-कुत्ते की भी की जा रही पूजा, उप-प्रधानमंत्री ने भी लिया हिस्सा

Sun, 12 Nov 2023 10:13 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 12 Nov 2023 10:13 PM IST
सार

Diwali In Nepal: नेपाल के उप प्रधानमंत्री नारायणकाजी श्रेष्ठ ने रविवार को दीपावली के जश्न के बीच सदियों पुरानी परंपरा और संस्कृति को संरक्षित करते हुए देश की आर्थिक समृद्धि और विकास का आह्वान किया।

विज्ञापन
Nepal celebrates Deepawali worshiping crow, dog besides Goddess Laxmi
Narayankaji Shrestha participated in Kukur Tihar - फोटो : PTI

विस्तार

नेपाल के उप प्रधानमंत्री नारायणकाजी श्रेष्ठ ने रविवार को दीपावली के जश्न के बीच सदियों पुरानी परंपरा और संस्कृति को संरक्षित करते हुए देश की आर्थिक समृद्धि और विकास का आह्वान किया।

विज्ञापन


नारायणकाजी श्रेष्ट देश के गृहमंत्री भी हैं। उन्होंने पांच दिवसीय त्योहार के दूसरे दिन कुकुर तिहार (कुत्तों की पूजा के लिए एक विशेष उत्सव) में भाग लिया। इसे यम पंचक भी कहा जाता है। इस साल चंद्र कैलेंडर के मुताबिक लक्ष्मी पूजा के साथ यह मेल खाता है। 
विज्ञापन


श्रेष्ठ ने कहा, लोगों के बीच सद्भावना विकसित करने, सामाजिक सद्भाव बनाने और उनके बीच राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने में दीपावली जैसे त्योहारों को मनाना महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि बहुजातीय और बहु-सांस्कृतिक देश होने के नाते नेपाल लंबे समय से अपने धार्मिक सद्भाव और विविधता के बीच एकता के लिए जाना जाता है। उन्होंने सदियों पुरानी परंपरा और संस्कृति को संरक्षित करके देश की आर्थिक समृद्धि और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

श्रेष्ठ ने काठमांडू से 10 किलोमीटर दक्षिण में स्थित एक पशु पुनर्वास केंद्र स्नेहा केयर में कुकुर तिहार उत्सव में भाग लिया, जहां वह कुत्ते की पूजा में इसके संस्थापक और अध्यक्ष स्नेहा श्रेष्ठ के साथ शामिल हुए।

पुनर्वास पशु केंद्र में दर्जनों गायों, भैंसों, बकरियों, भेड़ों और सूअरों के अलावा 150 से अधिक आवारा कुत्तों का घर है। केंद्र घायल और लावारिस कुत्तों, गायों और अन्य घरेलू जानवरों को आश्रय प्रदान करता है।


यम पंचक शनिवार को शुरू हुआ, जिसमें पहले दिन लोगों ने कौवे की पूजा की और उसके बाद दूसरे दिन कुकुर तिहार की पूजा की। धन की प्रतीक देवी लक्ष्मी की पूजा करने के अलावा, नेपाली तीसरे दिन गाय की पूजा और चारा भी करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed