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NATO: बाल्टिक सागर क्षेत्र में समुद्र के नीचे केबलों की सुरक्षा के लिए नाटो का मिशन, क्या है बाल्टिक सेंट्री?
Tue, 14 Jan 2025 05:27 PM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हेलसिंकी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हेलसिंकी
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 14 Jan 2025 05:27 PM IST
सार
NATO: नाटो गठबंधन बाल्टिक सागर क्षेत्र में समुद्र के नीचे केबलों की सुरक्षा के लिए एक नया मिशन शुरू कर रहा है। ये जानकारी नाटो महासचिव मार्क रूटे ने मंगलवार को दी है, उन्होंने इसके साथ ही इस नए मिशन के नाम का भी एलान किया है।
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मार्क रुटे, महासचिव, नाटो
- फोटो : ANI
विस्तार
नाटो महासचिव मार्क रूटे ने मंगलवार को घोषणा की कि नाटो गठबंधन बाल्टिक सागर क्षेत्र में समुद्र के नीचे केबलों की सुरक्षा के लिए एक नया मिशन शुरू कर रहा है। हेलसिंकी में बाल्टिक सागर पर मौजूद नाटो देशों के नेताओं के साथ एक बैठक में मार्क रूटे ने कहा कि इस प्रयास को बाल्टिक सेंट्री नाम दिया जाएगा।
बाल्टिक सेंट्री में शामिल होंगे ये समुद्री बेड़े
नाटो महासचिव ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, 'इसमें समुद्री युद्धपोत और समुद्री गश्ती विमान समेत कई तरह की संपत्तियां शामिल होंगी और बाल्टिक में हमारी सतर्कता बढ़ेगी।' उन्होंने यह भी कहा कि 'बढ़ी हुई निगरानी और रोकथाम प्रदान करने के लिए' नौसेना के ड्रोन का एक छोटा बेड़ा भी तैनात किया जाएगा।
'समुद्र के नीचे केबलों के जरिए सुरक्षित इंटरनेट ट्रैफिक'
बता दें कि, नाटो की यह बैठक बाल्टिक में हुई घटनाओं की एक श्रृंखला के बाद हो रही है, जिसने इस क्षेत्र में संभावित रूसी गतिविधियों के बारे में चिंताओं को बढ़ा दिया है। नए ऑपरेशन की घोषणा करते हुए मार्क रूटे ने कहा कि 95 प्रतिशत से अधिक इंटरनेट ट्रैफिक समुद्र के नीचे केबलों के माध्यम से सुरक्षित है और 1.3 मिलियन किलोमीटर (808,000 मील) केबल हर दिन अनुमानित 10 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के वित्तीय लेनदेन की गारंटी देते हैं।
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बुनियादी ढांचे पर हमला स्वीकार नहीं- मार्क रुटे
उन्होंने कहा, 'गठबंधन के सभी हिस्सों में, हमने साइबर हमलों, हत्या के प्रयासों और तोड़फोड़ के माध्यम से हमारे समाजों को अस्थिर करने के अभियान के तत्वों को देखा है, जिसमें बाल्टिक सागर में समुद्र के नीचे केबलों की संभावित तोड़फोड़ भी शामिल है।' मार्क रूटे ने कहा कि नाटो के विरोधियों को यह पता होना चाहिए कि गठबंधन अपने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमलों को स्वीकार नहीं करेगा, उन्होंने इस दौरान जिक्र किया कि 'हम यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी शक्ति में सब कुछ करेंगे कि हम जवाबी कार्रवाई करें, हम यह देखने में सक्षम हों कि क्या हो रहा है और फिर यह सुनिश्चित करने के लिए अगले कदम उठाएं कि ऐसा दोबारा न हो'।
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बाल्टिक सेंट्री में शामिल होंगे ये समुद्री बेड़े
नाटो महासचिव ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, 'इसमें समुद्री युद्धपोत और समुद्री गश्ती विमान समेत कई तरह की संपत्तियां शामिल होंगी और बाल्टिक में हमारी सतर्कता बढ़ेगी।' उन्होंने यह भी कहा कि 'बढ़ी हुई निगरानी और रोकथाम प्रदान करने के लिए' नौसेना के ड्रोन का एक छोटा बेड़ा भी तैनात किया जाएगा।
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'समुद्र के नीचे केबलों के जरिए सुरक्षित इंटरनेट ट्रैफिक'
बता दें कि, नाटो की यह बैठक बाल्टिक में हुई घटनाओं की एक श्रृंखला के बाद हो रही है, जिसने इस क्षेत्र में संभावित रूसी गतिविधियों के बारे में चिंताओं को बढ़ा दिया है। नए ऑपरेशन की घोषणा करते हुए मार्क रूटे ने कहा कि 95 प्रतिशत से अधिक इंटरनेट ट्रैफिक समुद्र के नीचे केबलों के माध्यम से सुरक्षित है और 1.3 मिलियन किलोमीटर (808,000 मील) केबल हर दिन अनुमानित 10 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के वित्तीय लेनदेन की गारंटी देते हैं।
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बुनियादी ढांचे पर हमला स्वीकार नहीं- मार्क रुटे
उन्होंने कहा, 'गठबंधन के सभी हिस्सों में, हमने साइबर हमलों, हत्या के प्रयासों और तोड़फोड़ के माध्यम से हमारे समाजों को अस्थिर करने के अभियान के तत्वों को देखा है, जिसमें बाल्टिक सागर में समुद्र के नीचे केबलों की संभावित तोड़फोड़ भी शामिल है।' मार्क रूटे ने कहा कि नाटो के विरोधियों को यह पता होना चाहिए कि गठबंधन अपने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमलों को स्वीकार नहीं करेगा, उन्होंने इस दौरान जिक्र किया कि 'हम यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी शक्ति में सब कुछ करेंगे कि हम जवाबी कार्रवाई करें, हम यह देखने में सक्षम हों कि क्या हो रहा है और फिर यह सुनिश्चित करने के लिए अगले कदम उठाएं कि ऐसा दोबारा न हो'।