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अमेरिकी केंद्रीय बैंक का फैसला: फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव, 3.9% पर बरकरार; अगला कदम क्या?

Wed, 28 Oct 2026 11:55 PM IST
शिवम गर्ग वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: शिवम गर्ग Updated Wed, 28 Oct 2026 11:55 PM IST
सार

US Fed Rate: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने महंगाई बढ़ने के बावजूद ब्याज दरों को करीब 3.9 फीसदी पर स्थिर रखा है। सितंबर में महंगाई 3.7 फीसदी पहुंच गई, जबकि होम लोन भी महंगे बने हुए हैं। क्या फेड दिसंबर में फिर ब्याज दरें बढ़ाएगा? आइए, जानते हैं...

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US Fed Rates Update October Monetary policy meeting Federal Reserve interest rates officials oppose Trump reac
फेडरल रिजर्व - फोटो : Adobestock

विस्तार
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अमेरिका में महंगाई का दबाव बने रहने के बावजूद फेडरल रिजर्व ने बुधवार को अपनी प्रमुख ब्याज दर में बदलाव नहीं किया। केंद्रीय बैंक ने दर को करीब 3.9 फीसदी पर बरकरार रखा। हालांकि, फेड के बयान से यह स्पष्ट नहीं हुआ कि आने वाले महीनों में ब्याज दरें बढ़ाई जाएंगी या उनमें कोई और बदलाव होगा।

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फेड ने अपनी दो दिवसीय नीतिगत बैठक के बाद जारी बयान में कहा कि महंगाई अब भी ऊंचे स्तर पर है। केंद्रीय बैंक के मुताबिक, आगे की नीति तय करने से पहले आर्थिक आंकड़ों और परिस्थितियों का आकलन करना जरूरी है। फेड का लक्ष्य महंगाई को दो फीसदी तक लाना है।
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फेड के चेयरमैन केविन वॉर्श के सामने महंगाई पर काबू पाने के साथ आर्थिक गतिविधियों को बनाए रखने की चुनौती है। पिछले महीने फेड ने तीन साल में पहली बार प्रमुख दर बढ़ाई थी। इस फैसले का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विरोध किया था और ब्याज दरों में कटौती की मांग की थी।
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सितंबर में महंगाई बढ़कर 3.7 फीसदी हुई
अमेरिका में उपभोक्ता कीमतों में तेजी फेड के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। सितंबर में महंगाई दर सालाना आधार पर बढ़कर 3.7 फीसदी हो गई, जबकि फरवरी में यह 2.4 फीसदी थी। अगस्त और सितंबर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में मासिक आधार पर 0.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।

फेड की ओर से बारीकी से देखे जाने वाले व्यक्तिगत उपभोग व्यय (पीसीई) मूल्य सूचकांक के आंकड़े भी अहम होंगे। सितंबर में इस सूचकांक की सालाना वृद्धि दर 3.6 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है, जबकि अगस्त में यह 3.4 फीसदी थी। खाद्य और ऊर्जा की कीमतों को हटाकर देखी जाने वाली कोर महंगाई दर 3.1 फीसदी रहने का अनुमान है।

ऊर्जा की ऊंची कीमतें और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़े बुनियादी ढांचे पर तेजी से हो रहा निवेश भी महंगाई को बढ़ाने वाले कारकों में शामिल हैं। ब्याज दरें बढ़ाने से इन पर काबू पाना आसान नहीं होगा।

फेड के दो अधिकारी दर बढ़ाने के पक्ष में
ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले पर फेड के दो अधिकारियों ने असहमति जताई। फेड की गवर्नर लिसा कुक और क्लीवलैंड फेड की अध्यक्ष बेथ हैमैक ने दर में 0.25 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी के पक्ष में मतदान किया। कुक की यह 2022 में बोर्ड में नियुक्ति के बाद पहली असहमति थी। ट्रंप प्रशासन उन्हें पद से हटाने की कोशिश कर चुका है, लेकिन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने जून में मुकदमे की सुनवाई पूरी होने तक उन्हें पद पर बने रहने की अनुमति दी थी। कुक ने अपने ऊपर लगे मॉर्गेज धोखाधड़ी के आरोपों से इनकार किया है।

महंगा हुआ होम लोन, आम लोगों पर बढ़ा दबाव
अमेरिका में ब्याज दरों का असर घर खरीदने और कर्ज लेने की लागत पर भी पड़ रहा है। इस महीने की शुरुआत में 30 साल के होम लोन की औसत ब्याज दर तीन साल के उच्च स्तर 7.4 फीसदी पर पहुंच गई थी। इसके बाद इसमें कुछ गिरावट आई। आर्थिक परामर्श कंपनी ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के अनुसार, साल की शुरुआत से ऊंची मॉर्गेज दरों के कारण पांच लाख नहीं, बल्कि करीब 50 लाख अतिरिक्त अमेरिकी नागरिकों के लिए घर खरीदना मुश्किल हुआ है।

महंगे पेट्रोल, किराने के सामान और कपड़ों की कीमतों ने भी लोगों के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ाया है। ऐसे में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी होने पर होम लोन, वाहन कर्ज और क्रेडिट कार्ड से उधार लेना महंगा हो सकता है।


मजबूत अर्थव्यवस्था के बीच फेड के सामने चुनौती
अमेरिकी अर्थव्यवस्था की वृद्धि फिलहाल मजबूत बनी हुई है और बेरोजगारी दर 4.2 फीसदी है। हालांकि, नई नौकरियां पैदा होने की रफ्तार धीमी है। फैक्टसेट के अनुमान के मुताबिक, जुलाई से सितंबर की तिमाही में अमेरिकी अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर तीन फीसदी रह सकती है, जबकि अप्रैल से जून की तिमाही में यह 2.2 फीसदी थी। कुछ अर्थशास्त्रियों का मानना है कि मजबूत आर्थिक वृद्धि से पता चलता है कि अर्थव्यवस्था ऊंची ब्याज दरों का दबाव सह सकती है। दूसरी ओर, महंगाई को दो फीसदी के लक्ष्य तक लाने के लिए फेड को सख्त नीति बनाए रखने की जरूरत पड़ सकती है।

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